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किसान अपना गन्ना सर्वे में सही दर्ज कराएं
Fri, 05 Apr 2019 12:28 AM IST
Deepak Sharma
शामली/अमर उजाला/ब्यूरो
शामली/अमर उजाला/ब्यूरो
Published by: Deepak Sharma
Updated Fri, 05 Apr 2019 12:28 AM IST
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गन्ना
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। जिले के सभी किसानों के अवशेष खड़े गन्ना का सर्वे शुरू हो गया है। गन्ना विभाग के अफसरों ने किसानों से अनुरोध किया है कि जिस समय सर्वे कार्मिक ग्राम में गन्ना सर्वे के लिए जाए, तो उनको अपने अवशेष खड़ा गन्ना सही प्रकार से दर्ज कराएं। जिले में चीनी मिलों द्वारा 60 से 70 प्रतिशत गन्ना पेराई हो चुका है। जिला मुख्यालय की शामली चीनी मिल का 12 हफ्ते और 15 कालम का पेराई सत्र होता है।
इस बार 12वां हफ्ते का 15 कालम मई के अंतिम सप्ताह में खत्म होगा। किसानों का एक तिहाई गन्ना खेतों में खड़ा हुआ है। जिले के गन्ना विभाग ने खेतों में खड़े गन्ने का ज्येष्ठ निरीक्षक की देखरेख में गन्ना विभाग के सर्वे सुपरवाइजर द्वारा शुरू हो चुका है। एक सप्ताह में किसानों के खेतों में खडे़ गन्ने की सर्वे रिपोर्ट आ जाएगी। शामली सहकारी गन्ना विकास समिति के कार्यवाहक सचिव मुकेश राठी ने बताया कि गत वर्ष 2017-18 में शामली चीनी मिल ने 115 लाख 63 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई करके बंद हुई थी।
गत वर्ष शामली चीनी मिल का नौ लाख क्विंटल अतिरिक्त गन्ना था। इस साल गन्ने की फसल कमजोर होने के कारण चीनी मिल का पेराई सत्र मई के अंतिम सप्ताह तक खिसक सकता है। उधर, जिला गन्ना अधिकारी डॉक्टर अनिल भारती ने बताया कि जिन कृषकों के यहां गन्ना समाप्त हो चुका है एवं पर्चियां शेष हैं, ऐसे किसानों का सट्टा बंद किया जाएगा। जिससे पर्चियों का दुरुपयोग न हो सके। खड़े गन्ने के आधार पर शेष पर्चियां जारी की जाएगी। गन्ना कृषकों को यह भी आश्वस्त किया कि जिले के सभी समस्त गन्ना कृषकों का समस्त आपूर्ति योग्य गन्ने की खरीद के बाद चीनी मिलों का पेराई सत्र 2018-19 का पेराई सत्र समाप्त होगा।
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इस बार 12वां हफ्ते का 15 कालम मई के अंतिम सप्ताह में खत्म होगा। किसानों का एक तिहाई गन्ना खेतों में खड़ा हुआ है। जिले के गन्ना विभाग ने खेतों में खड़े गन्ने का ज्येष्ठ निरीक्षक की देखरेख में गन्ना विभाग के सर्वे सुपरवाइजर द्वारा शुरू हो चुका है। एक सप्ताह में किसानों के खेतों में खडे़ गन्ने की सर्वे रिपोर्ट आ जाएगी। शामली सहकारी गन्ना विकास समिति के कार्यवाहक सचिव मुकेश राठी ने बताया कि गत वर्ष 2017-18 में शामली चीनी मिल ने 115 लाख 63 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई करके बंद हुई थी।
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गत वर्ष शामली चीनी मिल का नौ लाख क्विंटल अतिरिक्त गन्ना था। इस साल गन्ने की फसल कमजोर होने के कारण चीनी मिल का पेराई सत्र मई के अंतिम सप्ताह तक खिसक सकता है। उधर, जिला गन्ना अधिकारी डॉक्टर अनिल भारती ने बताया कि जिन कृषकों के यहां गन्ना समाप्त हो चुका है एवं पर्चियां शेष हैं, ऐसे किसानों का सट्टा बंद किया जाएगा। जिससे पर्चियों का दुरुपयोग न हो सके। खड़े गन्ने के आधार पर शेष पर्चियां जारी की जाएगी। गन्ना कृषकों को यह भी आश्वस्त किया कि जिले के सभी समस्त गन्ना कृषकों का समस्त आपूर्ति योग्य गन्ने की खरीद के बाद चीनी मिलों का पेराई सत्र 2018-19 का पेराई सत्र समाप्त होगा।
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