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यहां तो गड्ढों में ही सड़क नजर आती है

Wed, 07 Oct 2020 11:51 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 07 Oct 2020 11:51 PM IST
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Here the road is visible only in the pits.
चौसाना बिड़ौली मार्ग की बदहाल सड़क। - फोटो : SHAMLI
यहां तो गड्ढों में ही सड़क नजर आती है
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चौसाना। धरना-प्रदर्शन, भूख हड़ताल, जनप्रतिनिधियों और अफसरों से शिकायतों के बावजूद खोड़समा-बिडौली मार्ग की ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया है। करीब छह किलोमीटर सड़क का निर्माण नहीं हो सका। कई जगह पर सड़क का नामोनिशान भी नहीं बचा। लोगों ने अब इस मार्ग से ही किनारा करना शुरू कर दिया है।
चौसाना क्षेत्र के गांव खोड़समा से बिडौली जाने वाली सड़क लोगों के लिये मुसीबत बनी हुई है। वर्ष 2007 में बिडौली से सहारनपुर तक सड़क का निर्माण किया गया था। प्रत्येक पांच वर्ष के बाद सड़क की मरम्मत भी होती रही। प्रत्येक सीजन में शुगर मिल इसकी मरम्मत करा देता था जिससे सड़क चलने लायक हो जाती थी लेकिन इस बार हालात अधिक खराब हैं। सड़क के नाम पर केवल गड्ढे हैं। खोड़समा से बिडौली को जोड़ने वाली लगभग छह किलोमीटर सड़क और चौसाना से गंगोह सीमा को जोड़ने वाली करीब एक किलोमीटर की सड़क पूरी तरह से खत्म हो गई। बिडौली से सहारनपुर जाने वाली सड़क से रोजाना दो हजार से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। भारी वाहनों के चालक बताते हैं कि 50 किलोमीटर के सफर में जितना समय लगता है उतना समय केवल खोड़समा से बिडोली तक लग जाता है और थकान उससे अधिक हो जाती है।
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पहले चुनाव और कोरोना के चलते नहीं मिला बजट
खोड़समा से बिडौली को जोड़ने वाले मार्ग के निर्माण में हर बार कोई न कोई अड़ंगा लग जाता है। पहले लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के कारण बजट जारी नहीं हो सका। अब कोरोना संक्रमण काल के चलते मार्ग निर्माण के लिए धनराशि नहीं मिल रही है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता रविंद्र कुमार ने बताया कि मार्ग निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा जा चुका है।
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बोले ग्रामीण...
कोई भी उनकी बात सुनने को राजी नहीं
- खोडसमा निवासी अरविंद का कहना है कि बिडौली मार्ग के निर्माण के लिए लंबे समय से संघर्षरत हैं। कई बार डीएम को भी इसकी शिकायत की और जागरूकता अभियान चलाया था लेकिन कोई भी सुनने को राजी नहीं है। सड़क मुसीबत बनी हुई है।
कई वर्षों से कर रहे मांग
नाई नंगला के पूर्व प्रधान महिपाल सिंह का कहना है कि वह वर्षों से बिडौली मार्ग निर्माण के लिए आवाज उठा रहे हैं, लेकिन तमाम शिकायतों के बाद भी कोई जनप्रतिनिधि अथवा अधिकारी बात सुनने को तैयार नहीं। शिकायतों का निस्तारण भी आंखें बंद करके कर देते हैं। सड़क का टुकड़ा क्षेत्र के लिए अभिशाप बन गया है।
आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिलता
- खोड़समा निवासी विनोद निर्वाल का कहना है कि जब भी एसडीएम व डीएम से खोड़समा से बिडौली मार्ग के निर्माण के लिए मिलते हैं तो आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिलता। आए दिन इस मार्ग पर सड़क दुर्घटना होती है। बदमाश भी इसका लाभ उठाते हैं। धीमी गति से जाने वाले वाहन चालकों को निशाना बनाते हैं।

धरना, प्रदर्शन के बावजूद नहीं हुई सुनवाई
ग्राम प्रधान सकौती रामकुमार का कहना है कि उनका गांव बिडौली मार्ग पर ही पड़ता है। सबसे ज्यादा समस्या उनके गांव के लोगों को होती है। गांव व देहात के लोगों ने मिलकर लगातार धरने, प्रदर्शन किए लेकिन अधिकारियों ने केवल आश्वासन देकर टरका दिया।
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