फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   High court order shocks unauthorized builders

जिले में 40 से ज्यादा अवैध कालोनियां हैं चिह्नित

Sat, 10 Oct 2020 12:12 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 10 Oct 2020 12:12 AM IST
विज्ञापन
High court order shocks unauthorized builders
शामली। हाईकोर्ट के कंपाउंडिंग शुल्क लेकर अनधिकृत निर्माण को नियमित करने के लिए लाई गई योजना पर रोक लगाए जाने से अनधिकृत निर्माण करने वालों को झटका लगा है। जिले में करीब 40 अनधिकृत कालोनियां को प्राधिकरण ने चिन्ह्ति किया हुआ है। आठ लोगों ने कंपाउंडिंग के जरिए नियमित करने के लिए आवेदन किया हुआ है। अरबन प्लानिंग एंड डवलमेंट एक्ट के प्राविधान का उल्लंघन कर किए गए अनधिकृत निर्माणों को शुल्क लेकर नियमित करने के लिए कंपाउंडिंग स्कीम 2020 को आगामी छह माह के लिए लागू किया गया था। शासन की इस योजना को अभी तीन माह पूरे हुए थे। योजना के तहत अवैध निर्माणों को वैध घोषित करने के लिए प्रक्रिया चल रही थी। उच्च न्यायालय ने इस स्कीम पर रोक लगा दी है। जिले में मात्र तीन या चार कालोनियां ही वैध है। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के सचिव महेंद्र प्रसाद ने बताया कि कंपाउंडिंग स्कीम में मुजफ्फरनगर जिले में 25 और शामली जिले में आठ लोगों ने अवैध निर्माण को वैध कराने के लिए योजना में पंजीकरण कराया था। हाईकोर्ट का आदेश प्राप्त हो गया है, यह आदेश अंतरिम है।
विज्ञापन

यह थी योजना
इस स्कीम में 21 जुलाई से केवल छह माह की अवधि के लिए 20 जनवरी 2021 तक लागू की गई है। योजना के तहत शमन हेतु आवेदन पत्र प्रारूप पर आवास आयुक्त उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद संबधित विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, नियंत्रक प्राधिकारी को 20 जनवरी 2021 के भीतर आवेदन मांगे गए थे। विकास प्राधिकरणों को आवेदन पत्रों का निस्तारण करना था। शमन शुल्क की धनराशि लाभार्थी को एक मुश्त अथवा तीन मासिक किश्तों में जमा करनी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed