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हिंदी में बिंदी और मात्राओं का महत्व
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शामली हिंदी के शिक्षक रवि खन्ना।
- फोटो : SHAMLI
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हिंदी में बिंदी और मात्राओं का महत्व ज्यादा
शामली। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा दो दिन बाद शुरू हो रही है। बोर्ड परीक्षा की शुरूआत 24 मार्च को हिंदी विषय के प्रश्नपत्र से होगी। बोर्ड परीक्षा में विद्यार्थी हिंदी विषय को अक्सर आसान समझते हैं, जिसका असर रिजल्ट पर पड़ता है। हिंदी की परीक्षा की तैयारी विद्यार्थी कैसे करें, इसे लेकर राष्ट्रीय किसान इंटर कॉलेज के हिंदी प्रवक्ता डॉ. रवि खन्ना से बात की गई। उनका कहना है कि विद्यार्थी हिंदी की परीक्षा की तैयारी ध्यान से समझकर करें तो बेहतर अंक मिलेंगे और इसका श्रेणी सुधार में विशेष योगदान रहेगा। परीक्षा में सुलेख के साथ बिंदी और मात्रा का बहुत महत्व है। सही स्थान पर बिंदी और सही मात्रा का प्रयोग करने पर फोकस रखें। परीक्षा से पूर्व इसका लगातार अभ्यास करते रहें।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को हिंदी विषय को हल्के में नहीं लेना चाहिए। इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से तैयारी करनी होगी। विद्यार्थियों को सबसे पहले गद्य और पद्य की व्याख्याएं संदर्भ, प्रसंग और काव्य सौंदर्य सहित समझकर याद करनी चाहिए। परीक्षा में प्रश्न को हल करते हुए उसे योजनाबद्ध तरीके से अभिव्यक्त करना चाहिए। महाकवियों और लेखकों के जीवन परिचय, उनके जन्म और निधन की तिथि के साथ ही उनकी उल्लेखनीय कृतियों को समझकर याद करना चाहिए। संस्कृत के भाग में गद्य व पद्य के दोनों अनुवादों को स्पष्ट रूप से लिखे। व्याकरण प्रमाण के अंतर्गत हाईस्कूल के छात्रों को उपसर्ग, रस, अलंकार, छंद आदि का विशेष रूप से अध्ययन उदाहरण सहित करना चाहिए। निबंध लिखते समय अपनी मौलिक अभिव्यक्ति अवश्य लिखनी चाहिए। प्रश्नों के उत्तर स्पष्ट लिखे होने चाहिए। इसके अलावा हिंदी की परीक्षा में सुलेख के साथ बिंदी और मात्रा का विशेष रूप से ध्यान रखें। इसके लिए लगातार अभ्यास करते रहना चाहिए।
महत्वपूर्ण बिंदू
- पढ़ाई का समय निश्चित करें और नियमित रूप से पढ़ें।
- महत्वपूर्ण टॉपिक को अच्छी तरह से तैयार कर ले।
- हिंदी विषय में सुलेख का अवश्य ध्यान रखें।
- निबंध विषय में अपनी मौलिकता अवश्य दें।
- प्रश्न पत्र को क्रमबद्ध तरीके से करने की कोशिश करें। जो प्रश्न अच्छी तरह याद है, उसे सबसे पहले करें।
- अतिरिक्त कोई भी चीज ना लिखें, जितना पूछा जाए, उतना ही उत्तर लिखें।
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शामली। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा दो दिन बाद शुरू हो रही है। बोर्ड परीक्षा की शुरूआत 24 मार्च को हिंदी विषय के प्रश्नपत्र से होगी। बोर्ड परीक्षा में विद्यार्थी हिंदी विषय को अक्सर आसान समझते हैं, जिसका असर रिजल्ट पर पड़ता है। हिंदी की परीक्षा की तैयारी विद्यार्थी कैसे करें, इसे लेकर राष्ट्रीय किसान इंटर कॉलेज के हिंदी प्रवक्ता डॉ. रवि खन्ना से बात की गई। उनका कहना है कि विद्यार्थी हिंदी की परीक्षा की तैयारी ध्यान से समझकर करें तो बेहतर अंक मिलेंगे और इसका श्रेणी सुधार में विशेष योगदान रहेगा। परीक्षा में सुलेख के साथ बिंदी और मात्रा का बहुत महत्व है। सही स्थान पर बिंदी और सही मात्रा का प्रयोग करने पर फोकस रखें। परीक्षा से पूर्व इसका लगातार अभ्यास करते रहें।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को हिंदी विषय को हल्के में नहीं लेना चाहिए। इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से तैयारी करनी होगी। विद्यार्थियों को सबसे पहले गद्य और पद्य की व्याख्याएं संदर्भ, प्रसंग और काव्य सौंदर्य सहित समझकर याद करनी चाहिए। परीक्षा में प्रश्न को हल करते हुए उसे योजनाबद्ध तरीके से अभिव्यक्त करना चाहिए। महाकवियों और लेखकों के जीवन परिचय, उनके जन्म और निधन की तिथि के साथ ही उनकी उल्लेखनीय कृतियों को समझकर याद करना चाहिए। संस्कृत के भाग में गद्य व पद्य के दोनों अनुवादों को स्पष्ट रूप से लिखे। व्याकरण प्रमाण के अंतर्गत हाईस्कूल के छात्रों को उपसर्ग, रस, अलंकार, छंद आदि का विशेष रूप से अध्ययन उदाहरण सहित करना चाहिए। निबंध लिखते समय अपनी मौलिक अभिव्यक्ति अवश्य लिखनी चाहिए। प्रश्नों के उत्तर स्पष्ट लिखे होने चाहिए। इसके अलावा हिंदी की परीक्षा में सुलेख के साथ बिंदी और मात्रा का विशेष रूप से ध्यान रखें। इसके लिए लगातार अभ्यास करते रहना चाहिए।
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महत्वपूर्ण बिंदू
- पढ़ाई का समय निश्चित करें और नियमित रूप से पढ़ें।
- महत्वपूर्ण टॉपिक को अच्छी तरह से तैयार कर ले।
- हिंदी विषय में सुलेख का अवश्य ध्यान रखें।
- निबंध विषय में अपनी मौलिकता अवश्य दें।
- प्रश्न पत्र को क्रमबद्ध तरीके से करने की कोशिश करें। जो प्रश्न अच्छी तरह याद है, उसे सबसे पहले करें।
- अतिरिक्त कोई भी चीज ना लिखें, जितना पूछा जाए, उतना ही उत्तर लिखें।