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बकाया गन्ना भुगतान के लिए किसानों की जंग जारी

Sat, 19 Jan 2019 11:29 PM IST
NAVEEN GUPTA ब्यूरो, अमर उजाला/शामली
ब्यूरो, अमर उजाला/शामली Published by: NAVEEN GUPTA Updated Sat, 19 Jan 2019 11:29 PM IST
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Farmers' war continues to pay outstanding sugarcane payment
शमली शुगर मिल में किसानों के धरने पर मौजूद एडीएम और एएसपी। - फोटो : अमर उजाला
शामली। शामली शुगर मिल पर गन्ना भुगतान की मांग को लेकर किसानों का धरना चौथे दिन भी जारी रहा। पूर्व विधायक पंकज मलिक सहित कई किसान नेता और संगठन धरनास्थल पर पहुंचे और किसानों को अपना समर्थन दिया। चेतावनी दी कि भुगतान होने तक न धरना खत्म होगा न मिल चलेगी। उधर, बकाया भुगतान नहीं होने से नाराज कुछ किसानों ने एमएसके रोड पर गन्ने के वाहन आड़े तिरछे खड़े कर जाम लगा दिया। प्रदेश सरकार और मिल अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी। मेन रोड जाम होने के कारण बाजार और गली मोहल्ले में भी जाम लग गया। जिस कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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शामली शुगर मिल पर शनिवार को भी किसान डटे रहे। चीनी मिल के डायरेक्टर पुष्पेंद्र निर्वाल, पूर्व डायरेक्टर तेजेंद्र निर्वाल, देशपाल राणा आदि कई किसान नेता धरने पर बैठे। दोपहर में पूर्व विधायक पंकज मलिक और अन्य संगठन भी किसानों के बीच पहुंचे। पूर्व विधायक पंकज मलिक ने कहा कि नियम 14 दिन में गन्ना भुगतान का है। इससे लेट करने पर मिलों को ब्याज भी देना पड़ता है। मगर ब्याज तो दूर किसान को मूल भी नहीं दिया जा रहा। उसके लिए भी धरना करना पड़ रहा है। किसानों ने साफ कहा कि इस बार किसान बहकावे में आने वाले नहीं हैं। उधर, कुछ किसानों ने मिल रोड के बाहर एसमएसके रोड पर अपनी ट्रैक्टर ट्रालियां सड़क के बीच अड़ाकर जाम लगा दिया। इस दौरान किसानों ने नारेबाजी करते हुए हंगामा किया। जिससे दिल्ली सहारनपुर मार्ग पर जाम लग गया। दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम लगने का पता लगने पर धरनास्थल पर बैठे कुछ किसान वहां पहुंचे और उनको समझाकर जाम खुलवाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। इसे लेकर किसानों में भी आपस में कहासुनी हुई। बाद में काफी प्रयास बाद कुछ बुजुर्ग किसानों ने जाम को गलत बताते हुए अन्य किसानों को शांत कर वापस भेजा और जाम खुलवाया। मौके पर संजय कालखंडे, अक्षय देशवाल, संजीव कालखंडे, हरीश, जयवीर सिंह, जगबीर सिंह, सर्वेश, महक सिंह देशवाल, बाबूराम पंवार आदि किसान मौजूद रहे।
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सात करोड़ के भुगतान पर नहीं माने किसान
शामली। धरने पर बैठे किसानों को समझाने के लिए दोपहर में एडीएम और एएसपी किसानों के बीच पहुंचे। शुगर मिल के अधिकारी कुलदीप पिलानिया, दीपक राणा भी बुलाए गए। किसानों के बीच वार्ता हुई। मिल अधिकारियों ने कहा कि पुराने भुगतान के लिए साफ्ट लोन की प्रक्रिया चल रही है। गन्ना समिति डायरेक्टर पुष्पेंद्र निर्वाल के अनुसार शुगर मिल अधिकारियों ने पहले नए सत्र का पांच से सात करोड़ का भुगतान करने की बात कही। इस किसान गर्मा गए। कहा कि मिल पर दो महीने से ज्यादा का भुगतान हो चुका है। सात करोड़ का भुगतान तो दो तीन दिन का बैठता है। किसान को 14 दिन का छोड़कर पूरा भुगतान चाहिए। शाम को फिर से एडीएम और एएसपी किसानों के बीच पहुंचे। उन्होंने किसानों से अनुरोध किया कि वे मिल चलने दें और चाहें तो अपना शांतिपूर्वक धरना भी जारी रखें। इस पर किसानों में सहमति नहीं बनी थी।
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निर्माण संगठन भी आया समर्थन में
शामली। उत्तम प्रदेश निर्माण संगठन के अध्यक्ष विजय कुमार भैंसवाल ने भी किसानों के साथ धरने पर पहुंचकर अपना समर्थन दिया। कहा कि उनका संगठन भी किसानों के साथ है और भुगतान होने तक किसानों के साथ खड़ा रहेगा।



