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Shamli News: खनन पट्टे की फाइल पास कराने को 22 दिन से दफ्तर के चक्कर काट रहा था परमाल
Fri, 25 Sep 2026 02:09 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 25 Sep 2026 02:09 AM IST
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खनन अधिकारी द्वारा रिश्वत लेने की शिकायत करने वाला परमाल। संवाद
शामली। रेत खनन पट्टे की फाइल पास कराने के लिए फरमान 22 दिन से खान अधिकारी के कार्यालय के चक्कर काट रहा था। आरोप है कि कार्यालय में संविदा पर नियुक्त लिपिक सद्दाम ने सरकारी फीस के अलावा एक लाख रुपये से ज्यादा रिश्वत की मांग की थी।
शिकायतकर्ता झिंझाना थानाक्षेत्र के गांव सल्न्लापुर निवासी परमाल ने बताया कि दो सितंबर को उसने अपने गाटा संख्या 163 रकबा 6.4340 में 40000 घन मीटर जिसका क्षेत्रफल 1.1000 हेक्टेयर है पर रेत खनन करने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। यह आवेदन वर्तमान में खान अधिकारी सुधाकर सिंह के स्तर पर लंबित था।
परमाल के मुताबिक उन्होंने खान अधिकारी के कार्यालय में जाकर आवेदन अग्रसारित करने को कहा तो खान अधिकारी ने वहां खड़े सद्दाम से कहा कि इनकी फाइल को देख लेना। खान अधिकारी ने सद्दाम से मिलने को कहा। इसके बाद 14 सितंबर को वह सद्दाम से जाकर मिले तो उसने कहा कि उनका आवेदन कार्यालय में प्राप्त हो चुका है और उन्हें एक लाख रुपये से अधिक खर्च करने होंगे। इसके बाद ही उनका आवेदन आगे बढ़ेगा। जबकि वह सरकारी फीस जमा कर चुका है।
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परमाल के मुताबिक उसी दिन सद्दाम ने उसे जिला खान अधिकारी सुधाकर सिंह का एसबीआई खाता संख्या देकर एक लाख रुपये डालने को कहा। इसके अलावा सद्दाम ने 30 हजार रुपये अपने और पांच हजार रुपये अपने सहयोगी के नकद देने को कहा। साथ ही कहा कि अगर खान अधिकारी के खाते में रुपये जमा न कर पाए तो उसे नकद दे देना। इसके बाद उसने खान अधिकारी के खाते में 50 हजार रुपये डाल दिए थे।
परमाल की शिकायत पर विजिलेंस टीम ने मामले की जांच की, जिसमें शिकायतकर्ता द्वारा 50 हजार रुपये खान अधिकारी के खाते में डाले जाना पाया गया। इसके बाद विजिलेंस टीम ने खान अधिकारी व संविदा लिपिक को रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया। शुक्रवार को टीम ने कार्यालय के आसपास अपना जाल बिछा दिया। परमाल ने जैसे ही सद्दाम को रुपये दिए, उसी समय टीम ने कार्यालय में पहुंचकर रंगे हाथ पकड़ लिया।
एक साल पहले जिले में आए थे खान अधिकारी
रिश्वत लेने के आरोप में पकड़े गए खान अधिकारी सुधाकर सिंह करीब एक साल पहले 2025 में जिले में नियुक्त हुए थे। वे मूल रूप से रायबरेली के लालगंज तहसील क्षेत्र के निवासी है। 2022 में उनकी नियुक्ति हुई थी। शामली से पहले वे चित्रकूट में तैनात रहे। संविदा लिपिक सद्दाम जिले के कैराना क्षेत्र के गांव भूरा का निवासी है। सद्दाम 2023 से संविदा पर नियुक्त है।
दो दिन से डेरा डाले थी विजिलेंस टीम
रिश्वत मांगने की शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम दो दिन से जिले में डेरा डाले हुए थी। टीम ने कार्यालय के आसपास रहकर खान अधिकारी व उसके लिपिक की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ उनके बारे में जानकारी जुटाई थी। इसके बाद बृहस्पतिवार को विजिलेंस टीम ने यह कार्रवाई की।
डेढ़ लाख से कम नहीं लेता
विजिलेंस के अनुसार पीड़ित ने पूछताछ में बताया कि आरोपी लिपिक ने कहा था कि वह डेढ़ लाख से कम पट्टा दिलाने के रुपये नहीं लेता है। आप अपने हो इसलिए डेढ़ लाख से कम ले लिया जाएगा।
दो मशीनों से गिने रुपये
बरामद रकम अधिक होने के कारण विजिलेंस टीम को नोट गिनने के लिए शहर के एक बैंक से मशीन मंगवानी पड़ी। इसके बाद दो मशीनों की मदद से बरामद रकम के नोट गिने गए। बरामद रकम में अधिकतर नोट 500 रुपये के थे, जबकि कुछ नोट 100 रुपये के भी मिले। टीम ने नोटों की गिनती करने के बाद बरामद रकम को अपने कब्जे में लिया।
आखिर कहां से आए रुपये, जांच में जुटी पुलिस और विजिलेंस
