फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Follow the teachings of Mahatma Buddha, learn from his life and character

Shamli News: महात्मा बुद्ध के उपदेशों का पालन कर, उनके जीवन चरित्र से लें सीख

Fri, 05 May 2023 05:58 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 05 May 2023 05:58 PM IST
विज्ञापन
Follow the teachings of Mahatma Buddha, learn from his life and character
विद्यालयों में मनाई गई महात्मा बुद्ध की जयंती
विज्ञापन

फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। शहर के विद्यालयों में शुक्रवार को बुद्ध पूूर्णिमा का उत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों से आह्वान किया कि महात्मा बुद्ध के उपदेशों का पालन करें। साथ ही उनके चरित्र से सीख लेकर उसे अपने जीवन में उतारें।
सरस्वती बालिका विद्या मंदिर इंटर कॉलेज शामली में वंदना सत्र में बुद्ध पूर्णिमा का उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य रविंद्र कुमार, आचार्य कुलदीप कुमार और शिक्षिका कविता गुप्ता ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। आचार्य कुलदीप कुमार ने बुद्ध पूर्णिमा के महत्व और गौतम बुद्ध के जीवन पर प्रकाश डाला। प्रधानाचार्य ने छात्राओं को गौतम बुद्ध के सिद्धांतों सत्य, अहिंसा, अस्तेय, अप्रमाद, ब्रह्मचर्य का पालन करने का दृढ़ संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में इन्हीं सिद्धांतों का पालन संपूर्ण विश्व कर रहा है और सभी राष्ट्र एक-दूसरे को सम्मान दे रहे हैं। इस अवसर पर आचार्य संदीप कुमार, मोहित शर्मा, धर्मेंद्र कुमार, रवि कुमार, विकास कुमार, गीता रानी, अनीता मलिक, मोनिका, सुरभि मित्र आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका वंदना ने किया।
विज्ञापन

सरस्वती शिशु विद्या मंदिर जूनियर स्कूल शामली में महात्मा बुद्ध की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर प्रधानाचार्य संजय सैनी व जयंती के मुख्य वक्ता प्रवेश शर्मा ने महात्मा बुद्ध के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन किया। प्रधानाचार्य संजय सैनी ने बताया कि देश में समय-समय पर ऋषि मुनि और अनेक महापुरुषों ने अवतार लिया है। महात्मा बुद्ध हिंदू धर्म में उपजी बुराइयों जाति प्रथा, कर्मकांड और बलि प्रथा आदि के अत्यंत विरोधी थे और अपनी शिक्षा के माध्यम से इन कुरीतियों का अंत करना चाहते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

जयंती के प्रमुख प्रवेश शर्मा ने विद्यार्थियों को बताया कि महात्मा बुद्ध अपना परिवार, राजपाट का मोह त्यागकर वन में चले गए। वर्षों की कठोर साधना के बाद उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई। वह सिद्धार्थ से महात्मा बुद्ध बन गए। उन्होंने लोगों को दुख, उसके कारण और निवारण के लिए अष्टांगिक मार्ग सुझाया। उन्होंने अहिंसा पर जोर दिया।आचार्य आशीष जैन, रविंद्र कुमार, शिवकुमार धीमान, सुनील कुमार, रामकुमार, मोहित कुमार, अनुज शर्मा, अमित कुमार, सोहनलाल, संजीव बालियान आदि मौजूद रहे।

इसके अलावा सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना व महात्मा बुद्ध के चित्र के सम्मुख पुष्पार्चन से हुआ। मुख्य वक्ता आचार्य नीटू कश्यप ने कहा कि बुद्ध पूर्णिमा महात्मा बुद्ध को स्मरण करके उनके द्वारा दी गयी शिक्षा को आत्मसात करने का दिन है। इसी दिन भगवान बुद्ध का जन्म हुआ और इसी दिन बौद्ध गया में बोधिवृक्ष के नीचे इन्हें दिव्य ज्ञान प्राप्त हुआ। महात्मा बुद्ध का दर्शन मानव केंद्रित है। इसलिए हमें इनके सिद्धांतों को अपनाना चाहिए। आचार्य मोहर सिंह, पुष्पेंद्र शर्मा, अरविंद कुमार, मधुबन शर्मा, ब्रजपाल सिंह, संदीप कुमार, अंकुर कुमार, ललित कुमार व अंकित भार्गव आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता प्रधानाचार्य आनंद प्रसाद शर्मा व संचालन सोमदत्त आर्य ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed