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Shamli News: किसान हो रहे हाईटेक, चंदन की खेती कर करोड़पति बनने का सपना

Sun, 09 Feb 2025 12:55 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 09 Feb 2025 12:55 AM IST
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Farmers are going hi-tech, dream of becoming millionaires by cultivating sandalwood
शामली। जिले में अब किसानों ने चंदन की खेती करना भी शुरू कर दी है। क्षेत्र के गांव भभीसा और कुड़ाना के दो किसान सतीश जावला और सुभाष मलिक सरसों, गेहूं के साथ चंदन की खेती भी कर रहे हैं। कृषि विभाग के अधिकारी भी दोनों किसानों की सराहना कर रहे हैं।
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जिले के किसान गन्ना, गेहूं, धान, सरसों की फसल उगाते हैं। अब जनपद के खेतों में चंदन की खुशबू महकेगी। इसके लिए किसानों ने अपनी आय बढ़ाने के लिए चंदन की खेती शुरू कर दी है। साथ ही अब वह दूसरे किसानों को भी चंदन की खेती के लिए प्रेरित कर रहे हैं। जनपद के गांव कुड़ाना के किसान सुभाष मलिक ने खेती में कुछ अलग करने के लिए गांव के समीप खेत में लगभग साढ़े तीन बीघा जमीन में औषधीय खेती करने का मन बनाया और दो वर्ष पहले करीब 460 पौधे चंदन के करनाल से पौध मंगाकर रोपित किए। इनके साथ में उन्हें भोजन देने के लिए होस्ट के पौधे भी रोपित किए। वहीं गांव भभीसा के किसान सतीश जावला ने घर के पास खेत में ढाई बीघा जमीन में लगभग 200 पौधे चंदन के 18 माह पहले लगाए। किसानों ने बताया कि चंदन की खेती फायदे का सौदा है। बस थोड़ा इंतजार लंबा करना पड़ता है। पहले चंदन की खेती यूपी में प्रतिबंधित थी, लेकिन 2017 में सरकार ने इससे प्रतिबंधों से मुक्त कर दिया था।
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-सरकार की यह है शर्त
सरकार ने यह शर्त लगाते हुए किसानों को चंदन की खेती करने की अनुमति दी है कि चंदन के पेड़ तैयार होने के बाद उन्हें केवल सरकार ही खरीदेगी और खुद एक्सपोर्ट करेगी। इसके बाद ही किसानों ने खेती करने का मन बनाया।
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-केवल सफेद चंदन की हो सकती है खेती
किसानों ने बताया कि चंदन दो प्रकार का होता हैं, जिसमें लाल चंदन और सफेद चंदन शामिल हैं। लाल चंदन की खेती दक्षिण भारत के राज्यों में होती हैं, जबकि सफेद चंदन की खेती यूपी में की जा सकती है। इसके लिए मिट्टी का पीएच मान साढ़े सात पर्याप्त है। इसे तैयार करने में 10 से 12 वर्ष का समय लगता है। हाल में सरकार इसे लगभग 14 हजार रुपये किलो में खरीद रही है।
-कैसे करें खेती, कितना हो सकता है मुनाफा
किसान सुभाष ने बताया कि किसान एक पेड़ से दो से तीन लाख रुपये तक कमा सकते हैं। एक एकड़ में करीब 500 पौधे लगाए जा सकते हैं। चंदन के पौधों को ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती है। ऐसे में इसे लगाते समय ध्यान रखें कि इसे ऐसे जगह पर न लगाएं, जहां पर पानी का अधिक भराव होता हो। खासतौर पर निचले इलाके में न लगाएं, जहां कि पानी भरा रहता हो।
-चंदन के साथ लगाए होस्ट का पौधा
कृषि विशेषज्ञ डाॅ. संदीप के अनुसार चंदन का पौधा परजीवी होता है। चंदन पौधे के साथ होस्ट का पौधा लगाना जरूरी होता है, क्योंकि चंदन अकेले फल फूल नहीं सकता। लिहाजा चंदन की ग्राेथ के लिए होस्ट का होना जरूरी है। एक वर्ष बाद होस्ट के पौधे की जड़े चंदन की जड़ों से मिलती हैं और तभी चंदन का विकास तेजी से होता है। किसान होस्ट के पौधों को चंदन के पौधों से चार से पांच फीट की दूरी पर लगा सकते हैं। पौधा छह माह से दो साल तक का होना चाहिए। चंदन के पौधे की कीमत 200 से 400 रुपये और होस्ट के पौधे की कीमत करीब 50 से 60 रुपये होती है।

-पांच से छह साल तक अन्य फसल भी कर सकते हैं तैयार
किसानों का कहना है कि बीच में खाली पड़ी जमीन में प्याज, लहसून, मूंग, उड़द, सरसों, पालक जैसी छोटी फसल उगाते हुए भी अधिक मुनाफा कमा सकते हैं। सभी फसल किसान शुरू के पांच से छह वर्ष तक उगा सकते हैं।
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