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Shamli News: जिले में वर्ष की पहली छमाही में लक्ष्य से ज्यादा मिले क्षय रोगी

Thu, 16 Jul 2026 01:15 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jul 2026 01:15 AM IST
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In the first half of the year, more tuberculosis patients were found in the district than the target.
1975 मरीजों का था लक्ष्य, मिले 1986 रोगी
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100 दिन के अभियान में 46 नए केस मिले, 1986 मरीजों का चल रहा उपचार
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिले में लगातार नए क्षय रोगी मिल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के जागरूकता कार्यक्रम और अभियान के बाद भी क्षय रोगियों में कमी नहीं आ रही है। इस वर्ष के पहले छह माह में 1975 मरीजों को तलाश करने के लक्ष्य से अधिक 1986 मरीज सामने आए हैं। जिले में चलाए गए 100 दिवसीय अभियान में 46 नए केस मिले हैं। वर्तमान में जिले में 1986 मरीज उपचार पर चल रहे हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जिले में 24 मार्च से 100 दिवसीय क्षय रोगी खोज अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य टीमों ने घर-घर जाकर मरीजों की स्क्रीनिंग की और शिविर लगातार संदिग्ध मरीजों के एक्सरे जांच कराई गई। अभियान में 80 हाई रिस्क गांवों पर ज्यादा फोकस रखा गया। स्वास्थ्य टीमें अब स्लम एरिया, ईंट भट्ठों, औद्योगिक क्षेत्रों में मरीजों की स्क्रीनिंग कर रही है।
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जिला कार्यक्रम प्रबंधक राहुल त्यागी ने बताया कि अब तक करीब 121 गांवों में 12845 संदिग्ध लोगों की स्क्रीनिंग कर एक्सरे जांच कराई गई। इनमें 46 मरीजों में क्षय रोग की पुष्टि हुई। उन्होंने बताया कि वर्ष के पहले छह माह में एक जनवरी से 30 जून तक 1974 के लक्ष्य के सापेक्ष 1986 क्षय रोगी तलाश किए जा चुके हैं। पूरे वर्ष का लक्ष्य 3948 क्षय रोगी खोजने का लक्ष्य है।
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नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. अथर जमील ने बताया कि क्षय रोग पूरी तरह ठीक होने वाली बीमारी है। समय पर जांच और नियमित इलाज से मरीज स्वस्थ हो सकता है। सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर क्षय रोग की जांच और उपचार की निशुल्क सुविधा उपलब्ध है।

बचाव
लगातार दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक खांसी रहने पर तुरंत जांच कराएं।
खांसते या छींकते समय रुमाल या कोहनी से मुंह और नाक ढकें।
घर और कार्यस्थल पर पर्याप्त धूप व ताजी हवा का प्रबंध रखें।
पौष्टिक एवं संतुलित भोजन करें, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहे।
रोगी की दवा बीच में न रोकें और चिकित्सक की सलाह के अनुसार पूरा उपचार लें।
रोगी के निकट संपर्क में रहने वाले लोगों की भी समय-समय पर जांच कराएं।

लक्षण:
दो सप्ताह से अधिक खांसी।
बलगम या खून आना।
बुखार, रात में पसीना आना, वजन घटना और भूख कम लगना।
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