फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   #hindihainham Hindi is mandatory to connect youth with culture

#हिंदीहैंहम: युवाओं को संस्कृति से जोड़ने के लिए अनिवार्य है हिंदी, गोष्ठी में वक्ताओं ने बताई महत्ता

Wed, 26 Aug 2020 12:18 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Wed, 26 Aug 2020 12:18 AM IST
विज्ञापन
#hindihainham Hindi is mandatory to connect youth with culture
शामली वीवी डिग्री कॉलेज हिंदी पर आयोजित गोष्ठी में बोलती प्राचार्या वंदना - फोटो : SHAMLI

शामली में  वीवी पीजी कॉलेज में आयोजित शिक्षक गोष्ठी में हिंदी के विकास एवं प्रचार-प्रसार पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने हिंदी की महत्ता बताते हुए इसके उत्थान के लिए सामूहिक प्रयास पर बल दिया। युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़े रखने के लिए हिंदी को अनिवार्य बताया गया।

विज्ञापन


मंगलवार को आयोजित गोष्ठी में प्राचार्या डा. वंदना ने कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा है और सर्वोपरि है। हमारे ग्रंथ भी हिंदी में ही लिखे हैं। इस ज्ञान के भंडार को जानने के लिए हमें हिंदी की ओर लौटना होगा। देश के उत्थान के लिए मातृभाषा हिंदी का प्रयोग एवं प्रचार-प्रसार अत्यंत आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ी अपनी भारतीय परंपराओं से हिंदी में ही जान सकें।
विज्ञापन


अर्थशास्त्र के असिस्टेंट प्रोफेसर डा. भूपेंद्र कुमार ने कहा कि हिंदी केवल भाषा नहीं, बल्कि हमारी आत्मा है। जब हम अपने विचारों की अभिव्यक्ति अपनी मातृभाषा हिंदी में करते हैं, तो उसका अलग ही प्रभाव होता है। हमें अपने कार्यों में हिंदी का प्रयोग अधिक से अधिक करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


हिंदी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डा. छवि ने कहा कि हिंदी भाषा संसार की प्राचीन भाषा है। सर्वप्रथम संस्कृत और उसके बाद हिंदी का प्रादुर्भाव हुआ। हम सब हिंदी में वार्तालाप करते हैं, लेकिन यह हमारी राष्ट्रभाषा नहीं बन पाई। संविधान में किसी भी भाषा को राष्ट्रीय अधिकार नहीं दिया गया है।

हिंदी भाषा से ही अन्य भाषाओं का विस्तार हुआ है। हिंदी हमारे मन की भाषा है। इसमें व्यक्ति अपनी अभिव्यक्त पूर्णरूपेण व्यक्त कर सकता है। भारत का हिंदी संगीत एवं फिल्म सबसे ज्यादा सुना और देखा जाता है।

आज का सोशल मीडिया हिंदी के दम पर ही दर्शकों और पाठकों के मन पर अपनी छाप छोड़ रहा है। हमें हिंदी को शिरोधार्य कर उच्च पद पर प्रतिष्ठित करने का प्रयास करना चाहिए। हिंदी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर गिरीश नारायण यादव ने कहा कि हिंदी के उत्थान और विकास की जो स्थिति होनी चाहिए वह नहीं हो पाई।


यदि हिंदी को रोजगार से नहीं जोड़ा गया तो इसका विकास करना मुश्किल होगा। कार्यालय अधीक्षक कपिल कुमार गर्ग ने कहा कि हिंदी की वर्तमान स्थिति ठीक नहीं है और दिन प्रतिदिन और खराब हो रही है। हिंदी के उत्थान के लिए हमें इसका अधिक से अधिक प्रयोग और प्रचार-प्रसार करना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed