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Shamli News: किसानों ने क्रय केंद्र के कांटे को उखाड़ा, हंगामा हुआ
Thu, 07 Nov 2024 01:15 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Thu, 07 Nov 2024 01:15 AM IST
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शामली/ गढ़ीपुख्ता/ ऊन। थानाभवन से भैंसवाल गांव के क्रय केंद्र को शामली शुगर मिल के अंतर्गत ट्रांसफर नहीं किए जाने के विरोध में बुधवार को गुस्साए किसानों ने गांव में ही खूब हंगामा किया। क्रय केंद्र पर काम करने आए कर्मचारी को भी भगा दिया। यही नहीं, क्रय केंद्र तोल के कांटे को भी उखाड़ दिया। करीब तीन घंटे तक धरना दिया। बकाया गन्ना भुगतान की भी मांग की।
उधर, ऊन चीनी मिलें बकाया 40 करोड़ से अधिक का भुगतान नहीं करने पर किसानों ने धरना दिया। इस दौरान मिल प्रशासन से भी उनकी नोकझोंक हुई। भैंसवाल में धरना देने वाले किसान बालेंद्र पवार, राहुल बालियान, अरुण पंवार, सुरेंद्र आदि का कहना है कि लगातार थानाभवन शुगर मिल किसानों का उत्पीड़न कर रहा है। किसानों का अभी तक पिछले वर्ष का पूर्ण भुगतान भी नहीं हुआ है, जिसके कारण किसान परेशान हैं। इतना ही नहीं थानाभवन मिल अधिकारियों द्वारा गन्ना भुगतान में भी भेदभाव किया जाता है।
थानाभवन के किसानों का गन्ना मिल द्वारा 20 दिन ज्यादा का गन्ना भुगतान करता है, तो वहीं भैंसवाल के किसानों को 20 दिन कम का गन्ना भुगतान मिलता है। अब भैंसवाल के किसानों ने थानाभवन शुगर मिल को अपना गन्ना देने से इंकार कर दिया है। किसानों की मांग है कि गांव के किसानों का गन्ना शामली शुगर मिल को दिया जाए। इस बात पर गांव के सभी किसान सहमत हैं, यदि किसानों की मांगे नहीं मानी गईं तो किसान अपना गन्ना कोल्हुओं में डालने को मजबूर होंगे।
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इस दौरान सुरेंद्र कुमार, अरुण कुमार, राहुल पवार, जसवीर, देवेंद्र, बिजेंदर, रमेश, कृष्ण पाल, कुलदीप, कपिल, संजय, उदयवीर, अमित आदि काफी संख्या में किसान मौजूद रहे।
उधर, ऊन में शुगर मिल का पेराई सत्र शुरू करने के लिए पूजन के बारे में जैसे ही किसानों को भनक लगी। वह मिल गेट पर पहुंच गए तथा बकाया गन्ना भुगतान करने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। किसानों के धरने से मिल प्रशासन में हड़कंप मच गया। मिल को पहले ही किसानों के धरना-प्रदर्शन करने की सूचना थी इसलिए पेराई सत्र के शुभारंभ पर किसी को सूचना नहीं दी गई थी, फिर भी किसान वहां पर पहुंच गए तथा भुगतान करने की मांग की। किसानों ने कहा कि मिल पर पिछले सत्र का 40 करोड़ से अधिक बकाया है मगर भुगतान नहीं किया जा रहा। हर बार उन्हें आश्वासन देकर भेज दिया जाता है।
गन्ना महाप्रबंधक कुलदीप पिलानिया किसानों के बीच पहुंचे। उन्होंने किसानों की मिल के एमडी से वार्ता कराई। इसके बाद एमडी द्वारा किसानों को 20 नवंबर तक संपूर्ण भुगतान करने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने धरना खत्म कर दिया। धरना देने वालों में जितेंद्र सिंह, अजय, राजीव, रविंदर, सचिन, हरेन्द्र, सतेंद्र आदि किसान शामिल रहे।
- अतिरिक्त भाड़ा देने को होना पड़ रहा मजबूर
किसानों ने कहा कि भैंसवाल का क्रय केंद्र थानाभवन को दे दिया है। पिछले साल भी किसानों ने इसका विरोध किया था। गांव से थानाभवन मिल की दूरी 16 किलोमीटर है जबकि भाड़ा नौ रुपये लगता है, जबकि शामली मिल की दूरी गांव से 7 किलोमीटर है जबकि भाड़ा चार रुपये कटता है। थानाभवन मिल पर गन्ना ले जाने पर उन्हें आर्थिक नुकसान भी हो रहा है।
- एक और चार को भी किसानों ने किया था हंगामा
