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दहशत में बोल भी नहीं पा रही थीं छात्राएं
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 27 May 2017 12:12 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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झिंझाना। भमेड़ी शाहपुर के पास स्कूल बस पलटने के बाद छात्राओं में दहशत व्याप्त हो गई। चीखपुकार सुनकर जब मौके पर आसपास के किसान पहुंचे तो बस में फंसी छात्राएं इस कदर डरी हुई थीं कि बाहर निकलने के बाद भी वह कंपकंपा रही थीं।
वह ठीक से बोल भी नहीं पा रही थीं। पुलिस की बात पर यकीन करें तो चालक ने शराब पी रखी थी, जिसने छात्राओं को मौत के मुंह में धकेल दिया था। गनीमत रही कि बस पानी से भरे खेत में पलटी, जिसमें छात्राओं को गंभीर चोट नहीं आई।
हादसे की सूचना मिलते ही अभिभावक के पैरों तले की जमीन खिसक गई और वह मौके की तरफ दौड़ पड़े, जो जिस हाल में था उसी हाल में मौके पर पहुंच गया। अभिभावकों के सामने आते ही छात्राएं भी फफक कर रो पड़ीं।
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छात्राओं ने अभिभावकों को बताया कि चालक बस को तेजी से चला रहा था। उससे मना भी किया गया, मगर वह माना नहीं। कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ अभिभावकों ने रोष जताया। अभिभावकों का कहना था कि इस बस को एक वर्ष पूर्व खराब हालत के चलते ऊन क्षेत्र के एक स्कूल से हटा दिया गया था।
इसके बावजूद बलवंती देवी इंटर कॉलेज के प्रबंधन ने इसी बस को छात्राओं को लाने ले जाने के लिए लगा दिया। बस पर कोई हेल्पलाइन नंबर नहीं लिखा था। बस 32 सीटर बताई जा रही है, लेकिन उसमें 50 छात्राओं को बैठाकर ले जाया जा रहा था।
साथ ही बस का नियमित चालक रणधीर सिंह निवासी ऊन है, लेकिन शुक्रवार को बस को जोगेंद्र निवासी टोडा चला रहा था। छात्राओं की बस पलटने की सूचना ग्रामीणों ने पुलिस कंट्रोल रूम को दे दी थी, बावजूद इसके करीब आधा घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची।
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वह ठीक से बोल भी नहीं पा रही थीं। पुलिस की बात पर यकीन करें तो चालक ने शराब पी रखी थी, जिसने छात्राओं को मौत के मुंह में धकेल दिया था। गनीमत रही कि बस पानी से भरे खेत में पलटी, जिसमें छात्राओं को गंभीर चोट नहीं आई।
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हादसे की सूचना मिलते ही अभिभावक के पैरों तले की जमीन खिसक गई और वह मौके की तरफ दौड़ पड़े, जो जिस हाल में था उसी हाल में मौके पर पहुंच गया। अभिभावकों के सामने आते ही छात्राएं भी फफक कर रो पड़ीं।
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छात्राओं ने अभिभावकों को बताया कि चालक बस को तेजी से चला रहा था। उससे मना भी किया गया, मगर वह माना नहीं। कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ अभिभावकों ने रोष जताया। अभिभावकों का कहना था कि इस बस को एक वर्ष पूर्व खराब हालत के चलते ऊन क्षेत्र के एक स्कूल से हटा दिया गया था।
इसके बावजूद बलवंती देवी इंटर कॉलेज के प्रबंधन ने इसी बस को छात्राओं को लाने ले जाने के लिए लगा दिया। बस पर कोई हेल्पलाइन नंबर नहीं लिखा था। बस 32 सीटर बताई जा रही है, लेकिन उसमें 50 छात्राओं को बैठाकर ले जाया जा रहा था।
साथ ही बस का नियमित चालक रणधीर सिंह निवासी ऊन है, लेकिन शुक्रवार को बस को जोगेंद्र निवासी टोडा चला रहा था। छात्राओं की बस पलटने की सूचना ग्रामीणों ने पुलिस कंट्रोल रूम को दे दी थी, बावजूद इसके करीब आधा घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची।