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Shamli News: मौन थी जब तक यादें नहीं आईं, अब घर की दहलीज मुस्कुराई

Tue, 29 Jul 2025 12:28 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 29 Jul 2025 12:28 AM IST
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I was silent until I remembered, now there is a smile at the doorstep of my house
नौ महीने बाद महिला अपने परिजनों से मिलकर हुई भावुक
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। अपना घर आश्रम में लावारिस हालत में रह रही महिला नौ माह बाद अपने परिजनों से मिलकर भावुक हो गई। परिजन महिला को अपने साथ ले गए। महिला के घर पहुंचने पर परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
अपना घर आश्रम में तीन दिसंबर को हरिद्वार से अपना घर आश्रम शुक्रताल की रेस्क्यू टीम ने लावारिस असहाय महिला को अपना घर आश्रम शामली में भर्ती कराया गया था। उस समय महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण अपना नाम पता भी नहीं बता पाई थी। आश्रम की तरफ से महिला को मोनिका नाम दिया गया। उनका इलाज डॉ. अरुण रॉय के परामर्श से कराया गया। उपचार के बाद महिला की मानसिक स्थिति में सुधार हुआ। 27 जुलाई को महिला ने अपने भाई का फोन नंबर बताया।
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आश्रम की तरफ से उस नंबर पर कॉल की तो महिला के भाई खुर्शीद से बात हुई। महिला की उनके भाई से कराई गई। दोनों आपस में बात करके बहुत खुश हुए। खुर्शीद ने बताया कि वे अपनी बहन शबाना (मोनिका) को लेने अपना घर आश्रम शामली पहुंच रहे हैं। खुर्शीद ने बताया कि महिला नवंबर में घर से बिना बताए निकल गई थी। तलाश करने पर भी उनका कहीं पता नहीं चल सका था। भाई खुर्शीद व भतीजा जाकिर आलम अपना घर आश्रम पहुंचे और कार्यालय की कार्रवाई पूरी कर अपनी बहन को अपने गांव मोहनपुर जिला हरिद्वार, उत्तराखंड ले गए।
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