एएसपी के अनुसार, विजिलेंस की कार्रवाई में बरामद हुई रकम को लेकर अब पुलिस और विजिलेंस टीम जांच में जुटी है। टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों के पास इतनी बड़ी रकम कहां से आई और इसका स्रोत क्या है।
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शिकायतकर्ता झिंझाना थानाक्षेत्र के गांव सल्न्लापुर निवासी परमाल ने बताया कि दो सितंबर को उसने अपने गाटा संख्या 163 रकबा 6.4340 में 40000 घन मीटर जिसका क्षेत्रफल 1.1000 हेक्टेयर है पर रेत खनन करने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। यह आवेदन वर्तमान में खान अधिकारी सुधाकर सिंह के स्तर पर लंबित था।
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परमाल के मुताबिक उन्होंने खान अधिकारी के कार्यालय में जाकर आवेदन अग्रसारित करने को कहा तो खान अधिकारी ने वहां खड़े सद्दाम से कहा कि इनकी फाइल को देख लेना। खान अधिकारी ने सद्दाम से मिलने को कहा। इसके बाद 14 सितंबर को वह सद्दाम से जाकर मिले तो उसने कहा कि उनका आवेदन कार्यालय में प्राप्त हो चुका है और उन्हें एक लाख रुपये से अधिक खर्च करने होंगे। इसके बाद ही उनका आवेदन आगे बढ़ेगा। जबकि वह सरकारी फीस जमा कर चुका है।
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परमाल के मुताबिक उसी दिन सद्दाम ने उसे जिला खान अधिकारी सुधाकर सिंह का एसबीआई खाता संख्या देकर एक लाख रुपये डालने को कहा। इसके अलावा सद्दाम ने 30 हजार रुपये अपने और पांच हजार रुपये अपने सहयोगी के नकद देने को कहा। साथ ही कहा कि अगर खान अधिकारी के खाते में रुपये जमा न कर पाए तो उसे नकद दे देना। इसके बाद उसने खान अधिकारी के खाते में 50 हजार रुपये डाल दिए थे।
परमाल की शिकायत पर विजिलेंस टीम ने मामले की जांच की, जिसमें शिकायतकर्ता द्वारा 50 हजार रुपये खान अधिकारी के खाते में डाले जाना पाया गया। इसके बाद विजिलेंस टीम ने खान अधिकारी व संविदा लिपिक को रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया। शुक्रवार को टीम ने कार्यालय के आसपास अपना जाल बिछा दिया। परमाल ने जैसे ही सद्दाम को रुपये दिए, उसी समय टीम ने कार्यालय में पहुंचकर रंगे हाथ पकड़ लिया।
एक साल पहले जिले में आए थे खान अधिकारी
रिश्वत लेने के आरोप में पकड़े गए खान अधिकारी सुधाकर सिंह करीब एक साल पहले 2025 में जिले में नियुक्त हुए थे। वे मूल रूप से रायबरेली के लालगंज तहसील क्षेत्र के निवासी है। 2022 में उनकी नियुक्ति हुई थी। शामली से पहले वे चित्रकूट में तैनात रहे। संविदा लिपिक सद्दाम जिले के कैराना क्षेत्र के गांव भूरा का निवासी है। सद्दाम 2023 से संविदा पर नियुक्त है।
दो दिन से डेरा डाले थी विजिलेंस टीम
रिश्वत मांगने की शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम दो दिन से जिले में डेरा डाले हुए थी। टीम ने कार्यालय के आसपास रहकर खान अधिकारी व उसके लिपिक की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ उनके बारे में जानकारी जुटाई थी। इसके बाद बृहस्पतिवार को विजिलेंस टीम ने यह कार्रवाई की।
डेढ़ लाख से कम नहीं लेता
विजिलेंस के अनुसार पीड़ित ने पूछताछ में बताया कि आरोपी लिपिक ने कहा था कि वह डेढ़ लाख से कम पट्टा दिलाने के रुपये नहीं लेता है। आप अपने हो इसलिए डेढ़ लाख से कम ले लिया जाएगा।
दो मशीनों से गिने रुपये
बरामद रकम अधिक होने के कारण विजिलेंस टीम को नोट गिनने के लिए शहर के एक बैंक से मशीन मंगवानी पड़ी। इसके बाद दो मशीनों की मदद से बरामद रकम के नोट गिने गए। बरामद रकम में अधिकतर नोट 500 रुपये के थे, जबकि कुछ नोट 100 रुपये के भी मिले। टीम ने नोटों की गिनती करने के बाद बरामद रकम को अपने कब्जे में लिया।
आखिर कहां से आए रुपये, जांच में जुटी पुलिस और विजिलेंस
एएसपी के अनुसार, विजिलेंस की कार्रवाई में बरामद हुई रकम को लेकर अब पुलिस और विजिलेंस टीम जांच में जुटी है। टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों के पास इतनी बड़ी रकम कहां से आई और इसका स्रोत क्या है।