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गुलजार और शहजाद से राज उगलवाने की कोशिश
Tue, 21 May 2019 11:08 PM IST
NAVEEN GUPTA
amarujala
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Published by: NAVEEN GUPTA
Updated Tue, 21 May 2019 11:08 PM IST
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file
- फोटो : amarujala
शामली, मेरठ और गाजियाबाद पुलिस की ईमेल पर रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी के आरोप में पकड़े गए मेरठ निवासी गुलजार और शहजाद को पुलिस ने रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। दोनों आरोपियों से कोतवाली पुलिस, आईबी और एलआईयू ने पूरे मामले में मोबाइल में रिकार्ड बातचीत का राज उगलवाने में जुटी है। जांच एजेंसियों का मानना है कि दोनों आरोपी अपने गुरु से कोड वर्ड में बातचीत करते थे, जो कि सुरक्षा की लिहाज से काफी संवेदनशील मुद्दा है।
अदालत से दोनों आरोपी भाइयों का आठ दिन का पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर हुआ है। मंगलवार को शामली पुलिस ने दोनों आरोपी भाइयों को जिला कारागार मुजफ्फरनगर से लेकर शामली पहुंची। दोनों को शामली कोतवाली में रखा गया है, जहां उनसे गोपनीय तरीके से पूछताछ की जा रही है। इस मामले में एलआईयू, इंटेलीजेंस ब्यूरो, मुजफ्फरनगर की अभिसूचना विशेष शाखा (वीके), थाना जीआरपी शामली और कोतवाली पुलिस की टीमों ने अलग-अलग पूछताछ शुरू कर दी है। आरोपी गुलजार और उसके भाई शहजाद से पूछताछ के लिए पुलिस और खुफिया टीमों ने अलग-अलग 100 से अधिक सवालों की चेक लिस्ट बनाई है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस और खुफिया टीमें आरोपियों से सवाल कर यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर धमकी भरी मेल भेजने के पीछे का मकसद क्या है। पूछताछ का मुख्य आधार यह है कि गुलजार के मोबाइल कॉल रिकार्डस में जो बातें कहीं गई है, उनमें कितनी सच्चाई है। पूछताछ में अगर मोबाइल की ऑडियो रिकार्डिंग में कही गई बातें सच साबित होती है तो यह देश के लिए खतरे वाली बात हो सकती है।
जेल जाने के लिए भेजा था ईमेल
मोबाइल की ऑडियो कॉल में बम और आतंकवाद जैसे शब्दों का जिक्र किया गया है। सूत्रों का कहना है कि आरोपी गुलजार ने पहले बताई गई बातें बार-बार दोहरा रहा है। उसने पूछताछ में दोहराया कि उसने जेल जाने के लिए धमकी की मेल भेजी थी। उसने मोबाइल की कॉल रिकार्ड में कही गईं बातें ख्वाब की कहानी बता रहा है। हालांकि खुफिया टीमें इन बातों पर भरोसा न करते हुए आरोपियों से पूछताछ में जुटी है।
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एनआईए को भी सौंपी जा सकती है जांच
शामली। धमकी के आरोपी गुलजार और शहजाद का आठ दिन का रिमांड स्वीकृत होने की सूचना एटीएस लखनऊ को भेजी जा चुकी है। मंगलवार रात या बुुधवार तक एटीएस की टीम के शामली पहुंचने की उम्मीद है। उधर, मोबाइल कॉल रिकार्ड में कहीं गई बातें पूछताछ में खरी उतरी तो इस मामले की जांच उच्चस्तरीय एजेंसियां करेगी। सूत्रों का कहना है कि आरोपियों से बातचीत की बातें सच पाई गई तो यह मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपा जा सकता है। बताया गया है कि टीमें दोनों भाइयों से अलग-अलग पूछताछ कर रही है।
दिव्यांग है गुलजार
शामली। धमकी देने का आरोपी गुलजार दिव्यांग है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपी गुलजार ने बताया कि उसे बचपन में पोलियो हो गया था, जिस कारण उसका एक पैर पतला हो गया था। उस पैर पर वह अधिक दबाव नहीं डाल सकता। दिव्यांग होने के कारण वह तेज दौड़ भाग नहीं कर सकता।
केस में अब तक
