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मौसम में गर्माहट से घटी बासमती की महक
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Sun, 16 Oct 2016 12:29 AM IST
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बरसात ने बिगाड़ा धान का स्वाद
- फोटो : अमर उजाला
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शामली। मौसम की गर्माहट बासमती धान पर भारी पड़ रही है। बासमती धान में पहले जैसी खुशबू नहीं रही। वहीं, उम्मीद से अधिक गर्मी के कारण धान में बाली सफेद होने और तेला रोग के कारण दाना काला पड़ रहा है।
दरअसल, इस वर्ष गर्मी कुछ ज्यादा ही रही। अक्तूबर माह के दूसरे सप्ताह तक तापमान 32 और 35 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा। जबकि पूर्व के वर्षों में सितंबर के बीच से ही मौसम में ठंडक घुलने लगती थी।
इसका असर धान की अगैती प्रजाति की फसल पर पड़ रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र बघरा के वैज्ञानिक डाॅ. पीके सिंह का कहना है कि अगैती प्रजाति के बासमती धान के लिए अधिकतम तापमान 25 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच होना चाहिए, जबकि इस बार तापमान 30 डिग्री से ऊपर रहा। धान की फसल को ऐसा मौसम चाहिए जो उसकी पैदावार के अनुकूल रहे।
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पर्यावरण के बिगड़ते संतुलन के कारण इस बार उम्मीद से ज्यादा गर्म मौसम है। इसका सीधा असर बासमती धान की फसल पर हो रहा है।
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दरअसल, इस वर्ष गर्मी कुछ ज्यादा ही रही। अक्तूबर माह के दूसरे सप्ताह तक तापमान 32 और 35 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा। जबकि पूर्व के वर्षों में सितंबर के बीच से ही मौसम में ठंडक घुलने लगती थी।
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इसका असर धान की अगैती प्रजाति की फसल पर पड़ रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र बघरा के वैज्ञानिक डाॅ. पीके सिंह का कहना है कि अगैती प्रजाति के बासमती धान के लिए अधिकतम तापमान 25 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच होना चाहिए, जबकि इस बार तापमान 30 डिग्री से ऊपर रहा। धान की फसल को ऐसा मौसम चाहिए जो उसकी पैदावार के अनुकूल रहे।
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पर्यावरण के बिगड़ते संतुलन के कारण इस बार उम्मीद से ज्यादा गर्म मौसम है। इसका सीधा असर बासमती धान की फसल पर हो रहा है।