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हीट स्ट्रोक का असर: सिर में दर्द, चक्कर आने के लक्षण वाले बढ़े मरीज
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हीट स्ट्रोक : सिरदर्द, चक्कर आने के लक्षण वाले मरीज बढे़
बारिश के बाद मिली थी राहत, फिर गर्मी बढ़ने से लोगों में समस्या आने लगी
चिकित्सक गर्मी से बचाव के तरीके अपनाने की दे रहे सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। पिछले सप्ताह दो दिन की बारिश के बाद लोगों को गर्मी से राहत मिली थी। अब फिर से भीषण गर्मी पड़ रही है। ऐसे में लोगों में हीट स्ट्रोक का असर हो रहा है। सिरदर्द, चक्कर आना और जी मिचलाना आदि लक्षण वाले मरीज अस्पतालं पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि हीट स्ट्रोक के खतरे से बचने के लिए गर्मी से बचाव के तरीके अपनाएं। इसमें लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है।
अप्रैल व मई की तरह जून माह में भी भीषण गर्मी पड़ रही है। पिछले सप्ताह दो दिन हुई बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली थी, लेकिन फिर से इस सप्ताह में गर्मी प्रचंड रूप दिखा रही है। जिसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। सरकारी अस्पताल में इस सप्ताह में हीट स्ट्रोक के लक्षण वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। सिरदर्द, चक्कर आना, जी मिचलाना, उल्टी होना आदि समस्याओं से ग्रसित मरीज चिकित्सकों के पास पहुंच रहे हैं। सीएचसी की फिजिशियन डॉ. आफरीन ने बताया कि उनके पास 50 से 60 प्रतिशत मरीज हीट स्ट्रोक के लक्षण वाले आ रहे हैं। बारिश होने पर लोगों को गर्मी से राहत मिलने पर इस तरह के लक्षण वाले मरीजों की संख्या कम हो गई थी, लेकिन अब फिर ऐसे मरीज बढ़े हैं। इनके अलावा बाकी मरीज नजला, जुकाम, खांसी और वायरल बुखार के आ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि हीट स्ट्रोक के खतरे से बचने के लिए गर्मी से बचाव करने की जरूरत है। ज्यादा से ज्यादा पानी पीयें और तरल पदार्थों का सेवन ज्यादा करें। ज्यादा ठंडे खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। चिकित्साधिकारी डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि इस मौसम में हीट स्ट्रोक होने का खतरा रहता है। इसलिए लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।
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हीट स्ट्रोक के लक्षण
चक्कर आना, सिर घूमना व उल्टी होना।
त्वचा गर्म, लाल व सूखी होना।
सांस लेने में परेशानी होना, धड़कन तेज होना।
दौरे पड़ना, बेहोशी होना।
बेेचैनी होना, घबराहट होना।
बचाव
घर से बाहर पानी पीकर निकलें।
नारियल पानी, नींबू, दही लस्सी व सत्तु का सेवन करें।
मौसमी फलों का सेवन करें।
तेज धूप में छाता लगाकर, सिर पर कैप या कपड़े से ढंककर निकलें।
अधिकतर काम सुबह व शाम के समय निपटाएं।
कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन करने से बचें।
तरल पदार्थों का ज्यादा सेवन करें।
कोई भी समस्या होने पर चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।
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बारिश के बाद मिली थी राहत, फिर गर्मी बढ़ने से लोगों में समस्या आने लगी
चिकित्सक गर्मी से बचाव के तरीके अपनाने की दे रहे सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। पिछले सप्ताह दो दिन की बारिश के बाद लोगों को गर्मी से राहत मिली थी। अब फिर से भीषण गर्मी पड़ रही है। ऐसे में लोगों में हीट स्ट्रोक का असर हो रहा है। सिरदर्द, चक्कर आना और जी मिचलाना आदि लक्षण वाले मरीज अस्पतालं पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि हीट स्ट्रोक के खतरे से बचने के लिए गर्मी से बचाव के तरीके अपनाएं। इसमें लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है।
अप्रैल व मई की तरह जून माह में भी भीषण गर्मी पड़ रही है। पिछले सप्ताह दो दिन हुई बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली थी, लेकिन फिर से इस सप्ताह में गर्मी प्रचंड रूप दिखा रही है। जिसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। सरकारी अस्पताल में इस सप्ताह में हीट स्ट्रोक के लक्षण वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। सिरदर्द, चक्कर आना, जी मिचलाना, उल्टी होना आदि समस्याओं से ग्रसित मरीज चिकित्सकों के पास पहुंच रहे हैं। सीएचसी की फिजिशियन डॉ. आफरीन ने बताया कि उनके पास 50 से 60 प्रतिशत मरीज हीट स्ट्रोक के लक्षण वाले आ रहे हैं। बारिश होने पर लोगों को गर्मी से राहत मिलने पर इस तरह के लक्षण वाले मरीजों की संख्या कम हो गई थी, लेकिन अब फिर ऐसे मरीज बढ़े हैं। इनके अलावा बाकी मरीज नजला, जुकाम, खांसी और वायरल बुखार के आ रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि हीट स्ट्रोक के खतरे से बचने के लिए गर्मी से बचाव करने की जरूरत है। ज्यादा से ज्यादा पानी पीयें और तरल पदार्थों का सेवन ज्यादा करें। ज्यादा ठंडे खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। चिकित्साधिकारी डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि इस मौसम में हीट स्ट्रोक होने का खतरा रहता है। इसलिए लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।
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हीट स्ट्रोक के लक्षण
चक्कर आना, सिर घूमना व उल्टी होना।
त्वचा गर्म, लाल व सूखी होना।
सांस लेने में परेशानी होना, धड़कन तेज होना।
दौरे पड़ना, बेहोशी होना।
बेेचैनी होना, घबराहट होना।
बचाव
घर से बाहर पानी पीकर निकलें।
नारियल पानी, नींबू, दही लस्सी व सत्तु का सेवन करें।
मौसमी फलों का सेवन करें।
तेज धूप में छाता लगाकर, सिर पर कैप या कपड़े से ढंककर निकलें।
अधिकतर काम सुबह व शाम के समय निपटाएं।
कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन करने से बचें।
तरल पदार्थों का ज्यादा सेवन करें।
कोई भी समस्या होने पर चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।