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सब्सिडी के लालच में कहीं फंस न जाए किसान

Fri, 28 Dec 2018 12:11 AM IST
Deepak Sharma शामली/अमर उजाला/ब्यूरो
शामली/अमर उजाला/ब्यूरो Published by: Deepak Sharma Updated Fri, 28 Dec 2018 12:11 AM IST
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Farmers can not be trapped in greed for subsidy
investigation
शामली। कृषि विभाग की ओर से कृषि यंत्रों पर दी जाने वाली सब्सिडी की लालच में कई किसान और डीलर फंसते नजर आ रहे हैं। विभाग की जांच में 16 ऐसे किसान मिले हैं, जिन्होंने कृषि यंत्र खरीदने के बिल सहित सब्सिडी के लिए आवेदन तो कर दिया था, लेकिन कृषि यंत्र नहीं मिले। इन किसानों की सब्सिडी के फार्म रोक दिए गए हैं। इन्हें बिल देने वाले डीलरों पर भी निदेशालय स्तर से कार्रवाई हो सकती है। स्थानीय अफसरों ने रिपोर्ट निदेशालय को भेज दी है।
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सरकार ने अक्तूबर माह में कृषि यंत्रों पर 50 से 80 प्रतिशत की सब्सिडी की योजना लांच की थी। योजना के अनुसार कृषि निदेशालय ने आठ प्रकार के ट्रैक्टर चालित कृषि यंत्रों की लिस्ट जारी की थी। इसमें से कोई तीन यंत्र खरीदने पर 80 प्रतिशत और एक की खरीद पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी मिलनी थी।
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सब्सिडी कृषि निदेशालय द्वारा सीधे किसानों के खाते में जानी थी। इसके लिए किसानों से 17 अक्तूबर से छह नवंबर तक आवेदन मांगे गए थे। विभाग में पंजीकृत किसान को इस अवधि सरकार द्वारा अधिकृत विक्रेता से कृषि यंत्र खरीदकर उसके बिल और अपनी पहचान, जमीन और ट्रैक्टर संबंधी दस्तावेज के साथ कृषि विभाग में आवेदन करना था। कृषि विभाग कार्यालय के अनुसार जनपद में कुल 354 किसानों ने कृषि यंत्र खरीदकर उन पर सब्सिडी के लिए आवेदन किए। कृषि निदेशालय ने सब्सिडी में किसी भी तरह की घपलेबाजी न हो इसलिए आवेदन करने वाले तमाम किसानों के कृषि यंत्रों का सत्यापन कराया। कृषि विभाग के अधिकारियों को इसका जिम्मा दिया गया।  
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इन यंत्रों पर थी सब्सिडी
रोटावेटर
 हैप्पी सीडर
 पैडी स्ट्राचापर/ श्रेडर/  मल्चर
श्रब, मास्टर, कटर कम स्प्रेडर
रोटरी स्लेशर
जीरो टिल, सीड कम
फर्टिलाइजर ड्रिल
सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम
इस तरह हुई जांच
कृषि विभाग के अफसरों की जांच टीम ने किसानों के घर और खेतों पर जाकर ये चेक किया कि किसान द्वारा जिस कृषि यंत्र की खरीद का बिल लगाया है। वो उसके घर या खेत पर है या नहीं। बिल में दिए गए यंत्रों का सीरियल नंबर आदि सब चेक किया गया। जांच में किसान के घर मिले यंत्र की फोटोग्राफी भी हुई।  
16 किसानों के यहां नहीं मिले यंत्र  
कृषि उपनिदेशक के अनुसार इस जांच में 16 किसान ऐसे मिले, जिन्होंने कृषि यंत्र खरीदने के बिल तो लगाए हुए थे, लेकिन जांच के वक्त उनके घर या खेत पर वे कृषि यंत्र नहीं मिले। लिहाजा इन किसानों के आवेदन को सब्सिडी के लिए अपलोड नहीं किया गया । यानि इन्हें सब्सिडी नहीं मिलेेगी। इनकी सूचना कृषि निदेशालय को भेज दी गई है।  
 क्या बोले किसान
अमर उजाला ने अपने स्तर पर इस तरह के एक किसान की जानकारी की। उसका फोन नंबर पता कर उससे बात की तो उसने बताया कि उसने जो यंत्र खरीदा था वो साइज में ठीक नहीं था। वो उसे बदलने को डीलर के यहां गया तो उसके पास दूसरे साइज का यंत्र नहीं था। उसने कुछ दिन बाद देने का वादा किया। इसी दौरान जांच टीम उनके यहां आ गई, इस वजह से उन्हें वो यंत्र नहीं मिला।  

कोट
जिले में कुल 354 किसानों ने सब्सिडी के लिए आवेदन किए थे।  16 किसानों के यहां जांच के दौरान कृषि यंत्र मौके पर नहीं मिले हैं। इनकी सब्सिडी के आवेदन अपलोड नहीं किए गए हैं। जिन डीलरों के बिल किसानों ने लगाए हैं। उन पर निदेशालय स्तर पर कार्रवाई होगी। इसकी पूूरी रिपोर्ट निदेशालय को भेज दी गई है। बाकी आवेदन करने वाले किसानों को सब्सिडी मिल चुकी है और कुछ की प्रक्रिया निदेशालय स्तर पर चल रही है।  
शिव कुमार केसरी उपनिदेशक कृषि
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