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सहफसली एवं प्राकृतिक खेती करें किसान
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शामली किसान गोष्टी में सम्मानित किसान
- फोटो : SHAMLI
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सहफसली एवं प्राकृतिक खेती करें किसान
शामली। जिला स्तरीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी एवं कृषि मेले में धान, गन्ना, मक्का आदि फसलों में लगने वाली बीमारियों से बचाव की जानकारी देकर किसानों को जागरूक किया। भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री वीरेंद्र सिंह ने कहा कि गन्ना उत्पादन के साथ सहफसली एवं प्राकृतिक खेती पर भी किसानों को ध्यान देने की आवश्यकता है।
मंगलवार को गोहरनी गांव में स्थित जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर में जिला स्तरीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी एवं कृषि मेला का शुुुभारंभ भाजपा नेता व पूर्व मंत्री वीरेंद्र सिंह एवं डीएम जसजीत कौर ने फीता काटकर और दीप प्रज्वलित करके किया। मेले में वीरेंद्र सिंह एवं डीएम ने सीटू योजना के तहत 40 प्रतिशत अनुदान पर जगपाल सिंह कसेरवा खुर्द को ट्रैक्टर व दस किसानों को उड़द मिनी किट व 10 किसानों को ट्राईकोडर्मा का नि:शुल्क वितरण किया। सीडीओ शंभूूूनाथ तिवारी ने कृषि मेले के स्टालों का निरीक्षण किया। उन्होंने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन व प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन हेतु फार्म मशीनरी बैंक कस्टम हायरिंग सेंटर कृषि यंत्रों एवं फार्म मशीनरी बैंक की प्री बुकिंग हेतु कृषि विभाग में किसान पंजीकरण, समिति पंजीकरण के बारे में बताया। सीडीओ ने कहा कि जिन किसानों का पंजीकरण नहीं है, वे पंजीकरण हेतु अपने ब्लाक के राजकीय कृषि बीज भंडार प्रभारी अथवा जिले के उप कृषि निदेशक कार्यालय से संपर्क करें। अनुदान पर कृषि यंत्र लेने हेतु किसानों को ऑनलाइन आवेदन करें। उन्होंने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत धान की पराली एवं गन्ना पत्ती फसल अवशेष को न जलाकर आधुनिक कृषि यंत्रों यथा, मल्चर, हैप्पी सीडर, रोटरी लेशर, पैडी स्ट्राचॅापर, एमबी प्लाऊ आदि द्वारा मिट्टी मे मिलाकर मृदा में जीवांश कार्बन की उपलब्धता बढ़ाएं।
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जिला कृषि अधिकारी डाक्टर हरीशंकर ने खाद एवं बीज की उपलब्धता एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे में अवगत कराया। शामली कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डाक्टर विकास मलिक ने गन्ने की फसल में लगने वाली आइस्पोट-पोक्का बोइंग के नियंत्रण के लिए किसानों को जागरूक किया। शामली कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डाक्टर सतीश कुमार ने जैविक खेती, फसल अवशेष प्रबंधन, कृषि वैज्ञानिक डाक्टर ओमकार सिंह द्वारा औद्यानिक फसलें एवं शाक, भाजी की फसलों के बारे में समझाया। जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह ने बताया कि जिले में गन्ने की उपज 1004 क्विंटल प्रति हेक्टेयर का उत्पादन में शामली प्रदेश में प्रथम स्थान में रहा। संचालन कृषि उप कृषि निदेशक डाक्टर शिव कुमार केसरी ने किया।
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शामली। जिला स्तरीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी एवं कृषि मेले में धान, गन्ना, मक्का आदि फसलों में लगने वाली बीमारियों से बचाव की जानकारी देकर किसानों को जागरूक किया। भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री वीरेंद्र सिंह ने कहा कि गन्ना उत्पादन के साथ सहफसली एवं प्राकृतिक खेती पर भी किसानों को ध्यान देने की आवश्यकता है।
मंगलवार को गोहरनी गांव में स्थित जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर में जिला स्तरीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी एवं कृषि मेला का शुुुभारंभ भाजपा नेता व पूर्व मंत्री वीरेंद्र सिंह एवं डीएम जसजीत कौर ने फीता काटकर और दीप प्रज्वलित करके किया। मेले में वीरेंद्र सिंह एवं डीएम ने सीटू योजना के तहत 40 प्रतिशत अनुदान पर जगपाल सिंह कसेरवा खुर्द को ट्रैक्टर व दस किसानों को उड़द मिनी किट व 10 किसानों को ट्राईकोडर्मा का नि:शुल्क वितरण किया। सीडीओ शंभूूूनाथ तिवारी ने कृषि मेले के स्टालों का निरीक्षण किया। उन्होंने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन व प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के बारे में जानकारी दी।
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उन्होंने किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन हेतु फार्म मशीनरी बैंक कस्टम हायरिंग सेंटर कृषि यंत्रों एवं फार्म मशीनरी बैंक की प्री बुकिंग हेतु कृषि विभाग में किसान पंजीकरण, समिति पंजीकरण के बारे में बताया। सीडीओ ने कहा कि जिन किसानों का पंजीकरण नहीं है, वे पंजीकरण हेतु अपने ब्लाक के राजकीय कृषि बीज भंडार प्रभारी अथवा जिले के उप कृषि निदेशक कार्यालय से संपर्क करें। अनुदान पर कृषि यंत्र लेने हेतु किसानों को ऑनलाइन आवेदन करें। उन्होंने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत धान की पराली एवं गन्ना पत्ती फसल अवशेष को न जलाकर आधुनिक कृषि यंत्रों यथा, मल्चर, हैप्पी सीडर, रोटरी लेशर, पैडी स्ट्राचॅापर, एमबी प्लाऊ आदि द्वारा मिट्टी मे मिलाकर मृदा में जीवांश कार्बन की उपलब्धता बढ़ाएं।
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जिला कृषि अधिकारी डाक्टर हरीशंकर ने खाद एवं बीज की उपलब्धता एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे में अवगत कराया। शामली कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डाक्टर विकास मलिक ने गन्ने की फसल में लगने वाली आइस्पोट-पोक्का बोइंग के नियंत्रण के लिए किसानों को जागरूक किया। शामली कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डाक्टर सतीश कुमार ने जैविक खेती, फसल अवशेष प्रबंधन, कृषि वैज्ञानिक डाक्टर ओमकार सिंह द्वारा औद्यानिक फसलें एवं शाक, भाजी की फसलों के बारे में समझाया। जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह ने बताया कि जिले में गन्ने की उपज 1004 क्विंटल प्रति हेक्टेयर का उत्पादन में शामली प्रदेश में प्रथम स्थान में रहा। संचालन कृषि उप कृषि निदेशक डाक्टर शिव कुमार केसरी ने किया।