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दिन में रही राहत, शाम को फिर बरसी आसमान से आफत
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शामली मे मेरठ-करनाल हाईवे पर रेलपार बाईपास के पास सड़क के गड्ढों में भरा पानी।
- फोटो : SHAMLI
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। बारिश से शनिवार को दिनभर राहत रही परंतु शाम को हुई करीब 100 मिलीमीटर बारिश से शहर में जगह-जगह जलभराव हो गया। कई जगह दुकानों और घरों में भी पानी भर गया। जिसके चलते लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। देहात क्षेत्र में कई मकानों की छत व दीवारें गिर गई। थानाभावन में चार लोग घायल हो गए।
कई दिन से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। शनिवार को दिन में बारिश रुकी रहने से लोगों को थोड़ी राहत मिली। जिसके चलते बाजारों में भीड़ दिखाई दी। नवरात्र के लिए लोगों ने खरीदारी की। वहीं, शाम करीब छह बजे फिर से तेज बारिश शुरू हो गई। करीब डेढ़ घंटे तक झमाझम बारिश हुई। जिससे शहर के माजरा रोड, कबाड़ी बाजार, नेहरू मार्केट, विजय चौक, टंकी रोड, रेलपार, पंसारियान, सीबी गुप्ता कॉलोनी, आर्यपुरी आदि क्षेत्रों में जलभराव हो गया। मौसम विभाग के मुताबिक रविवार और सोमवार को भी बारिश के आसार हैं।
किसानों के अरमानों पर फिरा पानी
पिछले कई दिन से हो रही बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। जलमग्न होने के बाद चली हवाओं ने धान की फसल के साथ गन्ना व चारे को बिछा दिया है। जिससे किसानों को भारी नुकसान होने का अंदेशा है। बारिश के पानी से हाईवे व लिंक रोड में गड्ढे बन गए हैं। झिंझाना क्षेत्र के दर्जनों गांव वेदखेड़ी, अशरफपुर, मंसूरा, चौतरा, बड़ौली आदि में धान की अगेती फसल लगाने वाले किसानों को पानी भरने के बाद चली हवाओं से भारी नुकसान होने का खतरा बना हुआ है।
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मेरठ-करनाल हाईवे के गड्ढे भरना बना मुसीबत
बारिश के चलते मेरठ-करनाल हाईवे शहर में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। गड्ढों में वाहनों के पलटने की आशंका बढ़ गई थी। जिसके चलते प्रशासन ने गड्ढे भरवाने के लिए रोड़ी और मिट्टी डलवा दी। जिससे सड़क पर काफी कीचड़ हो गई। लोगों को पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। कीचड़ में वाहन फंस गए और जाम की स्थिति बनी रही।
बारिश से पांच कच्चे मकानों की छत व दीवारें गिरीं
फोटो
कैराना। बारिश से पांच कच्चे मकानों की छत व दीवारें गिर र्गइं। देर शाम तहसील क्षेत्र के गांव इस्सोपुर खुरगान निवासी सालिम, इंतजार, असलम, अय्यूब व अनीस के कच्चे मकानों की दीवारें व छत गिर गईं। कच्चे मकानों की छत व दीवारें गिरने से जनहानि नहीं हुई। सभी मकान मालिकों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन कर रखा है, लेकिन आज तक भी मकान नहीं बने।
टपकने लगे किसान सेवा सहकारी समिति व ब्लॉक कार्यालय
फोटो
ऊन। बारिश के चलते ब्लॉक कार्यालय की छत टपकने लगी। इसके अतिरिक्त किसान सेवा सहकारी समिति की छत भी टपकने लगी। रुक-रुक कर हो रही वर्षा के कारण ब्लॉक कार्यालय में छत पानी लेने के कारण टपकने लगी है। यहां लाखों रुपये खर्च कर दीवारों व फर्श पर टाइल्स लगवाई गईं तथा पेंट कराया गया था, लेकिन छत की मरम्मत न होने से पानी टपकने लगा। इसके अतिरिक्त किसान सेवा सहकारी समिति के कार्यालय की छत भी टपकने लगी। ब्लॉक व किसान सेवा सहकारी समिति के कार्यालय को बने हुए करीब 60 वर्ष से अधिक हो गए हैं। छत की मरम्मत नहीं हुई है। भवन जर्जर हो चुके हैं। जिससे कार्यालयों में रखा रिकॉर्ड खराब होने का खतरा पैदा हो गया है। इस संबंध में किसान सेवा सहकारी समिति के एमडी मोनू कुमार ने बताया कि भवन की मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। दूसरी ओर, खंड विकास अधिकारी प्रवीण कुमार से संपर्क नहीं हो पाया।
