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गन्ने की पेड़ी फसल में लगा काला कीट
Fri, 26 Apr 2019 11:30 PM IST
NAVEEN GUPTA
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: NAVEEN GUPTA
Updated Fri, 26 Apr 2019 11:30 PM IST
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- फोटो : amarujala
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जिले शामली और ऊन ब्लाक के ज्यादातर गांवों में गन्ने की पेड़ी फसल में काला कीट लगना शुरू हो गया है। जिससे किसान परेशान होने लगे हैं। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र पर शिकायत कर समस्या के समाधान की मांग की है।
शुक्रवार को कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर विकास मलिक ने बताया कि शामली और ऊन ब्लाक के करीब 12 गांवों के किसानों ने शिकायत कर बताया कि गन्ने की पेड़ी फसल में काला कीट लग गया है। इसका प्रकोप बारिश के मौसम में स्वयं ही समाप्त हो जाता था, परंतु वर्तमान में यह फसल की कटाई तक पाया जा रहा है। काला कीट के प्रौढ़ काले रंग के परवंदार व शिशु काले रगं के बिना पंख वाले छोटे-छोटे कीट हैं, जो गन्ने के पूर्णच्छंद में छिपे रहते हैं और रस चूसते हैं। इनके शरीर से एक विशेष प्रकार की गंध निकलती है। काला कीट द्वारा मुख्य रूप से ये मोढ़ी फसल की प्रारंभिक अवस्था में रस चूसकर क्षति पहुंचाते हैं। कृषि वैज्ञानिक डॉ. विकास मलिक ने बताया कि गन्ने की पत्तियों पर आंख के समान काले धब्बों का पाया जाना फसल का पीला पड़ना तथा खेत से एक विशेष प्रकार की गंध का आना इस कीट के प्रकोप की मुख्य पहचान है। प्रबंधन पेड़ी की फसल में काला कीट के नियंत्रण हेतु 200 मिली क्विनालफास 25 प्रतिशत तरल एवं आठ किग्रा यूरिया तथा स्टीकर के साथ 400 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करें और आवश्यकता पड़ने पर एक सप्ताह बाद दूसरा छिड़काव करें।
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शुक्रवार को कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर विकास मलिक ने बताया कि शामली और ऊन ब्लाक के करीब 12 गांवों के किसानों ने शिकायत कर बताया कि गन्ने की पेड़ी फसल में काला कीट लग गया है। इसका प्रकोप बारिश के मौसम में स्वयं ही समाप्त हो जाता था, परंतु वर्तमान में यह फसल की कटाई तक पाया जा रहा है। काला कीट के प्रौढ़ काले रंग के परवंदार व शिशु काले रगं के बिना पंख वाले छोटे-छोटे कीट हैं, जो गन्ने के पूर्णच्छंद में छिपे रहते हैं और रस चूसते हैं। इनके शरीर से एक विशेष प्रकार की गंध निकलती है। काला कीट द्वारा मुख्य रूप से ये मोढ़ी फसल की प्रारंभिक अवस्था में रस चूसकर क्षति पहुंचाते हैं। कृषि वैज्ञानिक डॉ. विकास मलिक ने बताया कि गन्ने की पत्तियों पर आंख के समान काले धब्बों का पाया जाना फसल का पीला पड़ना तथा खेत से एक विशेष प्रकार की गंध का आना इस कीट के प्रकोप की मुख्य पहचान है। प्रबंधन पेड़ी की फसल में काला कीट के नियंत्रण हेतु 200 मिली क्विनालफास 25 प्रतिशत तरल एवं आठ किग्रा यूरिया तथा स्टीकर के साथ 400 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करें और आवश्यकता पड़ने पर एक सप्ताह बाद दूसरा छिड़काव करें।
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