गली मोहल्लों में भी लगा जाम
एमएसके रोड पर जाम की वजह से कुछ लोगों ने बड़ा बाजार, नया बाजार, सब्जी मार्केट नाला पटरी आदि जगहों से बाइक, स्कूटर और ई-रिक्शा निकालने शुरू कर दिए। जिससे वहां भी जाम लग गया। शहर के बाजार और गली मोहल्ले भी जाम होने से बीच में फंसे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।




देशपाल राणा की तबियत बिगड़ी
धरने पर बैठे किसान नेता देशपाल राणा की तबियत खराब हो गई। उन्हें सीने में दर्द की शिकायत हुई थी। उनके साथी किसान उन्हें एक निजी चिकित्सक के यहां ले गए थे। हालांकि शाम को स्थिति नार्मल हो गई थी।



मिल ने कहा है कि सात करोड़ का भुगतान किसानों के खाते में दो तीन दिन में पहुंच जाएगा, लेकिन किसान इतने से सहमत नहीं है। किसानों से वार्ता जारी है। - अखिलेश सिंह, डीएम शामली



शामली। किसानों की समस्याओं को लेकर भाकियू अंबावत कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। उन्होंने ज्ञापन सौंपकर बकाया गन्ने का संपूर्ण भुगतान कराए जाने, किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ किए जाने की मांग की है।

शनिवार को भाकियू अंबावत गुट के जिलाध्यक्ष संजीव फौजी के नेतृत्व में किसानों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री योगी के नाम ज्ञापन डीएम कार्यालय में सौंपकर अवगत कराया कि शामली चीनी मिल से किसानों का संपूर्ण गन्ना भुगतान किए जाने, गन्ना एक्ट के तहत 14 दिन के बाद किसानों का गन्ना मूल्य ब्याज समेत दिलाए जाने की मांग की। कहा कि पिछले साल का बकाया गन्ना भुगतान नहीं करने पर चीनी मिल मालिकों को जेल भेजने, जब तक किसानों के गन्ने का संपूर्ण भुगतान चीनी मिले नहीं करती है, तब तक बकाया बिजली बिल और बैंकों द्वारा किसानों को परेशान न किया। जिले में शामली में धान की मंडी की व्यवस्था किए जाए, जिससे किसानों को अपना धान बेचना के लिए बाहर न जाना पडे़। स्वामी नाथन रिपोर्ट लागू किए जाने की मांग की है। मौके पर भाकियू अंबावत के राष्ट्रीय सचिव आकाश कुमार, मुजफ्फरनगर जिला अध्यक्ष मौहम्मद शाह आलम, योगेंद्र राठी, अर्जुन सिंह, कर्मवीर, सतीश फौजी, रामवीर, सचिन, पवन राणा, सुखवीर सिंह आशीष, बलजोर त्यागी, कालू राम पंवार, अंकित मनीष, दीपक, फारुख, वेदपाल, राजक़ुमार आदि मौजूद रहे।
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