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दिल्ली- देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर: 265 करोड़ का मुआवजा किसान उठाने का तैयार नहीं

Mon, 13 Sep 2021 11:38 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 13 Sep 2021 11:38 PM IST
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Farmers refuse to take less amount
किसानों का कम राशि लेने से इंकार
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शामली। छह लेन के दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर के निर्माण के लिए जिले के 11 गांवों का 265 करोड़ रुपये का मुआवजा आ चुका है। अधिकतर किसानों ने अभी तक मुआवजा लिया नहीं है। इसका कारण यह माना जा रहा है कि किसान संघर्ष समिति सर्किल रेट बढ़ाकर मुआवजा देने की मांग कर रही है। किसानों ने वाजिब मुआवजा से कम राशि लेने से इनकार कर दिया है। वहीं, जिला प्रशासन और एनएचएआई के अफसर मुआवजा बढ़ाने से इनकार कर चुके हैं।
दिल्ली से देहरादून की दूरी कम करने के लिए दिल्ली के अक्षर धाम से लेकर सहारनपुर तक छह लेन का दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर भारतमाला परियोजना के तहत प्रस्तावित है। चार चरणों में निर्माण पूरा करने के लिए इस एक्सप्रेस-वे का लक्ष्य वर्ष 2024 निर्धारित कर दिया गया है। यूपी में यह बागपत के ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से प्रारंभ होकर बागपत, शामली और सहारनपुर के गणेशपुर मोड़ तक देहरादून तक पहुंचेगा। बागपत से मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर जिले तक थ्री-ए, थ्री-डी की अधिसूचना प्रकाशित होने के बाद किसानों की शिकायतों का निस्तारण करते हुए मुआवजे की कार्रवाई चल रही है।
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शामली जिले के कुल 22 गांवों में से 16 गांवों का अवार्ड घोषित करते हुए 11 गांवों का 265 करोड़ रुपये का मुआवजा जिला मुख्यालय को प्राप्त हो गया है। इस बीच बागपत से लेकर सहारनपुर जिले तक 84 गांवों के किसान ने सर्किल रेट बढ़ाकर मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर आंदोलित हैं। बागपत-शामली, सहारनपुर जिलों में धरना प्रदर्शन कर चुके हैं। किसानों की समस्या के समाधान के लिए कई स्तर की वार्ता हो चुकी है। आंदोलन के कारण ही जिले के 11 गांव के किसान 265 करोड़ रुपये की धनराशि का मुआवजा लेने नहीं आ रहे है। सिर्फ चार-पांच किसान ही मुआवजा ले पाए हैं।
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बढे़ सर्किल रेट के बिना भूमि अधिग्रहण का विरोध
दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर किसान संघर्ष समिति के सचिव विदेश मलिक का कहना है कि जिला प्रशासन और एनएचएआई के अफसर वर्ष 2015 के सर्किल रेट के आधार मुआवजा दे रहे हैं। किसान बीस प्रतिशत बढ़ोत्तरी करके सर्किल रेट का मुआवजा मांग रहे हैं। बढ़े सर्किल रेट पर मुआवजा न मिलने पर किसान इकनॉमिक कॉरिडोर का कार्य शुुरू नहीं होने देंगे। भूमि अधिग्रहण का विरोध किया जाएगा। उनका कहना है कि सोमवार को सहारनपुर मंडल मुख्यालय पर किसानों का सर्किल रेट बढ़ाकर मुआवजा दिए जाने सबंधी मांगों को लेकर धरना दिया गया। मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने सभी डीएम से वार्ता करके दो दिन का समय किसानों को दिया है।
पीएम की प्राथमिकता में शामिल है इकनॉमिक कॉरिडोर
दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता में शामिल है। वर्ष 2024 तक इसका निर्माण पूूरा करने के लिए जहां लक्ष्य निर्धारित हो चुका है। मुआवजा वितरण के बाद दिसंबर माह में इसकी आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रखेंगे।

इकनॉमिक कॉरिडोर एक नजर में
शामिल जिले:- बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर।
सभी चार जिलों के कुल गांव- 84-
सहारनपुर जिले के 28, बागपत 27, शामली 22, मुजफ्फरनगर के 7 गांव-
शामली जिले की कुल भूमि- - 21574.28 हेक्टेयर।-
-जिले में लंबाई- 54 किमी लंबाई-
-शामली जिले के गांव- बाबरी, बंतीखेडा, खेड़ीपट्टी, कैडी, काजरहेडी, खानपुर, हसनपुर लुहारी, नांगल, भैसानी इस्लामपुर, ख्यावड़ी, गोगवान जलालपुर, लाडोमाजरी, चूनसा, भाजू, रायपुर,नसीरपुर।
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