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Shamli News: बाल, खून, सीसीटीवी फुटेज, बयान और बरामदगी बरा सजा का आधार
Thu, 23 May 2024 05:09 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Thu, 23 May 2024 05:09 AM IST
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शामली। बहुचर्चित गायक अजय पाठक और उनके परिवार के सदस्यों की हत्या के मामले में पीड़ित परिवार को आखिरकार करीब साढ़े चार साल बाद इंसाफ मिल ही गया। हत्यारे हिमांशु को फांसी की सजा सुनाई गई। पूरे मामले में दोषी को सजा दिलाने में पीड़ित परिवार के साथ-साथ वकीलों, पुलिस की कार्रवाई ने भी अहम भूमिका निभाई। छह सुबूत ऐसे रहे, जिनके कारण हत्यारे हिमांशु को सजा दिलाने में पुलिस को मदद मिली।
पहला, हत्याकांड के बाद अजय की बेटी वसुंधरा के हाथ में कुछ बाल मिले थे। उस समय माना जा रहा था कि वसुंधरा ने अपने बचाव में आरोपी से संघर्ष किया था, जिसके कारण आरोपी के बाल उसके हाथ में आ गए थे। पुलिस ने बालों और हिमांशु के रक्त के तीन नमूनों को जांच के लिए लखनऊ डीएनए टेस्ट के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा था। जांच रिपोर्ट में बाल आरोपी हिमांशु के ही निकले थे।
दूसरा, हत्यारे हिमांशु ने खुलासा किया था कि शामली से भागवत के शव को कार में पानीपत ले जाते समय उसने रास्ते में सनौली से एक डिब्बा लिया था। दुकानदार को रुपये देने का प्रयास किया था तो उसने लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद बापौली से आगे चलकर एक पंप से 120 रुपये का पेट्रोल खरीदा था। फिर पानीपत टोल पर आरोपी ने कार को आग लगा दी थी। पुलिस ने दुकानदार और पेट्रोल पंप कर्मचारी से पूछताछ की थी तो दोनों ने डिब्बा और पेट्रोल खरीदने की बात स्वीकार की थी।
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तीसरा, हिमांशु का अजय पाठक के घर पर आना जाना लगा रहता था। यही नहीं, घर में किस स्थान पर क्या सामान रखा है, उसे पूरी जानकारी थी। यह भी हत्यारे को सजा का आधार बना।
चौथा, वारदात के बाद पंजाबी कॉलोनी से अजय पाठक की कार सीसीटीवी में बाहर जाती हुई दिखाई दी थी। जिसमें बाद में अजय के बेटे भागवत का शव मिला था।
पांचवां, हिमांशु सैनी द्वारा लूट को लेकर वारदात को अंजाम देने की बात कही गई थी। हिमांशु ने लूटी गई नकदी, ज्वेलरी और अन्य सामान दिल्ली से बरामद कराया था।
छठा, वारदात को अंजाम देने में प्रयोग की गई तलवार, खुकरी बरामद की गई थी। जांच में हथियार पर लगा खून भी मृतकों का ही मिला था।
वरिष्ठ अधिवक्ता ठाकुर दुष्यंत सिंह ने बताया कि बरामद सबूत हत्यारे को फांसी की सजा का आधार बने। इसके लिए न्यायालय और न्यायाधीश की जितनी सराहना की जाए कम है।
- घर में नहीं छोड़ा था कोई भी सामान
हत्यारे हिमांशु ने अजय के घर में इस कदर लूटपाट मचाई थी कि कोई भी कीमती सामान नहीं छोड़ा था। नकदी से लेकर जेवरात सब कुछ लूट लिए थे। पुलिस ने इस मामले में लूट की धारा बाद में बढ़ाई थी।
- यह हुई थी बरामदगी
200893 रुपये, सोने के गहनों में एक जोड़ी कंगन, सात अंगूठी, जिनमें तीन नगदार, एक छल्ला, सात लॉकेट छोटे बड़े, टाॅप्स एक जोड़ी, बाली, दो ब्रासलेट, सोने की दो चेन, रुद्राक्ष वाली दो चेन, 21 लौंग, गुच्छा, मृतक भागवत के कानों की बाली, काले मोती की माला, एक लाल सफेद मोती व रुद्राक्ष की माला बरामद हुई थी। चांदी का सफेद धातु में बिछुए 24 जोड़ी, पायल 79 जोड़ी, कड़े 15, ब्रासलेट तीन, चरण पादुका दो जोड़ी, चांदी की ईंट दो जोड़ी, 72 सिक्के, 70 त्रिशूल, वोटर आईडी कार्ड, लॅपटाॅप, लेडीज पर्स, कैमरा आदि सामान बरामद किया गया था।
- चौहरे हत्याकांड के बाद शामली में दिग्गजों का लगा था जमावड़ा
