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Shamli News: प्राचीन दुर्गा देवी सिद्धपीठ मंदिर में आज से शुरू होगा मेला
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जलालाबाद। कस्बा स्थित प्राचीन दुर्गा देवी सिद्धपीठ मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। मंदिर का इतिहास करीब 150 साल पुराना है। नवरात्रों में मंदिर में अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। मंदिर का निर्माण कस्बे के महंत योगी देवीनाथ द्वारा कराया गया था, जिनकी मूर्ति मंदिर के दक्षिण छोर पर लगी हुई है। मान्यता है कि मंदिर में पूजा अर्चना करने से मांगी गई मुराद पूरी होती है। मंदिर में मेला 23 अक्तूबर से शुरू होकर 31 अक्तूबर तक चलेगा।
मंदिर का निर्माण वास्तु शास्त्र के अनुसार किया गया है। भवन के अंदर भित्ती चित्रकारी का अनूठा नमूना है। मंदिर निर्माण में केवल चूना और लखोरी ईंटो का ही प्रयोग किया गया है। खासियत यह है कि गर्मी के मौसम में ठंडा और सर्दी के मौसम में गर्म रहता है। मंदिर के शिखर के चारों कोने पर शेर और बंदरों की आकृति आकर्षक है। मंदिर परिसर में मां भद्रकाली, नौ दुर्गा, हनुमान जी की मूर्तियां विराजित हैं।
मंदिर के पुजारी पंडित चंद्रमोहन शास्त्री ने बताया कि मंदिर में दोनों समय शंख ध्वनि, आरती के साथ प्रत्येक चतुर्दशी को हवन यज्ञ होता है। इसमें कस्बे और क्षेत्र के श्रद्धालु हिस्सा लेते हैं। दुर्गा देवी मंदिर में प्रतिवर्ष दस दिन का विशाल मेला लगता है। मंदिर समिति के कोषाध्यक्ष आदेश गर्ग ने बताया की मंदिर समिति द्वारा मां दुर्गा देवी मेले की तैयारियां जोर-शोर से चल रही है। रंग बिरंगी लाइटों से मंदिरों को सजाया जा रहा है। दुकानों के लिए जगह का आवंटन करना भी शुरू कर दिया गया है। मेला ग्राउंड से फैली हुई गंदगी को हटाकर साफ सफाई की गई। मेला 23 अक्तूबर दुर्गाष्टमी से शुरू होकर 31 अक्तूबर तक चलेगा।
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मंदिर का निर्माण वास्तु शास्त्र के अनुसार किया गया है। भवन के अंदर भित्ती चित्रकारी का अनूठा नमूना है। मंदिर निर्माण में केवल चूना और लखोरी ईंटो का ही प्रयोग किया गया है। खासियत यह है कि गर्मी के मौसम में ठंडा और सर्दी के मौसम में गर्म रहता है। मंदिर के शिखर के चारों कोने पर शेर और बंदरों की आकृति आकर्षक है। मंदिर परिसर में मां भद्रकाली, नौ दुर्गा, हनुमान जी की मूर्तियां विराजित हैं।
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मंदिर के पुजारी पंडित चंद्रमोहन शास्त्री ने बताया कि मंदिर में दोनों समय शंख ध्वनि, आरती के साथ प्रत्येक चतुर्दशी को हवन यज्ञ होता है। इसमें कस्बे और क्षेत्र के श्रद्धालु हिस्सा लेते हैं। दुर्गा देवी मंदिर में प्रतिवर्ष दस दिन का विशाल मेला लगता है। मंदिर समिति के कोषाध्यक्ष आदेश गर्ग ने बताया की मंदिर समिति द्वारा मां दुर्गा देवी मेले की तैयारियां जोर-शोर से चल रही है। रंग बिरंगी लाइटों से मंदिरों को सजाया जा रहा है। दुकानों के लिए जगह का आवंटन करना भी शुरू कर दिया गया है। मेला ग्राउंड से फैली हुई गंदगी को हटाकर साफ सफाई की गई। मेला 23 अक्तूबर दुर्गाष्टमी से शुरू होकर 31 अक्तूबर तक चलेगा।
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