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सरकारी दावे हवा, पिछले सत्र का भी नहीं हुआ संपूर्ण गन्ना बकाया भुगतान, नए सत्र का भी दबाने लगी मिलें

Fri, 10 Jan 2020 12:21 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jan 2020 12:21 AM IST
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Government claims wind, last season did not even have full cane dues, new season also got suppressed
सरकारी दावे हवा, पिछले सत्र का भी नहीं हुआ संपूर्ण गन्ना बकाया भुगतान, नए सत्र का भी दबाने लगी मिलें
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शामली। तमाम दावों के बाद भी जिले की शुगर मिलें किसानों को गन्ना बकाया भुगतान नहीं कर रही है। शामली, और थानाभवन चीनी मिलों पर तो पिछले साल का ही करीब 45 करोड़ गन्ना मूल्य बकाया है। चालू पेराई सत्र में भी तीनों मिलों पर 295 करोड़ रुपया बकाया हो चुका है। चालू और गत पेराई सत्र का कुल 340 करोड़ रुपये बकाया हो चुका है। गन्ना विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शामली और थानाभवन मिल ने 20 जनवरी तक पुराना बकाया भुगतान अदा करने का आश्वासन दिया है। चालू पेराई सत्र का भी भुगतान जल्द ही शुरू कराया जाएगा।
उत्तर प्रदेश शासन ने चीनी मिलों को पिछले सत्र का शत-प्रतिशत बकाया भुगतान नए सत्र से पहले करने के निर्देश दिए थे। लेकिन शामली और थानाभवन ने शासन के आदेशों को हवा में उड़ा दिया। गन्ना विभाग से लिए आंकड़ों पर नजर डाले तो गत पेराई सत्र का शामली मिल पर 22 करोड़ 48 लाख और थानाभवन चीनी मिल पर 44 करोड़ 38 लाख रुपये बकाया है। पिछले माह किसान दिवस में डीएम अखिलेश सिंह ने जिले की चीनी मिलों की समीक्षा करते हुए गत 31 दिसंबर 2019 तक बकाया गन्ना भुुगतान कराने के निर्देश दिए थे। बकाया भुगतान न करने वाली मिलों के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी दी थी। लेकिन डीएम के निर्देश के बाद भी मिलों ने बकाया भुगतान नहीं किया। चालू गन्ना पेराई सत्र में जिले की चीनी मिलें 120.71 लाख क्विंटल गन्ना खरीद चुकी है। मिलों पर 295 करोड़ 27 लाख रुपये बकाया हो चुका है। जिसमें शामली चीनी मिल पर 88 करोड़ रुपये, ऊन मिल पर 72 करोड़ 48 लाख रुपये और थानाभवन मिल पर 134 करोड़ 14 लाख रुपये बकाया है। जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह का कहना है कि बीस जनवरी तक शामली और थानाभवन चीनी मिलों ने पिछले सत्र का बकाया गन्ने का भुगतान करने का आश्वासन दिया है।
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रिकवरी में अव्वल, भुगतान में फिसड्डी
जिले की चीनी मिलों की रिकवरी इस सत्र में शानदार है। थानाभवन मिले की रिकवरी 11.45 प्रतिशत, शामली मिल की रिकवरी 11.40 प्रतिशत और ऊन मिल की रिकवरी 11.25 प्रतिशत आ रही है। जिले की एक मात्र ऊन चीनी मिल है जिसने पिछले सत्र का शत प्रतिशत बकाया भुुगतान करके चालू पेराई सत्र का भी 15 नवंबर तक का 9 करोड़ 50 लाख रुपये भुगतान कर दिया है। ऊन चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक अनिल अहलावत ने बताया कि मिल ने पिछले सत्र का संपूर्ण बकाया भुगतान कर दिया है। चालू सत्र में भी 9 करोड़ 50 लाख रुपये भुगतान कर दिया है। थानाभवन मिल के यूनिट हैड वीरपाल सिंह का कहना है कि एक सप्ताह में पुराना बकाया भुगतान कर दिया जाएगा। शामली मिल के गन्ना महाप्रबंधक कुलदीप पिलानिया ने बताया कि पिछले सत्र का 20 जनवरी तक बकाया भुगतान अदा कर दिया जाएगा।
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भाकियू लड़ेगी बकाये की लड़ाई
गन्ना बकाया भुगतान पर मौन बैठी भाकियू के जिलाध्यक्ष कपिल खाटियान का कहना है कि 16 जनवरी से 18 जनवरी तक इलाहाबाद में संगठन का राष्ट्रीय अधिवेशन है। अधिवेशन के बाद गन्ना बकाया भुगतान की लड़ाई शुरू की जाएगी।
जिले के चीनी मिलों पर नए सत्र के बकाये का आंकड़ा
शुगर मिल बकाया करोड़ में
शामली 88 करोड़
ऊन 72 करोड़
थानाभवन 134 करोड़ 14 लाख
कुल बकाया 295 करोड़ 27 लाख
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दैनिक चीनी रिकवरी
मिल प्रतिशत
शामली 11.40
ऊन 11.25
थानाभवन--- 11.45
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