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बजट के अभाव में अटकी महत्वपूर्ण परियोजनाएं

Thu, 14 Jun 2018 11:56 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली Updated Thu, 14 Jun 2018 11:56 PM IST
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Important projects stuck in absence of budget
शामली में निर्माणाधीन विकास भवन। - फोटो : अमर उजाला
शामली जिले के विकास में बजट का अभाव आड़े आ रहा है। कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं धनाभाव में एक साल से अधर में लटकी हुई हैं। जिला प्रशासन ने परियोजनाओं को पूरा कराने के लिए शासन से धनराशि की मांग की है। उसमें कलक्ट्रेट के गैर आवासीय और आवासीय भवनों के साथ ही अन्य कई परियोजनाओं के रिवाइज स्टीमेट भेजे गए हैं।
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शामली जनपद का सृजन 2011 मे हुआ था, जिसके बाद कलक्ट्रेट, विकास भवन, जिला अस्पताल, पुलिस लाइन, पुलिस ऑफिस सहित विभिन्न कार्यालयों और आवासीय भवनों के निर्माण की प्रक्रिया चल रही है। कलक्ट्रेट के गैर आवासीय भवनों के लिए पूर्व में 10 करोड़ 41 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे, जिसमें से 9 करोड़ 89 लाख रुपये अवमुक्त हुए थे। अब कलक्ट्रेट के गैर आवासीय भवनों के लिए 33 करोड़ 63 लाख रुपये का रिवाइज स्टीमेट भेजा गया है। धनराशि न मिलने के कारण कलक्ट्रेट भवन का निर्माण एक साल से रुका हुआ है। वहीं, कलक्ट्रेट के आवासीय भवनों के लिए स्वीकृत धनराशि 5 करोड़ 39 लाख रुपये अवमुक्त हुए थे, जिसका रिवाइज स्टीमेट 13 करोड़ 85 लाख रुपये का शासन को भेजा गया है।
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इसके अलावा तहसील ऊन में गैर आवासीय भवनों के निर्माण के लिए 6 करोड़ 26 लाख और आवासीय भवनों के लिए 5 करोड़ 79 लाख रुपये का रिवाइज स्टीमेट भेजा गया है। इसी तरह शामली तहसील के आवासीय भवनों के लिए तीन करोड़ 72 लाख रुपये का रिवाइज स्टीमेट भेजा है। वहीं, प्लास्टिक सर्जरी एवं बर्न यूनिट का निर्माण और भैंसवाल में निरीक्षण भवन का जीर्णोद्धार का कार्य भी एक साल से बंद है। कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास ऊन, कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास पंजीठ और भभीसा का निर्माण कार्य 18 महीने से धनराशि के अभाव में बाधित है। इसके अलावा राजकीय पालीटेक्निक जसाला में बालिका छात्रावास निर्माण के लिए एक करोड़ 71 लाख रुपये का रिवाइज स्टीमेट भेजा गया है। इस प्रकार से कुल 27 रियोजनाओं में से अधिकांश धनराशि के अभाव में लटकी हुई हैं।
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अपर जिलाधिकारी केबी सिंह ने बताया कि परियोजनाओं का निर्माण पूरा कराने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। जिन परियोजनाओं पर खर्च बढ़ा है, उनके लिए रिवाइज स्टीमेट भेजे गए हैं, जबकि अन्य परियोजनाओं के लिए स्वीकृत धनराशि में से अगली किश्त भिजवाने की मांग की गई है। उन्होंने बताया कि शासन से धनराशि अवमुक्त होते ही तेजी से निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
कुछ परियोजनाओं में प्रगति पर है कार्य 100 बेड वाले संयुक्त चिकित्सालय के लिए 39 करोड़ 82 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे, जिसमें से 20 करोड़ 15 लाख रुपये अवमुक्त हुए। इस परियोजना का कार्य प्रगति पर चल रहा है। इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसाला का निर्माण 80 प्रतिशत हो चुका है, तो पूर्वी यमुना नहर की पटरी को पक्का किए जाने का कार्य भी प्रगति पर है।
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