हत्याकांड के बाद उस समय कैबिनेट मंत्री रहे सुरेश राणा, प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, प्रदेश के महामंत्री विजय बहादुर पाठक, भाकियू के प्रवक्ता राकेश टिकैत आदि ने शामली में आकर पीड़ित परिवार को सांत्वना दी थी और मामले के जल्द से जल्द खुलासे की बात कही थी।
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पहला, हत्याकांड के बाद अजय की बेटी वसुंधरा के हाथ में कुछ बाल मिले थे। उस समय माना जा रहा था कि वसुंधरा ने अपने बचाव में आरोपी से संघर्ष किया था, जिसके कारण आरोपी के बाल उसके हाथ में आ गए थे। पुलिस ने बालों और हिमांशु के रक्त के तीन नमूनों को जांच के लिए लखनऊ डीएनए टेस्ट के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा था। जांच रिपोर्ट में बाल आरोपी हिमांशु के ही निकले थे।
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दूसरा, हत्यारे हिमांशु ने खुलासा किया था कि शामली से भागवत के शव को कार में पानीपत ले जाते समय उसने रास्ते में सनौली से एक डिब्बा लिया था। दुकानदार को रुपये देने का प्रयास किया था तो उसने लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद बापौली से आगे चलकर एक पंप से 120 रुपये का पेट्रोल खरीदा था। फिर पानीपत टोल पर आरोपी ने कार को आग लगा दी थी। पुलिस ने दुकानदार और पेट्रोल पंप कर्मचारी से पूछताछ की थी तो दोनों ने डिब्बा और पेट्रोल खरीदने की बात स्वीकार की थी।
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तीसरा, हिमांशु का अजय पाठक के घर पर आना जाना लगा रहता था। यही नहीं, घर में किस स्थान पर क्या सामान रखा है, उसे पूरी जानकारी थी। यह भी हत्यारे को सजा का आधार बना।
चौथा, वारदात के बाद पंजाबी कॉलोनी से अजय पाठक की कार सीसीटीवी में बाहर जाती हुई दिखाई दी थी। जिसमें बाद में अजय के बेटे भागवत का शव मिला था।
पांचवां, हिमांशु सैनी द्वारा लूट को लेकर वारदात को अंजाम देने की बात कही गई थी। हिमांशु ने लूटी गई नकदी, ज्वेलरी और अन्य सामान दिल्ली से बरामद कराया था।
छठा, वारदात को अंजाम देने में प्रयोग की गई तलवार, खुकरी बरामद की गई थी। जांच में हथियार पर लगा खून भी मृतकों का ही मिला था।
वरिष्ठ अधिवक्ता ठाकुर दुष्यंत सिंह ने बताया कि बरामद सबूत हत्यारे को फांसी की सजा का आधार बने। इसके लिए न्यायालय और न्यायाधीश की जितनी सराहना की जाए कम है।
- घर में नहीं छोड़ा था कोई भी सामान
हत्यारे हिमांशु ने अजय के घर में इस कदर लूटपाट मचाई थी कि कोई भी कीमती सामान नहीं छोड़ा था। नकदी से लेकर जेवरात सब कुछ लूट लिए थे। पुलिस ने इस मामले में लूट की धारा बाद में बढ़ाई थी।
- यह हुई थी बरामदगी
200893 रुपये, सोने के गहनों में एक जोड़ी कंगन, सात अंगूठी, जिनमें तीन नगदार, एक छल्ला, सात लॉकेट छोटे बड़े, टाॅप्स एक जोड़ी, बाली, दो ब्रासलेट, सोने की दो चेन, रुद्राक्ष वाली दो चेन, 21 लौंग, गुच्छा, मृतक भागवत के कानों की बाली, काले मोती की माला, एक लाल सफेद मोती व रुद्राक्ष की माला बरामद हुई थी। चांदी का सफेद धातु में बिछुए 24 जोड़ी, पायल 79 जोड़ी, कड़े 15, ब्रासलेट तीन, चरण पादुका दो जोड़ी, चांदी की ईंट दो जोड़ी, 72 सिक्के, 70 त्रिशूल, वोटर आईडी कार्ड, लॅपटाॅप, लेडीज पर्स, कैमरा आदि सामान बरामद किया गया था।
- चौहरे हत्याकांड के बाद शामली में दिग्गजों का लगा था जमावड़ा
हत्याकांड के बाद उस समय कैबिनेट मंत्री रहे सुरेश राणा, प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, प्रदेश के महामंत्री विजय बहादुर पाठक, भाकियू के प्रवक्ता राकेश टिकैत आदि ने शामली में आकर पीड़ित परिवार को सांत्वना दी थी और मामले के जल्द से जल्द खुलासे की बात कही थी।