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‘कृष्णा’ को जहरीला बना रहा फैक्टरियों का पानी

Fri, 31 Jul 2020 11:52 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jul 2020 11:52 PM IST
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Factory water is poisoning Krishna
शामली। कभी शामली क्षेत्र को हरा-भरा बनाने वाली कृष्णा नदी को फैक्टरियों से निकलने वाले केमिकल युक्त पानी ने जहरीला बना दिया है। सहारनपुर के अलावा जिले की तीन बड़ी इंडस्ट्रीज का पानी नालों के जरिए कृष्णा नदी में जा रहा है। इसके साथ ही नदी में कदम-कदम पर गंदे पानी के नाले गिरकर इसे दूषित कर रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड केवल नमूनों की जांच कराने तक ही सीमित रहता है।
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कृष्णा नदी सहारनपुर से शामली जनपद की सीमा के गांव चंदेनामाल से प्रवेश करती है। सहारनपुर से ही इसमें कई फैक्टरियों का गंदा पानी गिर रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जेई विपुल कुमार का कहना है कि शामली जिले में दो पेपर मिलों तथा एक डिस्टलरी का पानी नालों के जरिए नदी तक पहुंचता है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी दावा करते हैं कि फैक्टरियों में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगे हैं तथा इनके संचालन की नियमित निगरानी होती है। फैक्टरी प्रबंधन भी ट्रीटमेंट करके ही पानी बाहर डाले जाने का दावा करते हैं। इसके बावजूद नदी में पहुंचने वाला पानी दूषित और बदबूदार होता है। सिक्का गांव में नदी किनारे रहने वाले समयदीन, शमशाद, अय्यूब, असलम, प्रदीप, निसार व काले खां बताते हैं कि उनके घर के पास ही पेपर मिल का पानी नाले के जरिए नदी में गिरता है। यहां बदबू और गंदगी के कारण हालात खराब रहते हैं। फिलहाल तो कम पानी आ रहा है, लेकिन कभी-कभी बढ़ भी जाता है। न केवल फैक्टरियां बल्कि जिले की सीमा में करीब 47 नाले भी कृष्णा नदी में गिरकर इसे दूषित कर रहे हैं।
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कृष्णा में गिर रहे नाले
क्षेत्र नालों की संख्या
थानाभवन -- 26
शामली -- 05
कांधला -- 10
जलालाबाद कस्बा -- 03
बनत कस्बा -- 01
शामली कस्बा -- 01
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जांच में सब कुछ मानक के आसपास
कृष्णा नदी के पानी की जांच में सब कुछ मानक के अनुसार मिलता है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नदी में बह रहे पानी की जुलाई माह में ही जांच कराई है जो मानक के अनुरूप मिली है...
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नमूने का स्थान- दिनांक - पीएच - बीओडी - सीओडी कठोरता
थानाभवन 04 जुलाई 7.4 28 132 210
थानाभवन 21 जुलाई 7.5 30 138 230
सिक्का - 04 जुलाई 7.0 34 142 245
सिक्का - 21 जुलाई 7.2 36 160 255
भभीसा - 04 जुलाई 7.6 32 148 260
भभीसा - 21 जुलाई 7.7 35 164 265
नोट: प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्षेत्रीय कार्यालय के सहायक वैज्ञानिक अधिकारी डीसी पांडेय के अनुसार जल में पीएच का मानक 7.5 से 09 तक का है। बीओडी अधिकतम 30 और सीओडी 250 तक होनी चाहिए। कठोरता का मानक 700 मिलीग्राम प्रति लीटर तक है।

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इन्होंने कहा...
कृष्णा नदी में जिन फैक्टरियों का पानी जाता है उनमें ट्रीटमेंट सिस्टम लगे हैं। इनकी प्रत्येक तीन माह तथा जरूरत पड़ने पर जांच कराई जाती है। शामली जिले में बिना ट्रीटमेंट किए नदी में पानी डाले जाने का कोई मामला नहीं है। - डीसी पांडेय, एएसओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्षेत्रीय कार्यालय मुजफ्फरनगर।

शामली क्षेत्र के गांव सिक्का में कृष्णा नदी में जाता फैक्ट्री का गंदा पानी

शामली क्षेत्र के गांव सिक्का में कृष्णा नदी में जाता फैक्ट्री का गंदा पानी- फोटो : SHAMLI

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