भैंसवाल गांव में थानाभवन शुगर मिल का भैंसवाल प्रथम के नाम से गन्ना क्रय केंद्र है। जिस पर किसानों ने एक नवंबर को पहुंचकर हंगामा किया था और कांटे को भी उखाड़ फेंका था। अधिकारियों ने किसी तरह मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया था। ग्रामीणों को जल्द क्रय केंद्र बदलवाने का आश्वासन दिया था। इसके बाद चार नवंबर को शामली गन्ना समिति में किसानों ने धरना दिया था।
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उधर, ऊन चीनी मिलें बकाया 40 करोड़ से अधिक का भुगतान नहीं करने पर किसानों ने धरना दिया। इस दौरान मिल प्रशासन से भी उनकी नोकझोंक हुई। भैंसवाल में धरना देने वाले किसान बालेंद्र पवार, राहुल बालियान, अरुण पंवार, सुरेंद्र आदि का कहना है कि लगातार थानाभवन शुगर मिल किसानों का उत्पीड़न कर रहा है। किसानों का अभी तक पिछले वर्ष का पूर्ण भुगतान भी नहीं हुआ है, जिसके कारण किसान परेशान हैं। इतना ही नहीं थानाभवन मिल अधिकारियों द्वारा गन्ना भुगतान में भी भेदभाव किया जाता है।
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थानाभवन के किसानों का गन्ना मिल द्वारा 20 दिन ज्यादा का गन्ना भुगतान करता है, तो वहीं भैंसवाल के किसानों को 20 दिन कम का गन्ना भुगतान मिलता है। अब भैंसवाल के किसानों ने थानाभवन शुगर मिल को अपना गन्ना देने से इंकार कर दिया है। किसानों की मांग है कि गांव के किसानों का गन्ना शामली शुगर मिल को दिया जाए। इस बात पर गांव के सभी किसान सहमत हैं, यदि किसानों की मांगे नहीं मानी गईं तो किसान अपना गन्ना कोल्हुओं में डालने को मजबूर होंगे।
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इस दौरान सुरेंद्र कुमार, अरुण कुमार, राहुल पवार, जसवीर, देवेंद्र, बिजेंदर, रमेश, कृष्ण पाल, कुलदीप, कपिल, संजय, उदयवीर, अमित आदि काफी संख्या में किसान मौजूद रहे।
उधर, ऊन में शुगर मिल का पेराई सत्र शुरू करने के लिए पूजन के बारे में जैसे ही किसानों को भनक लगी। वह मिल गेट पर पहुंच गए तथा बकाया गन्ना भुगतान करने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। किसानों के धरने से मिल प्रशासन में हड़कंप मच गया। मिल को पहले ही किसानों के धरना-प्रदर्शन करने की सूचना थी इसलिए पेराई सत्र के शुभारंभ पर किसी को सूचना नहीं दी गई थी, फिर भी किसान वहां पर पहुंच गए तथा भुगतान करने की मांग की। किसानों ने कहा कि मिल पर पिछले सत्र का 40 करोड़ से अधिक बकाया है मगर भुगतान नहीं किया जा रहा। हर बार उन्हें आश्वासन देकर भेज दिया जाता है।
गन्ना महाप्रबंधक कुलदीप पिलानिया किसानों के बीच पहुंचे। उन्होंने किसानों की मिल के एमडी से वार्ता कराई। इसके बाद एमडी द्वारा किसानों को 20 नवंबर तक संपूर्ण भुगतान करने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने धरना खत्म कर दिया। धरना देने वालों में जितेंद्र सिंह, अजय, राजीव, रविंदर, सचिन, हरेन्द्र, सतेंद्र आदि किसान शामिल रहे।
- अतिरिक्त भाड़ा देने को होना पड़ रहा मजबूर
किसानों ने कहा कि भैंसवाल का क्रय केंद्र थानाभवन को दे दिया है। पिछले साल भी किसानों ने इसका विरोध किया था। गांव से थानाभवन मिल की दूरी 16 किलोमीटर है जबकि भाड़ा नौ रुपये लगता है, जबकि शामली मिल की दूरी गांव से 7 किलोमीटर है जबकि भाड़ा चार रुपये कटता है। थानाभवन मिल पर गन्ना ले जाने पर उन्हें आर्थिक नुकसान भी हो रहा है।
- एक और चार को भी किसानों ने किया था हंगामा
भैंसवाल गांव में थानाभवन शुगर मिल का भैंसवाल प्रथम के नाम से गन्ना क्रय केंद्र है। जिस पर किसानों ने एक नवंबर को पहुंचकर हंगामा किया था और कांटे को भी उखाड़ फेंका था। अधिकारियों ने किसी तरह मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया था। ग्रामीणों को जल्द क्रय केंद्र बदलवाने का आश्वासन दिया था। इसके बाद चार नवंबर को शामली गन्ना समिति में किसानों ने धरना दिया था।