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बेटी के लिए उपवास रखा, भगवान ने की इच्छा पूरी
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शामली सीएससी में जन्मी बच्ची को चूमता दयानंद नगर निवासी अंकित
- फोटो : SHAMLI
बेटी के लिए उपवास रखा, पूरी हुई इच्छा
शामली। पहली संतान के रूप में बेटी पैदा हो, इसके लिए मैंने भगवान भोलेनाथ का पांच सोमवार उपवास रखा था। भगवान ने आज उनकी इच्छा पूरी कर दी है। वह और उसकी पत्नी समेत पूरा परिवार खुश है।
यह कहना है कि फादर्स डे पर पिता बने गांव भौराकलां निवासी हरीश का। रविवार को फादर्स डे पर पहली संतान पाने वालों के लिए बहुत ही शुभ रहा है। उन्हें बेटा या बेटी का गिफ्ट जो मिला है। शामली सीएचसी में शनिवार रात 12 बजे के बाद से रविवार शाम तक पांच डिलीवरी हुई, जिनमें दो बेटी पहली संतान के रूप में पैदा हुई है। इनमें जिला मुजफ्फरनगर के गांव भौराकलां निवासी हरीश की पत्नी शालू ने रात 3.05 बजे बेटी को जन्म दिया। दिल्ली में प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले हरीश ने बताया कि उसने पहली संतान के रूप में बेटी की भगवान से कामना की थी। उसने पिछले महीने से भगवान शंकर के पांच सोमवार उपवास रखा। उसने कहा कि बेटे के मुकाबले बेटी ज्यादा समझदार, होशियार और घर संभालने वाली होती है। इसलिए उसने और उसकी पत्नी दोनों ने पहली संतान बेटी हो, यही कामना भगवान से की थी। भगवान ने उनकी सुन ली और उन्हें फादर्स डे के दिन वे पिता बने हैं, यह और भी खुशी की बात है। वह मंदिर में प्रसाद चढ़ाएंगे।
शाम को 6.08 बजे मूल निवासी गांव झाल हाल निवासी दयानंद नगर के अंकित की पत्नी दीपा ने पहली संतान के रूप में बेटी को जन्म दिया। अंकित ने बताया कि फादर्स डे पर पहली संतान में उन्हें बेटी मिली है। यह उनके लिए बड़े सौभाग्य की बात है। वह और उनका परिवार बहुत खुश है।
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शामली। पहली संतान के रूप में बेटी पैदा हो, इसके लिए मैंने भगवान भोलेनाथ का पांच सोमवार उपवास रखा था। भगवान ने आज उनकी इच्छा पूरी कर दी है। वह और उसकी पत्नी समेत पूरा परिवार खुश है।
यह कहना है कि फादर्स डे पर पिता बने गांव भौराकलां निवासी हरीश का। रविवार को फादर्स डे पर पहली संतान पाने वालों के लिए बहुत ही शुभ रहा है। उन्हें बेटा या बेटी का गिफ्ट जो मिला है। शामली सीएचसी में शनिवार रात 12 बजे के बाद से रविवार शाम तक पांच डिलीवरी हुई, जिनमें दो बेटी पहली संतान के रूप में पैदा हुई है। इनमें जिला मुजफ्फरनगर के गांव भौराकलां निवासी हरीश की पत्नी शालू ने रात 3.05 बजे बेटी को जन्म दिया। दिल्ली में प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले हरीश ने बताया कि उसने पहली संतान के रूप में बेटी की भगवान से कामना की थी। उसने पिछले महीने से भगवान शंकर के पांच सोमवार उपवास रखा। उसने कहा कि बेटे के मुकाबले बेटी ज्यादा समझदार, होशियार और घर संभालने वाली होती है। इसलिए उसने और उसकी पत्नी दोनों ने पहली संतान बेटी हो, यही कामना भगवान से की थी। भगवान ने उनकी सुन ली और उन्हें फादर्स डे के दिन वे पिता बने हैं, यह और भी खुशी की बात है। वह मंदिर में प्रसाद चढ़ाएंगे।
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शाम को 6.08 बजे मूल निवासी गांव झाल हाल निवासी दयानंद नगर के अंकित की पत्नी दीपा ने पहली संतान के रूप में बेटी को जन्म दिया। अंकित ने बताया कि फादर्स डे पर पहली संतान में उन्हें बेटी मिली है। यह उनके लिए बड़े सौभाग्य की बात है। वह और उनका परिवार बहुत खुश है।
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