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जाफरपुर में बुखार से 15 दिन में चार की मौत
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ग्राम जाफपुर की रेखा सैनी का फाइल फोटो।
- फोटो : SHAMLI
गढ़ीपुख्ता/थानाभवन (शामली)। क्षेत्र के गांव जाफरपुर में बुखार से 15 दिन में चार लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। इतना सब होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इन सबसे अंजान बने हुए हैं।
क्षेत्र के गांव जाफरपुर में सोमवार सुबह निवासी रेखा सैनी (45) की बुखार की चपेट में आने से मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि उनको करीब दो सप्ताह से वायरल बुखार आ रहा था, परिजनों ने कई जगह उपचार कराने के बाद देहरादून के अस्पताल में भर्ती कराया था। सोमवार सुबह उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बुखार का प्रकोप फैैला हुआ है। चार दिन पहले ही गांव की एक अन्य महिला मोनिका सैनी (22) की बुखार के चलते ही मौत हो गई थी। रमेश कश्यप (40) ने दस दिन पहले बुखार के कारण दम तोड़ दिया था। इसके अलावा गांव के ही अलताफ की आठ वर्षीय बेटी की भी बुखार के कारण मौत हो गई थी। गांव के प्रधान के पति रामकुमार भी बुखार की चपेट में आने के कारण अस्पताल में भर्ती है। इनके अलावा गांव के राजपाल, सुनील, कल्लू, महावीर, फूलकली, पंकज सहित काफी लोग लोग बुखार की चपेट में है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में वह स्वास्थ्य विभाग को कई बार शिकायत कर चुके है, लेकिन अब तक किसी का ध्यान नहीं दिया है। ग्राम प्रधान सरिता सैनी ने बताया कि गांव की नालियों में मच्छरों को मारने की दवा का नियमित छिड़काव कराया जा रहा है। बावजूद इसके वायरल का प्रकोप कम होने के बजाए बढ़ता जा रहा है। थानाभवन सामुदायिक चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ कांतिप्रसाद ने बताया कि दीपावली की छुट्टी के बाद जाफरपुर गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाकर मरीजों की जांच कराई जाएगी। इसके अलावा मलेरिया की टीम शामली से गांव पहुंचकर मरीजों की जांच व उपचार करेगी।
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क्षेत्र के गांव जाफरपुर में सोमवार सुबह निवासी रेखा सैनी (45) की बुखार की चपेट में आने से मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि उनको करीब दो सप्ताह से वायरल बुखार आ रहा था, परिजनों ने कई जगह उपचार कराने के बाद देहरादून के अस्पताल में भर्ती कराया था। सोमवार सुबह उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बुखार का प्रकोप फैैला हुआ है। चार दिन पहले ही गांव की एक अन्य महिला मोनिका सैनी (22) की बुखार के चलते ही मौत हो गई थी। रमेश कश्यप (40) ने दस दिन पहले बुखार के कारण दम तोड़ दिया था। इसके अलावा गांव के ही अलताफ की आठ वर्षीय बेटी की भी बुखार के कारण मौत हो गई थी। गांव के प्रधान के पति रामकुमार भी बुखार की चपेट में आने के कारण अस्पताल में भर्ती है। इनके अलावा गांव के राजपाल, सुनील, कल्लू, महावीर, फूलकली, पंकज सहित काफी लोग लोग बुखार की चपेट में है।
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ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में वह स्वास्थ्य विभाग को कई बार शिकायत कर चुके है, लेकिन अब तक किसी का ध्यान नहीं दिया है। ग्राम प्रधान सरिता सैनी ने बताया कि गांव की नालियों में मच्छरों को मारने की दवा का नियमित छिड़काव कराया जा रहा है। बावजूद इसके वायरल का प्रकोप कम होने के बजाए बढ़ता जा रहा है। थानाभवन सामुदायिक चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ कांतिप्रसाद ने बताया कि दीपावली की छुट्टी के बाद जाफरपुर गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाकर मरीजों की जांच कराई जाएगी। इसके अलावा मलेरिया की टीम शामली से गांव पहुंचकर मरीजों की जांच व उपचार करेगी।
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