{"_id":"5e7f7fd98ebc3e774b5e2877","slug":"if-china-had-taken-steps-like-india-it-would-not-have-happened-shamli-news-mrt475661277","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारत जैसा कदम चीन उठा लेता तो यह नौबत ना आती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भारत जैसा कदम चीन उठा लेता तो यह नौबत ना आती
विज्ञापन
शामली में कांधला का सोनू।
- फोटो : SHAMLI
शामली । कोरोना वायरस की सबसे अधिक मार झेल रहे चीन के शहर वुहान में शामली के कुडाना गांव के कई युवक योग सिखा रहे थे। जनवरी माह में वहां लॉक डाउन में 8 दिन फंसे रहे इन शिक्षकों को भारत सरकार एक फरवरी को एयर इंडिया के विमान से देश में वापस लेकर आई। हरियाणा के मानेसर स्थित सेना के अस्पताल में 18 दिन रखा गया और जांच पूरी होने के बाद उन्हें क्लीनचिट देकर भेजा गया। अब यह शिक्षक अपने गांव में है। यह सब आज भी वहां का भयानक मंजर याद कर सहर जाते हैं। इनका कहना है कि जितनी जल्दी भारत ने लॉक डाउन जैसे ठोस कदम उठाए, यदि चीन समय रहते यह कदम उठा लेता तो वहां ऐसी नौबत ना आती है।
भारत से जल्द गायब हो जाएगा कोरोना
कुड़ाना गांव के देशपाल के पुत्र कुलदीप मलिक ने बताया कि चीन के वुहान शहर में दिसंबर से ही कोरोना वायरस की शुरुआत हो गई थी। जनवरी में खूब केस मिलने लगे थे 18 जनवरी तक तो उन्होंने भी अपनी योग क्लासेस की लेकिन जब वहां मौतों का सिलसिला शुरू हो गया तो 22 जनवरी को वहां लॉकडाउन की घोषणा की गई। अचानक लॉकडाउन से सब मुश्किल में फंस गए। घर में खाने को ज्यादा सामान नहीं था, जो बचा था, दिन में थोड़ा बहुत खा कर पूरा दिन गुजारते थे। हर रोज कई कई मौतें होने की खबर आने लगीं तो और दहशत बन गई। इतना डर बैठ गया कि घर में भी मास्क लगाकर रहने लगे।
डर और एहतियात ही कोरोना का बचाव
कुडाना के विकास ने कहा कि टेक्नोलॉजी में भले ही चीन आ गई हो लेकिन कोरोना वायरस के मामले में हमारे देश की सरकार ने चीन से पहले लॉक डाउन का सही और सटीक निर्णय लिया। इसका असर कुछ दिनों बाद नजर आएगा क्योंकि यह छुआछूत की बीमारी है। लोग घर से बाहर नहीं निकलेंगे तो यह वायरस खुद ही खत्म हो जाएगा। उसने चीन के वुहान शहर में यह सब देखा है इसलिए अपने गांव में हर तीसरे दिन घर के दरवाजे सैनिटाइज करता है घर में रहने वाले उसके माता-पिता पत्नी बच्चे और भाभी सब के पास सैनिटाइजर है। हर घंटे में भी हाथ साफ करते हैं। डर और एहतियाती इसके बचाव का उपाय है।
विज्ञापन
सही समय पर सरकार ने किया लॉक डाउन
