प्रेमपूर्वक बुलाने पर दौड़े चले आते हैं भगवान
शामली। कमला कॉलोनी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन कथा वाचक अरविंद दृष्टा महाराज ने कहा कि भगवान तो भाव के भूखे हैं। भगवान को भाव पूर्वक बुलाओ उसी में कल्याण है। जब जब भगवान को भक्तों प्रेम पूर्वक बुलाता है भगवान दौड़े चले आते हैं।
कथा वाचक ने कहा कि गोपियों के भाव के कारण भगवान ने उन पर कृपा करके माखन चोरी लीला की और उनका कल्याण किया। भगवान सभी को आनंदित करते हैं। मीराबाई ने समर्पण भाव से भगवान की आराधना की। भगवान ने उसका कल्याण किया। कोई भी पीड़ा है हमें वह केवल भगवान ही दूर कर सकते हैं। भगवान के समर्पण भाव से करोड़ों पाप नष्ट हो जाते हैं। एक बार उन पर विश्वास करके देखिए। भगवान श्रीकृष्ण ने पूतना राक्षसी को माता की गति प्रदान की। क्योंकि उसके भाव माता के थे। भगवान दुश्मन को भी सद्गति प्रदान करते हैं। संचालन डॉ. कृष्ण गोपाल ने किया। मौके पर डॉ. मुकुट मोहन सिंघल, रामकुमार अग्रवाल, डॉ. अशोक सिंघल, अर्चना सिंघल, अरुण सिंघल, डॉ. ईशांक सिंघल, डॉ. दिशा सिंघल, मिनाली सिंघल, तृप्ति सिंघल मौजूद रहे।