छत के मलबे में दबकर चार घायल
फोटो
थानाभवन। क्षेत्र के गांव भैसानी इस्लामपुर निवासी हनीफ पुत्र मजीद के घर की छत शुक्रवार रात बारिश के चलते गिर गई। मलबे की चपेट में आकर हनीफ व परिजन जमील, मुकर्रम, भूरी, अफसाना और अलीना घायल हो गए। हनीफ ने बताया कि छत गिरने से उसके घर में रखे फर्नीचर कपड़े खाने-पीने का सामान आदि मलबे में दबकर बर्बाद हो गया है। पीड़ित ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।
दो मकानों की दीवार व एक की छत गिरी
झिंझाना। सिंगरा के जाट फार्म में शनिवार सुबह दो मकानों की दीवार व एक मकान की छत का कुछ हिस्सा गिर गया। रामनिवास पुत्र धर्मपाल, सुधार पुत्र प्रेम राज और विजयपाल पुत्र नत्थन कश्यप के मकान आसपास हैं। सुबह इन दो मकानों की दीवार गिर गईं और तीसरे मकान की छत का कुछ हिस्सा गिर गया। गनीमत रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। बताया गया कि तीनों परिवारों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं हैं। थाना प्रभारी निरीक्षक हरीश राजपूत और तहसीलदार भोपाल सिंह ने इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी है ।
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शामली। बारिश से शनिवार को दिनभर राहत रही परंतु शाम को हुई करीब 100 मिलीमीटर बारिश से शहर में जगह-जगह जलभराव हो गया। कई जगह दुकानों और घरों में भी पानी भर गया। जिसके चलते लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। देहात क्षेत्र में कई मकानों की छत व दीवारें गिर गई। थानाभावन में चार लोग घायल हो गए।
कई दिन से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। शनिवार को दिन में बारिश रुकी रहने से लोगों को थोड़ी राहत मिली। जिसके चलते बाजारों में भीड़ दिखाई दी। नवरात्र के लिए लोगों ने खरीदारी की। वहीं, शाम करीब छह बजे फिर से तेज बारिश शुरू हो गई। करीब डेढ़ घंटे तक झमाझम बारिश हुई। जिससे शहर के माजरा रोड, कबाड़ी बाजार, नेहरू मार्केट, विजय चौक, टंकी रोड, रेलपार, पंसारियान, सीबी गुप्ता कॉलोनी, आर्यपुरी आदि क्षेत्रों में जलभराव हो गया। मौसम विभाग के मुताबिक रविवार और सोमवार को भी बारिश के आसार हैं।
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किसानों के अरमानों पर फिरा पानी
पिछले कई दिन से हो रही बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। जलमग्न होने के बाद चली हवाओं ने धान की फसल के साथ गन्ना व चारे को बिछा दिया है। जिससे किसानों को भारी नुकसान होने का अंदेशा है। बारिश के पानी से हाईवे व लिंक रोड में गड्ढे बन गए हैं। झिंझाना क्षेत्र के दर्जनों गांव वेदखेड़ी, अशरफपुर, मंसूरा, चौतरा, बड़ौली आदि में धान की अगेती फसल लगाने वाले किसानों को पानी भरने के बाद चली हवाओं से भारी नुकसान होने का खतरा बना हुआ है।
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मेरठ-करनाल हाईवे के गड्ढे भरना बना मुसीबत