गांव के ही ब्रजवीर के पुत्र कुलदीप भी चीन के वुहान शहर में योग शिक्षक है। शनिवार को अपने घर पर बैठा अपनी मां से भी इसी मसले पर बात कर रहा था कुलदीप ने बताया कि वुहान में लॉक डाउन के बाद वे अपने घरों में कैद ही रहे। पहले तो उन्हें ज्यादा परेशानी नहीं हुई लेकिन जब हर रोज शहर में कई लोगों की मौत होने की सूचना आने लगी तो उन्हें भी डर लगने लगा। घर आना चाहते थे लेकिन पूरा शहर बंद था। घर वाले भी परेशान थे लेकिन शुक्र रहा कि सरकार ने उन्हें देश वापस बुला लिया। हमारे देश में भी कोरोना वायरस आ गया है लेकिन सरकार ने समय रहते लॉक डाउन का सही निर्णय लिया है यदि चीन सरकार पहले ही यह कदम उठा लेती तो यहां ऐसी नौबत ना आती।
विज्ञापन
भारत से जल्द गायब हो जाएगा कोरोना
कुड़ाना गांव के देशपाल के पुत्र कुलदीप मलिक ने बताया कि चीन के वुहान शहर में दिसंबर से ही कोरोना वायरस की शुरुआत हो गई थी। जनवरी में खूब केस मिलने लगे थे 18 जनवरी तक तो उन्होंने भी अपनी योग क्लासेस की लेकिन जब वहां मौतों का सिलसिला शुरू हो गया तो 22 जनवरी को वहां लॉकडाउन की घोषणा की गई। अचानक लॉकडाउन से सब मुश्किल में फंस गए। घर में खाने को ज्यादा सामान नहीं था, जो बचा था, दिन में थोड़ा बहुत खा कर पूरा दिन गुजारते थे। हर रोज कई कई मौतें होने की खबर आने लगीं तो और दहशत बन गई। इतना डर बैठ गया कि घर में भी मास्क लगाकर रहने लगे।
विज्ञापन
डर और एहतियात ही कोरोना का बचाव
कुडाना के विकास ने कहा कि टेक्नोलॉजी में भले ही चीन आ गई हो लेकिन कोरोना वायरस के मामले में हमारे देश की सरकार ने चीन से पहले लॉक डाउन का सही और सटीक निर्णय लिया। इसका असर कुछ दिनों बाद नजर आएगा क्योंकि यह छुआछूत की बीमारी है। लोग घर से बाहर नहीं निकलेंगे तो यह वायरस खुद ही खत्म हो जाएगा। उसने चीन के वुहान शहर में यह सब देखा है इसलिए अपने गांव में हर तीसरे दिन घर के दरवाजे सैनिटाइज करता है घर में रहने वाले उसके माता-पिता पत्नी बच्चे और भाभी सब के पास सैनिटाइजर है। हर घंटे में भी हाथ साफ करते हैं। डर और एहतियाती इसके बचाव का उपाय है।
विज्ञापन
सही समय पर सरकार ने किया लॉक डाउन
गांव के ही ब्रजवीर के पुत्र कुलदीप भी चीन के वुहान शहर में योग शिक्षक है। शनिवार को अपने घर पर बैठा अपनी मां से भी इसी मसले पर बात कर रहा था कुलदीप ने बताया कि वुहान में लॉक डाउन के बाद वे अपने घरों में कैद ही रहे। पहले तो उन्हें ज्यादा परेशानी नहीं हुई लेकिन जब हर रोज शहर में कई लोगों की मौत होने की सूचना आने लगी तो उन्हें भी डर लगने लगा। घर आना चाहते थे लेकिन पूरा शहर बंद था। घर वाले भी परेशान थे लेकिन शुक्र रहा कि सरकार ने उन्हें देश वापस बुला लिया। हमारे देश में भी कोरोना वायरस आ गया है लेकिन सरकार ने समय रहते लॉक डाउन का सही निर्णय लिया है यदि चीन सरकार पहले ही यह कदम उठा लेती तो यहां ऐसी नौबत ना आती।

शामली क्षेत्र के गांव कुडाना में मोबाइल में व्यस्त कुलदीप- फोटो : SHAMLI

शामली क्षेत्र के गांव कुडाना में अपनी माता से वार्ता करता कुलदीप पुत्र ब्रजवीर हाल ही में चीन से ?- फोटो : SHAMLI

शामली क्षेत्र के गांव कुडाना हाल में चीन के वुहान से लौटा विकास- फोटो : SHAMLI