फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Increased breathing in hospitals, asthma patients, be careful

Shamli News: अस्पतालों में बढ़े श्वांस, अस्थमा के मरीज, बरतें सावधानी

Thu, 11 May 2023 12:10 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 11 May 2023 12:10 AM IST
विज्ञापन
Increased breathing in hospitals, asthma patients, be careful
शामली सीएचसी में मरीजो का चैकप करते चिकित्सक
अस्पतालों में बढ़े श्वांस, अस्थमा के मरीज, बरतें सावधानी
विज्ञापन

मौसम परिवर्तन, धूल भरी आंधी, गेहूं कटाई का सीजन होने से बनी समस्या
सरकारी व निजी अस्पतालों में 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़े मरीज
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। मौसम में बार-बार बदलाव, धूल भरी आंधी चलने और गेहूं कटाई की वजह से सरकारी व निजी अस्पतालों में श्वास और अस्थमा के मरीजों की संख्या 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ी है। चिकित्सकों का कहना है कि इस तरह के मरीजों को ऐसे मौसम में सावधानी बरतने के साथ ही नियमित रूप से दवा लेनी चाहिए। इसमें लापरवाही भारी पड़ सकती है।
पिछले महीने अप्रैल से जिले का मौसम स्थिर न होकर बार-बार बदल रहा है। कभी मौसम गर्म ताे कभी ठंडा हो रहा है। कभी बारिश होती है तो कभी तेज धूप निकलती है। बीच-बीच में तेज हवा और आंधी चलने से धूल के गुब्बार उड़ते रहे हैं। इस तरह का मौसम लोगों की सेहत पर प्रतिकूल असर डाल रहा है। इस मौसम में वायरल बुखा, नजला, जुकाम व खांसी के मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा है। इसके साथ ही श्वास और अस्थमा के रोगी भी 15 से 20 प्रतिशत बढ़ गए हैं। सीएचसी में लगभग 550-600 मरीज रोज आ रहे हैं। इनमें पहले सांस और अस्थमा के 50-55 मरीज आ रहे थे। अब इनकी संख्या बढ़कर 70-75 तक हो गई है।
विज्ञापन

सीएचसी के चिकित्सक डॉ. बिजेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले 15 दिन से श्वास और अस्थमा के मरीजों की संख्या बढ़ी है। इसकी वजह मौसम में बार-बार बदलाव, धूल भरी आंधी और हाल ही में हुई गेहूं की कटाई की वजह से सांस और अस्थमा के मरीजों की समस्या बढ़ जाती है। इस तरह के मरीजों को सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

फिजिशियन डॉ. पंकज गर्ग का कहना है कि जब गेहूं कटाई का सीजन होता है तो उसका भूसे के संपर्क में आने से श्वास और एलर्जी के मरीज बढ़ते हैं। इसके अलावा मौसम में परिवर्तन के दौरान ज्यादा ठंडा पानी पीने से यह समस्या बनती है। इसलिए ऐसे मौसम में मरीजों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। जो दवा पहले से चल रही है, उसे बंद न करें। समस्या होने पर चिकित्सक की सलाह से नियमित रूप से दवा लेते रहें। कोई भी दवा बिना चिकित्सक की सलाह से न ले। उनका कहना है कि मौसम के स्थिर होने पर इस तरह के मरीजों को राहत मिलेगी।
लक्षण:
-लगातार खांसी होना
- सांस लेने में परेशानी होना
- सीने में जकड़न होना
- बलगम के साथ खून आना
- खराश सूजन के साथ गले में दर्द होना
- आवाज में बदलाव होना
- शरीर में दर्द व थकान होना
------
बचाव:
- धूम्रपान व तंबाकू का सेवन न करें
- धूल वाले स्थानों पर जाने से बचे
- वायु प्रदूषण से बचाव के लिए फेस मास्क लगाएं
- जरूरत के अनुसार भाप ले
- नियमित रूप से सांस की दवा लेते रहे
- कोई भी समस्या होने पर चिकित्सक की सलाह ले
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed