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Shamli News: किसानों की दो घंटे तक प्रशासन से हुई वार्ता रही विफल, दोबारा से होगी वार्ता
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शामली कलेक्ट्रेट सभागार में किसानो से वार्ता करते डीएम रविंद्र सिंह
शामली। बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर किसानों का चल रहा धरना सोमवार को 91वें दिन भी जा रहा। सुबह के समय धरना समाप्त करने के लिए कलक्ट्रेट सभागार में किसानों, प्रशासनिक अधिकारियों और मिल प्रशासन के बीच करीब दो घंटे तक वार्ता हुई। प्रशासन और मिल के अधिकारियों ने मिल चलाने की बात किसानों के सामने रखी। किसानों ने साफ शब्दों में कहा कि संपूर्ण बकाया गन्ना भुगतान और 14 दिन के अंदर गन्ने का पेमेंट देने की मांग को पूरा किया जाए। वार्ता में कोई हल नहीं निकल सका।
सोमवार को धरनारत किसान धरना संयोजक संजीव शास्त्री के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पर जिलाधिकारी रविंद्र सिंह, एडीएम संतोष कुमार, मिल के अधिकारियों से वार्ता करने के लिए पहुंचे। किसानों ने वार्ता के दौरान बकाया भुगतान, गन्ना डायवर्जन करने की मांग पूरी करने पर ही मिल को चलने देने की बात कहीं। जबकि मिल के अधिकारियों ने कहा कि संपूर्ण भुगतान देने के बारे में मिल मालिक से बात कर बताया जाएगा। जिसके कारण वार्ता में कोई निर्णय नहीं हो सका। किसान वापस लौट आए। किसानों ने कहा कि मांगे पूरी नहीं होने तक उनका धरना जारी रहेगा। सोमवार की रात किसानों की फिर से डीएम से वार्ता होगी, जिसमें अहम निर्णय लिया जा सकता है। संजीव शास्त्री ने बताया कि वार्ता अभी विफल रही है। एक बार फिर से प्रशासन से वार्ता होगी।
कलक्ट्रेट में पूर्व प्रमुख बोले, बकाया भुगतान दो या फिर जहर खा लूं
कलक्ट्रेट में किसानों से वार्ता के बाद जैसे ही मिल के वाइस प्रेजीडेंट और अन्य अधिकारी बाहर निकले तो उनके पास शामली के पूर्व प्रमुख विनोद कुमार पहुंचे। कहा कि उनके परिवार में 26 नवंबर को शादी है। मगर गन्ना समिति में बार-बार गुहार लगाने के बाद भी बकाया गन्ना भुगतान नहीं दिया जा रहा है। वाइस प्रेजीडेंट ने कहा कि जल्द ही भुगतान करा दिया जाएगा। जिस पर विनोद ने कहा कि जहर खा लूं मैं, तब मिलेगा मेरा गन्ना पेमेंट। बाद में किसी तरह विनोद को शांत कराया गया।
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किसान हित में निर्णय लें आयोजक
सपा के प्रोफेसर सुधीर पंवार ने दोनों धरनों को इकट्ठा करने की अपील की। जिसके बाद गन्ना सोसायटी पर बैठे किसान चीनी मिल के धरने पर पहुंचे तथा धरना एक करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि धरने के आयोजकों की जिम्मेदारी है कि वो किसान हित में निर्णय लें।
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सोमवार को धरनारत किसान धरना संयोजक संजीव शास्त्री के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पर जिलाधिकारी रविंद्र सिंह, एडीएम संतोष कुमार, मिल के अधिकारियों से वार्ता करने के लिए पहुंचे। किसानों ने वार्ता के दौरान बकाया भुगतान, गन्ना डायवर्जन करने की मांग पूरी करने पर ही मिल को चलने देने की बात कहीं। जबकि मिल के अधिकारियों ने कहा कि संपूर्ण भुगतान देने के बारे में मिल मालिक से बात कर बताया जाएगा। जिसके कारण वार्ता में कोई निर्णय नहीं हो सका। किसान वापस लौट आए। किसानों ने कहा कि मांगे पूरी नहीं होने तक उनका धरना जारी रहेगा। सोमवार की रात किसानों की फिर से डीएम से वार्ता होगी, जिसमें अहम निर्णय लिया जा सकता है। संजीव शास्त्री ने बताया कि वार्ता अभी विफल रही है। एक बार फिर से प्रशासन से वार्ता होगी।
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कलक्ट्रेट में पूर्व प्रमुख बोले, बकाया भुगतान दो या फिर जहर खा लूं
कलक्ट्रेट में किसानों से वार्ता के बाद जैसे ही मिल के वाइस प्रेजीडेंट और अन्य अधिकारी बाहर निकले तो उनके पास शामली के पूर्व प्रमुख विनोद कुमार पहुंचे। कहा कि उनके परिवार में 26 नवंबर को शादी है। मगर गन्ना समिति में बार-बार गुहार लगाने के बाद भी बकाया गन्ना भुगतान नहीं दिया जा रहा है। वाइस प्रेजीडेंट ने कहा कि जल्द ही भुगतान करा दिया जाएगा। जिस पर विनोद ने कहा कि जहर खा लूं मैं, तब मिलेगा मेरा गन्ना पेमेंट। बाद में किसी तरह विनोद को शांत कराया गया।
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किसान हित में निर्णय लें आयोजक
सपा के प्रोफेसर सुधीर पंवार ने दोनों धरनों को इकट्ठा करने की अपील की। जिसके बाद गन्ना सोसायटी पर बैठे किसान चीनी मिल के धरने पर पहुंचे तथा धरना एक करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि धरने के आयोजकों की जिम्मेदारी है कि वो किसान हित में निर्णय लें।

शामली कलेक्ट्रेट सभागार में किसानो से वार्ता करते डीएम रविंद्र सिंह