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Shamli News: किसानों ने डीसीओ कार्यालय की तालाबंदी कर जिला गन्ना अधिकारी को धरना स्थल पर बैठाया
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शामली। किसान एकता संघर्ष समिति के नेतृत्व में शामली गन्ना सहकारी समिति कार्यालय परिसर में किसानों का बेमियादी धरना 31वें दिन भी जारी रहा। बुधवार को किसानों ने गन्ना मूल्य भुगतान और तीस सालों के ब्याज का रिकॉर्ड न मिलने पर नाराजगी जताई। किसानों ने जिला गन्ना अधिकारी रणजीत सिंह कुशवाहा को धरने पर बैठाया और बाद में उनके कार्यालय की तालाबंदी कर दी।
किसानों ने डीसीओ से बकाया गन्ना भुगतान मांगा। उन्होंने तीस सालों के ब्याज का रिकॉर्ड भी मांगा। डीसीओ कुशवाहा ने कहा कि समिति का रिकॉर्ड गन्ना विभाग लखनऊ की अनुमति के बिना नहीं दिया जा सकता। उन्होंने शामली सहकारी गन्ना समिति के सचिव से रिकॉर्ड मांगने को कहा। आखिर में डीसीओ ने रिकॉर्ड लिखित में देने से इन्कार कर दिया। इसे लेकर किसानों और डीसीओ के बीच तीखी नोकझोंक हुई। डीसीओ धरने पर किसानों के बीच से उठकर चलने लगे। गुस्साए किसानों ने डीसीओ कार्यालय की तालाबंदी कर दी। उन्होंने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी, तब तक कार्यालय की तालाबंदी रहेगी।
किसानों की प्रमुख मांग पिछले तीस सालों के गन्ना मूल्य भुगतान और उस पर लगने वाले ब्याज का रिकॉर्ड उपलब्ध कराना है। बुधवार सुबह दस बजे किसान धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने अपनी मांग दोहराई। डीसीओ रणजीत सिंह कुशवाहा ने रिकॉर्ड देने में असमर्थता जताई। इसके लिए लखनऊ से अनुमति आवश्यक है। उनके लिखित में रिकॉर्ड देने से इन्कार करने पर किसानों में भारी रोष फैल गया।
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-दाखिल याचिका को पीठासीन अधिकारी ने खारिज किया
धरना संयोजक परमवीर शास्त्री ने बताया कि यूपी सरकार की दिल्ली सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका को पीठासीन अधिकारी ने खारिज कर दिया है। किसानों का कहना है कि उनकी सभी मांगें पूरी होने तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। कार्यालय की तालाबंदी भी इसी शर्त पर निर्भर करेगी। इस मौके पर कर्मवीर सिंह, श्योराम सिंह, अनिरुद्ध मलिक, दुष्यंत मलिक, धीरज पाल, सुभाष शर्मा, राजपाल मुखिया, राजवीर मलिक, बालेंद्र कुमार, किरणपाल, पप्पू, संदीप और तेजपाल शर्मा सहित अनेक किसान मौजूद थे।
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किसानों ने डीसीओ से बकाया गन्ना भुगतान मांगा। उन्होंने तीस सालों के ब्याज का रिकॉर्ड भी मांगा। डीसीओ कुशवाहा ने कहा कि समिति का रिकॉर्ड गन्ना विभाग लखनऊ की अनुमति के बिना नहीं दिया जा सकता। उन्होंने शामली सहकारी गन्ना समिति के सचिव से रिकॉर्ड मांगने को कहा। आखिर में डीसीओ ने रिकॉर्ड लिखित में देने से इन्कार कर दिया। इसे लेकर किसानों और डीसीओ के बीच तीखी नोकझोंक हुई। डीसीओ धरने पर किसानों के बीच से उठकर चलने लगे। गुस्साए किसानों ने डीसीओ कार्यालय की तालाबंदी कर दी। उन्होंने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी, तब तक कार्यालय की तालाबंदी रहेगी।
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किसानों की प्रमुख मांग पिछले तीस सालों के गन्ना मूल्य भुगतान और उस पर लगने वाले ब्याज का रिकॉर्ड उपलब्ध कराना है। बुधवार सुबह दस बजे किसान धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने अपनी मांग दोहराई। डीसीओ रणजीत सिंह कुशवाहा ने रिकॉर्ड देने में असमर्थता जताई। इसके लिए लखनऊ से अनुमति आवश्यक है। उनके लिखित में रिकॉर्ड देने से इन्कार करने पर किसानों में भारी रोष फैल गया।
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-दाखिल याचिका को पीठासीन अधिकारी ने खारिज किया
धरना संयोजक परमवीर शास्त्री ने बताया कि यूपी सरकार की दिल्ली सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका को पीठासीन अधिकारी ने खारिज कर दिया है। किसानों का कहना है कि उनकी सभी मांगें पूरी होने तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। कार्यालय की तालाबंदी भी इसी शर्त पर निर्भर करेगी। इस मौके पर कर्मवीर सिंह, श्योराम सिंह, अनिरुद्ध मलिक, दुष्यंत मलिक, धीरज पाल, सुभाष शर्मा, राजपाल मुखिया, राजवीर मलिक, बालेंद्र कुमार, किरणपाल, पप्पू, संदीप और तेजपाल शर्मा सहित अनेक किसान मौजूद थे।