{"_id":"607f19e28ebc3ec36c7a81b8","slug":"farmers-take-advance-money-from-the-adatiyas-of-haryana-shamli-news-mrt535339879","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा के आढ़तियों से अग्रिम रकम ले लेते हैं किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा के आढ़तियों से अग्रिम रकम ले लेते हैं किसान
विज्ञापन
हरियाणा के आढ़तियों से अग्रिम रकम लेते हैं किसान
शामली, चौसाना। किसानों के सामने गेहूं बेचने की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। हरियाणा में गेहूं बेचने वाले किसानों को बार-बार सीमा पर रोक दिया जाता है। इसके बावजूद किसान हरियाणा में ही अपना गेहूं बेचते हैं। उनका कहना है कि वह आढ़तियों से रकम उधार लिए रहते हैं। हरियाणा सरकार ने उत्तर प्रदेश के किसानों की फसल को अपनी मंडियों में बेचे जाने पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी है।
हरियाणा सरकार का तर्क है कि मंडियों में अधिक भीड़ होने के कारण गेटपास जारी नहीं किए जाएंगे। साथ ही वहां हरियाणा के किसानों से प्राथमिकता के आधार पर फसल खरीदी जा रही है। स्थानीय किसानों का कहना है कि हरियाणा में फसल बेचना उनकी मजबूरी है। प्रदेश सरकार ने सहकारी समितियों पर रजिस्ट्रेशन के बाद फसल को खरीदने की व्यवस्था बनाई है, लेकिन यहां किसानों का कई-कई दिन बाद नंबर आता है। कुछ समिति पर खरीदे गए गेहूं को रखने के लिए जगह तक नहीं है। इसके चलते भी तौल बाधित होती रहती है। किसान संदीप, अमर सिंह आदि का कहना है कि समितियों से पर्याप्त ऋण नहीं मिल पाता। आढ़तियों के पास जाओ और रुपया ले आओ। फसल आने पर उसकी बिक्री भी आसानी से हो जाती है। किसान परवीन सिंह का कहना है कि सरकारी केंद्रों पर परेशानी से बचने के लिए भी बहुत से किसान हरियाणा में गेहूं बेचते हैं।
रोके जाते रहे गेहूं लदे वाहन
चौसाना। मंगलवार को भी हरियाणा गेहूं लेकर जा रहे किसानों के वाहन मंगलवार को भी रोके जाते रहे। मंडी में भीड़ होने की बात कहते हुए वाहनों को सीमा पर रोक दिया जाता था। इससे जाम की समस्या बन जाती थी। घंटों बाद फिर कुछ किसानों को आगे जाने दिया जाता। यह क्रम चलता रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
शामली, चौसाना। किसानों के सामने गेहूं बेचने की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। हरियाणा में गेहूं बेचने वाले किसानों को बार-बार सीमा पर रोक दिया जाता है। इसके बावजूद किसान हरियाणा में ही अपना गेहूं बेचते हैं। उनका कहना है कि वह आढ़तियों से रकम उधार लिए रहते हैं। हरियाणा सरकार ने उत्तर प्रदेश के किसानों की फसल को अपनी मंडियों में बेचे जाने पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी है।
हरियाणा सरकार का तर्क है कि मंडियों में अधिक भीड़ होने के कारण गेटपास जारी नहीं किए जाएंगे। साथ ही वहां हरियाणा के किसानों से प्राथमिकता के आधार पर फसल खरीदी जा रही है। स्थानीय किसानों का कहना है कि हरियाणा में फसल बेचना उनकी मजबूरी है। प्रदेश सरकार ने सहकारी समितियों पर रजिस्ट्रेशन के बाद फसल को खरीदने की व्यवस्था बनाई है, लेकिन यहां किसानों का कई-कई दिन बाद नंबर आता है। कुछ समिति पर खरीदे गए गेहूं को रखने के लिए जगह तक नहीं है। इसके चलते भी तौल बाधित होती रहती है। किसान संदीप, अमर सिंह आदि का कहना है कि समितियों से पर्याप्त ऋण नहीं मिल पाता। आढ़तियों के पास जाओ और रुपया ले आओ। फसल आने पर उसकी बिक्री भी आसानी से हो जाती है। किसान परवीन सिंह का कहना है कि सरकारी केंद्रों पर परेशानी से बचने के लिए भी बहुत से किसान हरियाणा में गेहूं बेचते हैं।
विज्ञापन
रोके जाते रहे गेहूं लदे वाहन
चौसाना। मंगलवार को भी हरियाणा गेहूं लेकर जा रहे किसानों के वाहन मंगलवार को भी रोके जाते रहे। मंडी में भीड़ होने की बात कहते हुए वाहनों को सीमा पर रोक दिया जाता था। इससे जाम की समस्या बन जाती थी। घंटों बाद फिर कुछ किसानों को आगे जाने दिया जाता। यह क्रम चलता रहा।
विज्ञापन