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Shamli News: फुटबाल के मैदान से अपराध की पिच तक पहुंचा फुरकान
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कैराना। कभी फुटबाल के मैदान में अपनी प्रतिभा से पहचान बनाने वाला फुरकान बाद में अपराध की दुनिया का चर्चित नाम बन गया। बचपन में वह नगर के पब्लिक इंटर कॉलेज के मैदान में युवाओं के साथ फुटबाल खेलता था। जिला स्तर पर भी एक प्रतियोगिता में उसने भाग लिया था। खेल के प्रति उसका रुझान था, लेकिन समय के साथ वह गलत रास्ते पर चला गया और अपराध की दुनिया में कदम रख दिया।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार फुरकान ने वर्ष 2003 में अपराध की दुनिया में पहला कदम रखा। उसके खिलाफ लूट और आर्म्स एक्ट के तीन मुकदमे दर्ज हुए थे। इसके बाद उसने अपना गिरोह खड़ा कर लिया और लगातार आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने लगा।
कैराना थाने का हिस्ट्रीशीटर बदमाश फुरकान हत्या, लूट, रंगदारी, गैंगस्टर, आर्म्स एक्ट और पुलिस मुठभेड़ जैसे गंभीर मामलों में आरोपी रहा। पुलिस रिकॉर्ड में उसके खिलाफ 24 से अधिक मुकदमे दर्ज पाए गए।
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कैराना में व्यापारी नेता विनोद सिंघल हत्याकांड समेत कई चर्चित वारदातों में उसका नाम सामने आया था। पुलिस मुठभेड़ और लूट के मामलों में वह वांछित चल रहा था। वर्ष 2026 में पुलिस मुठभेड़ उसके खिलाफ दर्ज आखिरी मुकदमा बना। फुटबाल के मैदान में कदम रखने वाला फुरकान आखिरकार अपराध की दुनिया में ऐसा उलझा कि उसका अंत एक इनामी बदमाश के रूप में हुआ।
-फुरकान को एनडीपीएस के मुकदमे में हुई थी दस वर्ष की सजा
कैराना। 15 जनवरी 2022 में फास्ट ट्रैक (एफटीसी) कोर्ट ने कुख्यात बदमाश फुरकान को एनडीपीएस एक्ट के मुकदमे में दस वर्ष की सजा सुनाई थी। इसके बाद फुरकान को मुजफ्फरनगर जिला कारागार भेज दिया गया था। 24 मार्च 2022 में फुरकान को मुजफ्फरनगर जेल से अंबेडकर नगर जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। बाद में फुरकान ने हाईकोर्ट में अपील की थी। इसके बाद फुरकान जमानत पर जेल से बाहर आया था।
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भाजपा सरकार बनने पर फुरकान का हुआ था हाफ एनकाउंटर
कैराना। उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद सबसे पहले पुलिस की कुख्यात बदमाश फुरकान के साथ मुठभेड़ हुई थी। मुठभेड़ के दौरान फुरकान पैर में गोली लगने से घायल हुआ था। आठ नवंबर 2017 को फुरकान गांव जहानपुरा में एक किसान से रंगदारी मांगने आया था। सूचना पर तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अजयपाल शर्मा ने पुलिस टीम के साथ कुख्यात फुरकान की घेराबंदी की। इसके बाद कांधला रोड पर गांव आल्दी के जंगल में मुठभेड़ हुई थी। इसके बाद पुलिस ने उसे जेल भेज दिया था। उस समय उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
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पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार फुरकान ने वर्ष 2003 में अपराध की दुनिया में पहला कदम रखा। उसके खिलाफ लूट और आर्म्स एक्ट के तीन मुकदमे दर्ज हुए थे। इसके बाद उसने अपना गिरोह खड़ा कर लिया और लगातार आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने लगा।
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कैराना थाने का हिस्ट्रीशीटर बदमाश फुरकान हत्या, लूट, रंगदारी, गैंगस्टर, आर्म्स एक्ट और पुलिस मुठभेड़ जैसे गंभीर मामलों में आरोपी रहा। पुलिस रिकॉर्ड में उसके खिलाफ 24 से अधिक मुकदमे दर्ज पाए गए।
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कैराना में व्यापारी नेता विनोद सिंघल हत्याकांड समेत कई चर्चित वारदातों में उसका नाम सामने आया था। पुलिस मुठभेड़ और लूट के मामलों में वह वांछित चल रहा था। वर्ष 2026 में पुलिस मुठभेड़ उसके खिलाफ दर्ज आखिरी मुकदमा बना। फुटबाल के मैदान में कदम रखने वाला फुरकान आखिरकार अपराध की दुनिया में ऐसा उलझा कि उसका अंत एक इनामी बदमाश के रूप में हुआ।
-फुरकान को एनडीपीएस के मुकदमे में हुई थी दस वर्ष की सजा
कैराना। 15 जनवरी 2022 में फास्ट ट्रैक (एफटीसी) कोर्ट ने कुख्यात बदमाश फुरकान को एनडीपीएस एक्ट के मुकदमे में दस वर्ष की सजा सुनाई थी। इसके बाद फुरकान को मुजफ्फरनगर जिला कारागार भेज दिया गया था। 24 मार्च 2022 में फुरकान को मुजफ्फरनगर जेल से अंबेडकर नगर जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। बाद में फुरकान ने हाईकोर्ट में अपील की थी। इसके बाद फुरकान जमानत पर जेल से बाहर आया था।
भाजपा सरकार बनने पर फुरकान का हुआ था हाफ एनकाउंटर
कैराना। उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद सबसे पहले पुलिस की कुख्यात बदमाश फुरकान के साथ मुठभेड़ हुई थी। मुठभेड़ के दौरान फुरकान पैर में गोली लगने से घायल हुआ था। आठ नवंबर 2017 को फुरकान गांव जहानपुरा में एक किसान से रंगदारी मांगने आया था। सूचना पर तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अजयपाल शर्मा ने पुलिस टीम के साथ कुख्यात फुरकान की घेराबंदी की। इसके बाद कांधला रोड पर गांव आल्दी के जंगल में मुठभेड़ हुई थी। इसके बाद पुलिस ने उसे जेल भेज दिया था। उस समय उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।