Shamli: अस्पताल में बच्चा बदलने का आरोप, परिजनों का हंगामा, बोले-15 दिन हुए, बेटे की शक्ल तक न दिखाई-बेटी थमाई
झिंझाना के निजी अस्पताल में बच्चे को बदलने का आरोप लगाकर परिजनों ने हंगामा किया। अस्पताल प्रबंधन ने रिकार्ड दिखाकर दावा किया कि जन्म से ही बच्ची दर्ज है। अब परिजनों ने डीएनए जांच की मांग की है।
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शामली जनपद के झिंझाना के एक निजी अस्पताल में सोमवार को उस समय हंगामा हो गया जब परिजनों ने बच्चे को बदलने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि प्रसव के समय नर्स और स्टाफ ने उन्हें लड़का होने की जानकारी दी थी, लेकिन 14 दिन एनआईसीयू में उपचार के बाद डिस्चार्ज के समय बच्ची सौंप दी गई।
गांव बिरालियान की महिला पूजा को नौ सितंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रसव के बाद परिजनों-जेठानी कोमल और बुआ जानकी का दावा है कि नर्सों ने उन्हें लड़का होने की बात कही थी। मगर सोमवार को डिस्चार्ज होते वक्त बच्ची सौंपी गई। इससे गुस्साए परिजनों ने अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया।
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सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की। पुलिस को अस्पताल रिकॉर्ड दिखाए गए, जिनमें जन्म के समय से ही बच्ची का उल्लेख था। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि बच्ची का वजन मात्र 1.6 किलो था, जिस कारण उसे एनआईसीयू में भर्ती करना पड़ा था।
अस्पताल समिति के अतुल बंसल ने स्पष्ट किया कि प्रसव के समय ही परिजनों को बच्ची होने की जानकारी दी गई थी और रिकॉर्ड भी यही दर्शाते हैं। वहीं, परिजन डीएनए जांच कराने पर अड़े हैं, जिस पर अस्पताल संचालक भी सहमत हो गए हैं। हालांकि अब तक परिजनों ने पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी है।