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बेखौफ चीरा जा रहा धरती का सीना
ब्यूरो/ अमर उजाला, शामली
Updated Fri, 01 Apr 2016 02:04 AM IST
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झिंझाना में जेसीबी मशीन से अवैध खनन करते माफिया।
- फोटो : अमर उजाला
झिंझाना। खादर क्षेत्र में खनन माफिया के हौसले इतने बुलंद हैं कि एनजीटी के आदेशों को भी ताक पर रखा जा रहा है। एनजीटी ने जनहित याचिका पर खनन करने वाले 12 लोगों पर 250 करोड़ का जुर्माना लगाया, लेकिन माफियाओं ने न तो जुर्माना भरा और न ही खनन बंद किया। लगातार हो रहे खनन से जहां पर्यावरण को खतरा है, वहीं राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। इसके बावजूद भी अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।
खादर क्षेत्र में यमुना का सीना चीर कर हर रोज अवैध रूप से रेत खनन किया जा रहा है। सड़क पर दिन रात रेत से भरे डंपर, ट्रक इसकी गवाही देते हैं। पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से ही यह वाहन गुजरते हैं। इसके लिए सड़कों पर पुलिसकर्मी खड़े रहते हैं और वाहनों से शुल्क वसूलते हैं। इसके बावजूद भी पुलिस प्रशासन कोई कार्रवाई खनन के खिलाफ नहीं करता।
एनजीटी ने भी रेत खनन पर पूरी तरह से रोक लगा रखी है। इसके बावजूद भी जेसीबी और पोर्कलेन से खनन हो रहा है।
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खादर क्षेत्र में यमुना का सीना चीर कर हर रोज अवैध रूप से रेत खनन किया जा रहा है। सड़क पर दिन रात रेत से भरे डंपर, ट्रक इसकी गवाही देते हैं। पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से ही यह वाहन गुजरते हैं। इसके लिए सड़कों पर पुलिसकर्मी खड़े रहते हैं और वाहनों से शुल्क वसूलते हैं। इसके बावजूद भी पुलिस प्रशासन कोई कार्रवाई खनन के खिलाफ नहीं करता।
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एनजीटी ने भी रेत खनन पर पूरी तरह से रोक लगा रखी है। इसके बावजूद भी जेसीबी और पोर्कलेन से खनन हो रहा है।