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हादसे के विरोध में हाइवे जाम, चार घंटे फंसे मुसाफिर
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
Updated Sun, 01 Jul 2018 11:08 PM IST
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घटना के बाद विलाप करते मृतक युवक के परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
शामली में अनियंत्रित होकर ट्रैक्टर पर पलटे ट्रक ने एक युवक की जान ले ली, जबकि दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए मेरठ-करनाल हाइवे पर जाम लगा दिया। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद जाम खुलवाया जा सका।
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रविवार सुबह झिंझाना के बिड़ौली में कागज से भरा ट्रक डिवाइडर पर चढ़ गया। इससे ट्रक का संतुलन बिगड़ गया और ट्रक पलट गया। इस दौरान वहां खड़ी ट्रैक्टर-बुग्गी पर बैठे दो चचेरे भाई आदेश पुत्र रामकुमार और लोकेंद्र पुत्र कृष्णपाल निवासी झीमरान बिड़ौली ट्रक की चपेट में आ गए। इनके अलावा एक घोड़ा भी दब गया। घटना के बाद मौके पर पहुंचे लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद ट्रक के नीचे से दोनों युवकों को निकाला। इस दौरान आदेेश की मौके पर मौत हो गई, जबकि लोकेंद्र को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। मौके पर सैकड़ों ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए मेरठ-करनाल हाइवे पर जाम लगा दिया।
सूचना पर भाकियू नेता विनोद निर्वाल भी मौके पर पहुंच गए और मृतक के परिवार के लोगों ने एक सदस्य को सरकारी नौकरी, दस लाख मुआवजा दिए जाने की मांग पर अड़ गए। करीब चार घंटे तक मेरठ-करनाल हाइवे को जाम कर रखा गया। पुलिस ने लोगों को समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। बाद में पुलिस के समझाने पर ग्रामीण माने और उचित मुआवजा दिलाने के आश्वासन पर जाम खुलवाया गया। एसओ झिंझाना एमएस गिल का कहना है कि आश्वासन पर भीड़ को शांत कर हाइवे से जाम खुलवाया गया और शव को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया गया।
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टल गया बड़ा हादसा
रविवार को जब हादसा हुआ उस समय वहां पैठ लगी हुई थी। गनीमत रही कि जहां ट्रक पलटा वहां भीड़ नहीं थी। यदि वहां भीड़ होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। बड़ा इस कारण पुलिस-प्रशासन ने राहत की सांस ली। वहीं, जिस वक्त जाम लगा हुआ था। सैकड़ों की संख्या में लोग थे। भीड़ में से कुछ लोग ऐसे थे जो लोगों को बरगलाने पर का प्रयास कर रहे थे, लेकिन इनमें ही कुछ समझदार लोग भी थे, जिन्होंने लोगों को समझाया।
ट्रक मालिक समझकर मीडियाकर्मी को पीटा
ग्रामीणों ने मेरठ करनाल हाइवे बंद कर दिया। सैकड़ों की संख्या में भीड़ एकत्र हो गई। इसी दौरान पुलिस भीड़ को समझाने का प्रयास कर रही थी। एक मीडियाकर्मी भी भीड़ के बीच पहुंच गया और कवरेज करने लगा। ग्रामीणों की भीड़ ने उसे ट्रक मालिक समझकर जमकर पीट दिया।
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