{"_id":"6197f875dff68b7b3c39d3ac","slug":"go-strong-to-such-a-guru-shamli-news-mrt565536236","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऐसे गुरु को बल-बल जाइए...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऐसे गुरु को बल-बल जाइए...
विज्ञापन
शामली गुरू नानक जयंती पर गुरू द्वारे में सजा दरबार
- फोटो : SHAMLI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शामली। जिले भर में सिखों के पहले गुरु नानकदेव की जयंती प्रकाश उत्सव के रुप में धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर शबद-कीर्तन और अटूट भंडारा आयोजित करके संगतों को प्रसाद वितरित किया गया।
प्रकाशोत्सव पर गुरुद्वारे को रंगीन रोशनी से सजावट की गई। शुक्रवार को शहर के गुरुद्वारा में गुरु सिंह सभा की ओर से शबद कीर्तन और गुरुवाणी का पाठ आयोजित किया गया। इस मौके पर अमृतसर से आए रागी जत्थेदार जितेंद्र सिंह, ज्ञानी हरमीत सिंह ने सिख संगतों को निहाल किया। इस दौरान ‘ऐसे गुरु को बल-बल जाइए, आप मुकत मोहे तारे...’ सुनाकर संगत को निहाल कर किया। गुरुनानक देव के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके सिद्धांतों की चर्चा की। दोपहर एक बजे गुरु का अटूट लंगर चखा गया। इस मौके पर शामली, सिभांलका, बनत, मुंडेट, बाबरी, हसनपुर लुहारी आदि संगत शामिल रही।
मौके पर सरदार जीत सिंह, सरदार चाहल सिंह, सरदार अर्जुन सिंह, सरदार जगजीत सिंह, जसंविद्र सिंह, सतनाम सिंह, हरदीप सिंह, राजदीप सिंह, सरदार गुरुमुख सिंह, सरदार राजेंद्रपाल सिंह, सरदार गोविंदा सिंह, सरदार हरजीत सिंह, सरदार संतोष सिंह का योगदान रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रकाशोत्सव पर गुरुद्वारे को रंगीन रोशनी से सजावट की गई। शुक्रवार को शहर के गुरुद्वारा में गुरु सिंह सभा की ओर से शबद कीर्तन और गुरुवाणी का पाठ आयोजित किया गया। इस मौके पर अमृतसर से आए रागी जत्थेदार जितेंद्र सिंह, ज्ञानी हरमीत सिंह ने सिख संगतों को निहाल किया। इस दौरान ‘ऐसे गुरु को बल-बल जाइए, आप मुकत मोहे तारे...’ सुनाकर संगत को निहाल कर किया। गुरुनानक देव के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके सिद्धांतों की चर्चा की। दोपहर एक बजे गुरु का अटूट लंगर चखा गया। इस मौके पर शामली, सिभांलका, बनत, मुंडेट, बाबरी, हसनपुर लुहारी आदि संगत शामिल रही।
विज्ञापन
मौके पर सरदार जीत सिंह, सरदार चाहल सिंह, सरदार अर्जुन सिंह, सरदार जगजीत सिंह, जसंविद्र सिंह, सतनाम सिंह, हरदीप सिंह, राजदीप सिंह, सरदार गुरुमुख सिंह, सरदार राजेंद्रपाल सिंह, सरदार गोविंदा सिंह, सरदार हरजीत सिंह, सरदार संतोष सिंह का योगदान रहा।
विज्ञापन