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मकान गिरा, बच्चों सहित चार दबे
शामली/अमर उजाला/ब्यूरो
Updated Fri, 27 Jul 2018 12:39 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कैराना। बारिश के चलते गांव तितरवाड़ा में एक मकान गिर गया। जिसके मलबे के नीचे दबकर परिवार के चार सदस्य घायल हो गए। घटनास्थल पर पहुंचे लोगों ने मलबे में दबे परिवार के सभी सदस्यों को बाहर निकाला और अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से दो घायलों को गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
गांव तितरवाड़ा निवासी जगपाल मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे वह परिवार के साथ कमरे में बैठा हुआ था। इसी बीच कमरा भरभराकर गिर पड़ा। कमरे की दीवारें पक्की थी, छत कड़ियों की कच्ची थी। हादसे में घर के मुखिया जगपाल (50), बेटी पूनम (7), बेटा कृष्ण (2) और कानपुर से आए मेहमान कर्मा (33) मलबे के नीचे दब गए।
जगपाल की पत्नी कमला व एक बेटा और एक बेटी कमरे के बाहर खुले में थे। घटना के बाद चीखपुकार मच गई और ग्रामीण मौके की ओर दौड़ पड़े। सूचना पर एसडीएम सुरजीत सिंह, तहसीलदार रनबीर सिंह, पुलिस उपाधीक्षक राजेश कुमार तिवारी, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक भगवत सिंह मौके पर पहुंचे और मलबा हटवाकर घायलों को उपचार के लिए भर्ती कराया। उधर, तहसीलदार रणबीर सिंह ने बताया कि दैवीय आपदा के कारण मकान गिरने से परिवार के लोग घायल हुए हैं। रिपोर्ट तैयार करके मुआवजा दिलाया जाएगा।
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दो घंटे देरी से पहुंची एंबुलेंस
कैैराना। ग्रामीणों ने बताया कि एंबुलेंस दो घंटे देरी से पहुंची, इस दौरान घायल तड़पते रहे। अधिकारियों ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया। इसके अलावा ग्रामीणों ने प्रधान के सामने ही अधिकारियों को शिकायत करते हुए कहा कि वह किसी की सुनते नहीं है। यदि कोई समस्या होती है, तो उन्हें अवगत करा देते हैं, फिर भी अनदेखी की जाती है। गांव की नालियों व नालो की सफाई नही होने के कारण बरसात में जलभराव रहता है।
प्रधान पर लगाए आरोप
कैराना। एसडीएम सुरजीत सिंह मौके पर मौजूद लोगों से हादसे के बारे में जानकारी ले रहे थे, तो उसी दौरान ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर आरोप लगाए। ग्रामीणों ने प्रधान के मुंह पर ही अधिकारियों को शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि प्रधान किसी की सुनते नहीं है। यदि कोई समस्या होती है, तो उन्हें अवगत करा देते हैं, फिर भी अनदेखी की जाती है। गांव की नालियों व नालों की सफाई नहीं होने के कारण बरसात में जलभराव रहता है। उन्होंने प्रधान पर पक्षपात का भी आरोप लगाया। इस पर एसडीएम ने प्रधान को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
हादसे का मुख्य कारण
कैराना। जगपाल के मकान की दीवार के बराबर में धान का खेत है, जिसमें लबालब पानी भरा हुआ था। बरसात के कारण पानी के बढ़ने से पहले कमरे की एक दीवार गिरी, जिसके साथ ही कमरे की छत धड़ाम से नीचे आ गिरी। वहीं, कैराना तहसीलदार रणबीर सिंह ने बताया कि मकान गिरने से परिवार के लोग घायल हुए हैं। मामले में रिपोर्ट तैयार करके उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जा रही है। पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी।
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गांव तितरवाड़ा निवासी जगपाल मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे वह परिवार के साथ कमरे में बैठा हुआ था। इसी बीच कमरा भरभराकर गिर पड़ा। कमरे की दीवारें पक्की थी, छत कड़ियों की कच्ची थी। हादसे में घर के मुखिया जगपाल (50), बेटी पूनम (7), बेटा कृष्ण (2) और कानपुर से आए मेहमान कर्मा (33) मलबे के नीचे दब गए।
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जगपाल की पत्नी कमला व एक बेटा और एक बेटी कमरे के बाहर खुले में थे। घटना के बाद चीखपुकार मच गई और ग्रामीण मौके की ओर दौड़ पड़े। सूचना पर एसडीएम सुरजीत सिंह, तहसीलदार रनबीर सिंह, पुलिस उपाधीक्षक राजेश कुमार तिवारी, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक भगवत सिंह मौके पर पहुंचे और मलबा हटवाकर घायलों को उपचार के लिए भर्ती कराया। उधर, तहसीलदार रणबीर सिंह ने बताया कि दैवीय आपदा के कारण मकान गिरने से परिवार के लोग घायल हुए हैं। रिपोर्ट तैयार करके मुआवजा दिलाया जाएगा।
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दो घंटे देरी से पहुंची एंबुलेंस
कैैराना। ग्रामीणों ने बताया कि एंबुलेंस दो घंटे देरी से पहुंची, इस दौरान घायल तड़पते रहे। अधिकारियों ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया। इसके अलावा ग्रामीणों ने प्रधान के सामने ही अधिकारियों को शिकायत करते हुए कहा कि वह किसी की सुनते नहीं है। यदि कोई समस्या होती है, तो उन्हें अवगत करा देते हैं, फिर भी अनदेखी की जाती है। गांव की नालियों व नालो की सफाई नही होने के कारण बरसात में जलभराव रहता है।
प्रधान पर लगाए आरोप
कैराना। एसडीएम सुरजीत सिंह मौके पर मौजूद लोगों से हादसे के बारे में जानकारी ले रहे थे, तो उसी दौरान ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर आरोप लगाए। ग्रामीणों ने प्रधान के मुंह पर ही अधिकारियों को शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि प्रधान किसी की सुनते नहीं है। यदि कोई समस्या होती है, तो उन्हें अवगत करा देते हैं, फिर भी अनदेखी की जाती है। गांव की नालियों व नालों की सफाई नहीं होने के कारण बरसात में जलभराव रहता है। उन्होंने प्रधान पर पक्षपात का भी आरोप लगाया। इस पर एसडीएम ने प्रधान को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
हादसे का मुख्य कारण
कैराना। जगपाल के मकान की दीवार के बराबर में धान का खेत है, जिसमें लबालब पानी भरा हुआ था। बरसात के कारण पानी के बढ़ने से पहले कमरे की एक दीवार गिरी, जिसके साथ ही कमरे की छत धड़ाम से नीचे आ गिरी। वहीं, कैराना तहसीलदार रणबीर सिंह ने बताया कि मकान गिरने से परिवार के लोग घायल हुए हैं। मामले में रिपोर्ट तैयार करके उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जा रही है। पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी।