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पड़ोसी जिले में खरीद केंद्रों पर किसान बेच सकेंगे अपना गेहूं

Mon, 04 Apr 2022 12:15 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 04 Apr 2022 12:15 AM IST
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Farmers will be able to sell their wheat at procurement centers in neighboring districts
शामली। शासन की नई गेहूं खरीद नीति के अनुसार 100 क्विंटल की सीमा तक गेहूं विक्रय के सत्यापन में छूट होगी। इससे अधिक विक्रय किए जाने की दशा में एसडीएम या तहसीलदार भूलेख के आधार पर सत्यापन करेंगे। विक्रय के बाद 72 घंटे में किसान के बैंक खाते में गेहूं का मूल्य पीएफएमएस के माध्यम से प्राप्त होगा। किसी एक जनपद से सटे हुए अन्य जनपद के किसान जहां समीप में क्रय केंद्र स्थापित हो और अपना गेहूं बेचने के इच्छुक हैं, तो वह पास के जिले में अपना गेहूं बेच सकेंगे।
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डिप्टी आरएमओ कमलेश कुमार ने बताया कि गेहूं खरीद का प्रत्येक विवरण ई-उपार्जन मॉडयूल पर दर्ज होगा। केवल उसी खरीद को मान्यता दी जाएगी, जो ऑनलाइन फीड होगी। किसानों से गेहूं खरीदने के लिए खरीद एजेंसी के खाते में 50 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध रहेगी। नोडल अधिकारी डीएम होगी, उनके निर्देश पर गेहूं क्रय किया जाएगा। डीएम प्रत्येक क्रय केंद्र पर एक नोडल अधिकारी की तैनाती करेगी, जो पर्यवेक्षणीय अधिकारी की भूमिका में होगा।
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नोडल अधिकारी के रुप में ग्राम स्तर के अधिकारी-कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। नोडल अधिकारी प्रतिदिन शाम को खरीद की मात्रा और स्टॉक सत्यापन कर दैनिक रिपोर्ट जिला खाद्य विपणन अधिकारी और जिला खरीद अधिकारी को भेजेंगे। नोडल अधिकारी यह भी तय करेंगे कि क्रय केंद्र पर, गेहूं खरीद कार्य के लिए नियुक्त हैंडलिंग ठेकेदार द्वारा प्रति कांटा पर्याप्त संख्या में श्रमिक उपलब्ध कराए गए हैं।
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सभी खरीद एजेंसियों के क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद के लिए इलेक्ट्रॉनिक कांटा, नमीमापक यंत्र, पावर डस्टर, छलना, पंखा आदि की व्यवस्था है। रबी विपणन वर्ष 2022- 23 में गेहूं खरीद एक अप्रैल से 15 जून तक सुबह 9 बजे से शाम छह बजे तक होगी। डीएम स्थानीय परिस्थिति के अनुसार आवक की दृष्टिगत क्रय केंद्रों के समय का बदलाव करने के लिए अधिकृत होंगे।

डिप्टी आरएमओ ने बताया कि जिले में स्थापित क्रय केंद्रों पर कोई भी किसान अपनी सुविधा के अनुसार गेहूं टोकन प्राप्त कर बेच सकेगा, परंतु यदि कोई किसान केंद्र पर एक बार अपना गेहूं बेच लेता है तो उसे अगली बार भी उत्पादित गेहूं की शेष मात्रा उसी केंद्र पर बेचनी होगी। गेहूं की बिक्री के लिए किसान को किसान को खाद्य विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
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