बारिश के चलते मेरठ-करनाल हाईवे शहर में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। गड्ढों में वाहनों के पलटने की आशंका बढ़ गई थी। जिसके चलते प्रशासन ने गड्ढे भरवाने के लिए रोड़ी और मिट्टी डलवा दी। जिससे सड़क पर काफी कीचड़ हो गई। लोगों को पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। कीचड़ में वाहन फंस गए और जाम की स्थिति बनी रही।
बारिश से पांच कच्चे मकानों की छत व दीवारें गिरीं
फोटो
कैराना। बारिश से पांच कच्चे मकानों की छत व दीवारें गिर र्गइं। देर शाम तहसील क्षेत्र के गांव इस्सोपुर खुरगान निवासी सालिम, इंतजार, असलम, अय्यूब व अनीस के कच्चे मकानों की दीवारें व छत गिर गईं। कच्चे मकानों की छत व दीवारें गिरने से जनहानि नहीं हुई। सभी मकान मालिकों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन कर रखा है, लेकिन आज तक भी मकान नहीं बने।
टपकने लगे किसान सेवा सहकारी समिति व ब्लॉक कार्यालय
फोटो
ऊन। बारिश के चलते ब्लॉक कार्यालय की छत टपकने लगी। इसके अतिरिक्त किसान सेवा सहकारी समिति की छत भी टपकने लगी। रुक-रुक कर हो रही वर्षा के कारण ब्लॉक कार्यालय में छत पानी लेने के कारण टपकने लगी है। यहां लाखों रुपये खर्च कर दीवारों व फर्श पर टाइल्स लगवाई गईं तथा पेंट कराया गया था, लेकिन छत की मरम्मत न होने से पानी टपकने लगा। इसके अतिरिक्त किसान सेवा सहकारी समिति के कार्यालय की छत भी टपकने लगी। ब्लॉक व किसान सेवा सहकारी समिति के कार्यालय को बने हुए करीब 60 वर्ष से अधिक हो गए हैं। छत की मरम्मत नहीं हुई है। भवन जर्जर हो चुके हैं। जिससे कार्यालयों में रखा रिकॉर्ड खराब होने का खतरा पैदा हो गया है। इस संबंध में किसान सेवा सहकारी समिति के एमडी मोनू कुमार ने बताया कि भवन की मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। दूसरी ओर, खंड विकास अधिकारी प्रवीण कुमार से संपर्क नहीं हो पाया।
छत के मलबे में दबकर चार घायल
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थानाभवन। क्षेत्र के गांव भैसानी इस्लामपुर निवासी हनीफ पुत्र मजीद के घर की छत शुक्रवार रात बारिश के चलते गिर गई। मलबे की चपेट में आकर हनीफ व परिजन जमील, मुकर्रम, भूरी, अफसाना और अलीना घायल हो गए। हनीफ ने बताया कि छत गिरने से उसके घर में रखे फर्नीचर कपड़े खाने-पीने का सामान आदि मलबे में दबकर बर्बाद हो गया है। पीड़ित ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।
दो मकानों की दीवार व एक की छत गिरी
झिंझाना। सिंगरा के जाट फार्म में शनिवार सुबह दो मकानों की दीवार व एक मकान की छत का कुछ हिस्सा गिर गया। रामनिवास पुत्र धर्मपाल, सुधार पुत्र प्रेम राज और विजयपाल पुत्र नत्थन कश्यप के मकान आसपास हैं। सुबह इन दो मकानों की दीवार गिर गईं और तीसरे मकान की छत का कुछ हिस्सा गिर गया। गनीमत रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। बताया गया कि तीनों परिवारों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं हैं। थाना प्रभारी निरीक्षक हरीश राजपूत और तहसीलदार भोपाल सिंह ने इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी है ।

शामली मे मेरठ-करनाल हाईवे पर रेलपार बाईपास के पास सड़क के गड्ढों में भरा पानी।- फोटो : SHAMLI

शामली मे मेरठ-करनाल हाईवे के गड्ढों में भरा पानी।- फोटो : SHAMLI

शामली मे मेरठ-करनाल हाईवे पर गड्ढे भरने के लिए बिछाई गई रोड़ी व मिट्टी से गुजरते वाहन।- फोटो : SHAMLI

शामली में छाता लगा कर गुजरते युवक।- फोटो : SHAMLI