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Shamli News: बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के लिए कलक्ट्रेट में दिया तीन घंटे धरना

Fri, 09 Oct 2026 01:42 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Fri, 09 Oct 2026 01:42 AM IST
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Three-hour sit-in held at the Collectorate over outstanding sugarcane price payments.
कलक्ट्रेट पर धरना देते भाकियू कार्यकर्ता। भाकियू
शामली। थानाभवन चीनी मिल से किसानों का बकाया मूल्य गन्ना भुगतान नहीं होने पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ताओं का बृहस्पतिवार को गुस्सा फूट पड़ा। कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट पहुंचकर करीब तीन घंटे तक धरना दिया। उन्होंने किसानों का बकाया भुगतान जल्द कराने की मांग करते हुए नारेबाजी की। इसके बाद एडीएम को डीएम के नाम ज्ञापन सौंपा।
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भाकियू के प्रदेश संगठन मंत्री जाहिद ने बताया कि थानाभवन चीनी मिल पर किसानों का अभी भी 80 करोड़ रुपये से अधिक गन्ना मूल्य भुगतान बकाया है। लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण किसानों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदिबकाया भुगतान जल्द नहीं कराया गया तो भाकियू (टिकैत) आंदोलन करेगी। इस दौरान किसानों ने खूब नारेबाजी भी की। धरने में अमरपाल बालियान, कुलदीप पंवार, कपिल खाटियान, साजिद चौधरी, नाजिम, अजय तोमर, संजीव राठी, ब्रहमपाल सिंह, योगेंद्र पंवार आदि मौजूद रहे।
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जिला गन्ना अधिकारी रणजीत सिंह ने कहा कि चीनी मिल को जल्द से जल्द बकाया गन्ना भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं। मिल को रिमांडर पत्र जारी किया जाएगा।
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जर्जर मार्ग और जलभराव का मुद्दा भी उठाया
इस दौरान गांव सौंता रसूलपुर में आबिद के मकान से अजमत के मकान तक जाने वाले मार्ग का निर्माण कराने की मांग की गई। बताया कि मार्ग कई वर्षों से जर्जर है। बारिश के दौरान जलभराव होने से स्कूली बच्चों, नमाजियों और ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी होती है।

देव हॉस्पिटल की गतिविधियों की निष्पक्ष जांच की मांग
छह अक्तूबर की रात देव हॉस्पिटल के बाहर हुई फायरिंग की घटना के बाद अस्पताल की गतिविधियों की निष्पक्ष जांच की मांग भी ज्ञापन में की गई। अस्पताल के वर्तमान और पूर्व पंजीकरण, लाइसेंस, चिकित्सकीय व्यवस्थाओं तथा आयुष्मान भारत योजना के तहत हुए उपचार और भुगतान की जांच कराने की मांग की। इसके अलावा मरीजों और तीमारदारों के साथ व्यवहार तथा सुरक्षा संबंधी शिकायतों की भी जांच कराने को कहा।
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