14 मई की शाम को शामली पुलिस की ऑफिशियल ई मेल पर शामली समेत कई रेलवे स्टेशनों केेेे बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। एसपी के आदेश पर शामली कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था। 16 मई को पुलिस ने इस मामले में मेरठ के थाना कंकरखेड़ा क्षेत्र के नंगलाताशी निवासी गुलजार और शहजाद को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने दोनों का चालान किया था। कोर्ट से आठ दिन का पुलिस कस्टडी रिमांड मिलने पर मंगलवार को दोनों को पूछताछ के लिए लाया गया।
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अदालत से दोनों आरोपी भाइयों का आठ दिन का पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर हुआ है। मंगलवार को शामली पुलिस ने दोनों आरोपी भाइयों को जिला कारागार मुजफ्फरनगर से लेकर शामली पहुंची। दोनों को शामली कोतवाली में रखा गया है, जहां उनसे गोपनीय तरीके से पूछताछ की जा रही है। इस मामले में एलआईयू, इंटेलीजेंस ब्यूरो, मुजफ्फरनगर की अभिसूचना विशेष शाखा (वीके), थाना जीआरपी शामली और कोतवाली पुलिस की टीमों ने अलग-अलग पूछताछ शुरू कर दी है। आरोपी गुलजार और उसके भाई शहजाद से पूछताछ के लिए पुलिस और खुफिया टीमों ने अलग-अलग 100 से अधिक सवालों की चेक लिस्ट बनाई है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस और खुफिया टीमें आरोपियों से सवाल कर यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर धमकी भरी मेल भेजने के पीछे का मकसद क्या है। पूछताछ का मुख्य आधार यह है कि गुलजार के मोबाइल कॉल रिकार्डस में जो बातें कहीं गई है, उनमें कितनी सच्चाई है। पूछताछ में अगर मोबाइल की ऑडियो रिकार्डिंग में कही गई बातें सच साबित होती है तो यह देश के लिए खतरे वाली बात हो सकती है।
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जेल जाने के लिए भेजा था ईमेल
मोबाइल की ऑडियो कॉल में बम और आतंकवाद जैसे शब्दों का जिक्र किया गया है। सूत्रों का कहना है कि आरोपी गुलजार ने पहले बताई गई बातें बार-बार दोहरा रहा है। उसने पूछताछ में दोहराया कि उसने जेल जाने के लिए धमकी की मेल भेजी थी। उसने मोबाइल की कॉल रिकार्ड में कही गईं बातें ख्वाब की कहानी बता रहा है। हालांकि खुफिया टीमें इन बातों पर भरोसा न करते हुए आरोपियों से पूछताछ में जुटी है।
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एनआईए को भी सौंपी जा सकती है जांच
शामली। धमकी के आरोपी गुलजार और शहजाद का आठ दिन का रिमांड स्वीकृत होने की सूचना एटीएस लखनऊ को भेजी जा चुकी है। मंगलवार रात या बुुधवार तक एटीएस की टीम के शामली पहुंचने की उम्मीद है। उधर, मोबाइल कॉल रिकार्ड में कहीं गई बातें पूछताछ में खरी उतरी तो इस मामले की जांच उच्चस्तरीय एजेंसियां करेगी। सूत्रों का कहना है कि आरोपियों से बातचीत की बातें सच पाई गई तो यह मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपा जा सकता है। बताया गया है कि टीमें दोनों भाइयों से अलग-अलग पूछताछ कर रही है।
दिव्यांग है गुलजार
शामली। धमकी देने का आरोपी गुलजार दिव्यांग है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपी गुलजार ने बताया कि उसे बचपन में पोलियो हो गया था, जिस कारण उसका एक पैर पतला हो गया था। उस पैर पर वह अधिक दबाव नहीं डाल सकता। दिव्यांग होने के कारण वह तेज दौड़ भाग नहीं कर सकता।
केस में अब तक
14 मई की शाम को शामली पुलिस की ऑफिशियल ई मेल पर शामली समेत कई रेलवे स्टेशनों केेेे बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। एसपी के आदेश पर शामली कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था। 16 मई को पुलिस ने इस मामले में मेरठ के थाना कंकरखेड़ा क्षेत्र के नंगलाताशी निवासी गुलजार और शहजाद को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने दोनों का चालान किया था। कोर्ट से आठ दिन का पुलिस कस्टडी रिमांड मिलने पर मंगलवार को दोनों को पूछताछ के लिए लाया गया।