फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Forensic investigation report rests on police's expectations

फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट पर टिकी पुलिस की उम्मीदें

Sun, 07 Jun 2020 11:28 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 07 Jun 2020 11:28 PM IST
विज्ञापन
Forensic investigation report rests on police's expectations
फाइल फोटो-शनिवार को बंजारा बस्ती के मकान में जांच करती फोरेंसिक विभाग की टीम - फोटो : SHAMLI
फोरेंसिक जांच रिपोर्ट पर टिकी पुलिस की उम्मीदें
विज्ञापन

कैराना (शामली)। 20 मई को दो युवतियों के शव जगनपुर के जंगल में मिले थे। दोनों युवतियों की शनाख्त तो नहीं हुई, लेकिन इस मामले में जुटाए गए सुराग और मिली जानकारियों के बाद शक की सुई एक मकान पर आकर टिकी है। फोरेंसिक टीम द्वारा यहां से लिए गए करीब 20 खून जैसे धब्बों के सैंपल जांच को लैब में रेवाड़ी (हरियाणा) भेजे गए हैं। इसकी जांच रिपोर्ट पर ही पुलिस की उम्मीदें टिकी हैं।
20 मई की शाम जगनपुर के जंगल में दो युवतियों के खून से लथपथ शव मिले थे। दोनो की ही हत्या सिर में धारदार हथियारों से वार करके की गई थी। चार दिन बाद मेरठ से बुलाई गई फोरेंसिक टीम को जांच के दौरान घटनास्थल के आसपास खून के धब्बे मिले थे। ये धब्बे बंजारा बस्ती के निकट तक गए थे। पुलिस आसपास की बस्तियों को खंगाल रही थी। इस बीच पता चला कि बंजारा बस्ती के एक मकान से महिला का शव मिलने के पांच दिन बाद ही रात के समय हरियाणा की रोहतक पुलिस इस मकान में रुके एक व्यक्ति का पकड़कर ले गई थी, उसकी वहां की पुलिस को किसी मामले में तलाश थी। बताया जा रहा है कि मामला ड्रग्स तस्करी का था, तभी से ये मकान पुलिस की नजरों में आ गया था।
विज्ञापन

शक के आधार पर पुलिस तीन दिन पहले पुलिस इस मकान पर गई तो वहां सीढ़ियों की स्टील की रेलिंग पर लाल रंग के धब्बे नजर आए। लगा कि शायद खून के धब्बे हो सकते हैं। शक पुख्ता करने को पुलिस ने रविवार को फिर से मेरठ से फोरेंसिक टीम को बुलाया। मेरठ फोरेंसिक टीम ने शनिवार को घंटों मकान को खंगाला। टीम ने केमिकल से जांच की गई तो कई जगह लाल रंग के खून जैसे हल्के धब्बे नजर आए। मकान के अंदर फर्श से वाइपर, बेडशीट आदि कई भारी और धारदार चीजें आदि कई ऐसी चीजें थी, जिससे पुलिस को शक बढ़ता गया। कई चीजों पर हल्के लाल धब्बे मिले। लैब में इस बात की पुष्टि कराई जाएगी कि ये धब्बे खून के हैं या नहीं। यदि हैं तो ये किसी जानवर का रक्त है या मानव का। पुलिस ये भी जानने की कोशिश कर रही है कि पूर्व में घटनास्थल के पास मिले खून के धब्बे और मकान से मिले धब्बों का कहीं एक जैैसे ब्लड ग्रुप के तो नहीं है। कुल मिलाकर अब पुलिस की जांच इस फोरेंसिक जांच रिपोर्ट पर आकर टिक गई है। इस मकान का मालिक भी गायब हो गया है। इस लिहाज से भी पुलिस की पूरी सुई इस मकान पर ही आकर टिक गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ड्रग्स तस्करी से तो नहीं जुडे़ तार
बताया जा रहा है कि इस मकान से रोहतक पुलिस ड्रग्स तस्करी के ही किसी मामले में ले गई थी। उस वक्त मकान में कई लोग थे। महिलाएं भी थी, लेकिन अब ये सब गायब हैं। ऐसे में इस बात की संभावना भी है कि दोनों युवतियों की हत्या के पीछे ड्रग्स तस्करी ही कोई वजह रही हो। हालांकि इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी।

कोट
इस केस में सर्विलांस पर भी बड़ा काम हुआ। मिली जानकारियों पर लोगों से पूछताछ की। कई बार लगा कि पुलिस काफी नजदीक पहुंच गई है, लेकिन स्पष्ट नहीं हुआ। कुछ दिन पहले रोहतक पुलिस के मकान पर दबिश की बात पता चली तो ये मकान शक के दायरे में आया। अब इसके मकान में रहने वाले गायब हैं तो शक और बढ़ा है। इस मकान में मिले संदिग्ध खून जैसे निशानों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। इसकी जांच रिपोर्ट के आधार पर बहुत कुछ टिका है। जांच के बाद काफी कुछ चीजें स्पष्ट होंगी जब तक कुछ भी कहना संभव नहीं है।
विनीत जायसवाल, एसपी शामली

फाइल फोटो-शनिवार को बंजारा बस्ती में मकान पर पहुची मेरठ की फोरेंसिक टीम

फाइल फोटो-शनिवार को बंजारा बस्ती में मकान पर पहुची मेरठ की फोरेंसिक टीम- फोटो : SHAMLI

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed