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Shamli News: एनएचएम संविदा कर्मियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
Fri, 09 Oct 2026 12:59 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 09 Oct 2026 12:59 AM IST
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शामली में सीएमओ कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करते एनएचएम संविदाकर्मी। स्रोत आयोजक
शामली। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर जिला शाखा शामली के करीब 430 एनएचएम संविदा कर्मचारियों ने नियमितीकरण और समान कार्य के लिए समान वेतन की समेत कई मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार कर सीएमओ कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। संविदा कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई, जिससे मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी।
संविदा कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से टीबी कार्यक्रम, आरबीएसके कार्यक्रम, ओपीडी सेवाएं, स्टाफ नर्स, आई टैक्नीशियन, ब्लाक प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट, डाटा ऑपरेटिंग, टीकाकरण व पैथोलॉजी जांच का कार्य प्रभावित रहा। उधर, जिले में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर संविदा पर नियुक्त करीब 100 सामुदायिक चिकित्सा अधिकारी (सीएचसओ) 28 सितंबर से लखनऊ में चल रहे धरने पर गए हैं, जिससे आरोग्य मंदिरों पर पहले से ही ताले लगे हुए हैं। मरीजों को नजदीकी सीएचसी या पीएचसी पर उपचार कराने के लिए जाना पड़ रहा है। अब 9 और 10 अक्तूबर को भी कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। अब यदि सरकार की ओर से मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 12 अक्तूबर से कर्मचारी लखनऊ में प्रस्तावित अनिश्चितकालीन धरने में शामिल होंगे।
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोज अखौरी ने बताया कि एनएचएम संविदा कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के चलते अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने मरीजों की जांच व उपचार कराया गया है। इमरजेंसी में एनएचएम चिकित्सक व कर्मचारी मौजूद रहे।
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ये है प्रमुख मांगें
लंबे समय से सेवाएं दे रहे एनएचएम संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण व समान कार्य के लिए समान वेतन, कर्मचारियों और उनके आश्रितों को कम से कम 10 लाख रुपये की कैशलेस चिकित्सा सुविधा, महंगाई भत्ता, ईपीएफ, एचआरए और ग्रेच्युटी का लाभ आदि मांग की गई थी।
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संविदा कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से टीबी कार्यक्रम, आरबीएसके कार्यक्रम, ओपीडी सेवाएं, स्टाफ नर्स, आई टैक्नीशियन, ब्लाक प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट, डाटा ऑपरेटिंग, टीकाकरण व पैथोलॉजी जांच का कार्य प्रभावित रहा। उधर, जिले में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर संविदा पर नियुक्त करीब 100 सामुदायिक चिकित्सा अधिकारी (सीएचसओ) 28 सितंबर से लखनऊ में चल रहे धरने पर गए हैं, जिससे आरोग्य मंदिरों पर पहले से ही ताले लगे हुए हैं। मरीजों को नजदीकी सीएचसी या पीएचसी पर उपचार कराने के लिए जाना पड़ रहा है। अब 9 और 10 अक्तूबर को भी कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। अब यदि सरकार की ओर से मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 12 अक्तूबर से कर्मचारी लखनऊ में प्रस्तावित अनिश्चितकालीन धरने में शामिल होंगे।
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जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोज अखौरी ने बताया कि एनएचएम संविदा कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के चलते अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने मरीजों की जांच व उपचार कराया गया है। इमरजेंसी में एनएचएम चिकित्सक व कर्मचारी मौजूद रहे।
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ये है प्रमुख मांगें
लंबे समय से सेवाएं दे रहे एनएचएम संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण व समान कार्य के लिए समान वेतन, कर्मचारियों और उनके आश्रितों को कम से कम 10 लाख रुपये की कैशलेस चिकित्सा सुविधा, महंगाई भत्ता, ईपीएफ, एचआरए और ग्रेच्युटी का लाभ आदि मांग की गई थी।