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Shamli News: 23 करोड़ पर पहुंच गया विकास भवन का एस्टीमेट
Tue, 30 Jul 2024 03:38 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Tue, 30 Jul 2024 03:38 AM IST
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शामली। राजकीय निर्माण निगम की लापरवाही के चलते विकास भवन का बजट बढ़ता जा रहा है। राजकीय निर्माण निगम को सुरक्षा के लिए फायर टैंक बनाने के लिए ऑनलाइन अनुमति लेनी होगी। दमकल विभाग से ऑनलाइन अनुमति के बाद विकास भवन का एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जाएगा। शासन से मंजूरी के बाद विकास भवन का निर्माण पूरा होगा।
पूर्वी यमुना नहर के किनारे गोहरनी गांव के जंगल में विकास भवन निर्माण 2015 में स्वीकृत किया गया था। विकास भवन के निर्माण के लिए सबसे पहले 10 करोड़ 95 लाख रुपये की स्वीकृति मिली थी। राजकीय निर्माण निगम ने 2018 तक प्रथम तल का निर्माण पूरा किया था। बाद में विकास भवन का 20 करोड़ और 23 करोड से अधिक का री-एस्टीमेट शासन को भेजा गया। मगर शासन से धनराशि अवमुक्त नहीं हो पाई। आखिर में सीडीओ विनय कुमार तिवारी ने 23 करोड़ रुपये से अधिक का एस्टीमेट शासन को भेजा। शासन से री-एस्टीमेंट भेजते हुए तर्क दिया है कि विकास भवन निर्माण से पूर्व फायर की अनुमति नहीं ली गई है, जबकि नवीन विकास भवन का निर्माण 15.90 मीटर का निर्माण चुका है। विकास भवन की निर्माण एजेंसी राजकीय निर्माण निगम फायर की ॉऑनलाइन एनओसी लेने में लापरवाही बरत रहा है।
सीडीओ विनय कुमार तिवारी ने बताया कि विकास भवन के निर्माण एजेंसी को आॅनलाइन फायर की अनुमति के लिए कह दिया गया है। फायर की अनुमति आने के बाद री-एस्टीमेट 23 करोड़ से अधिक रुपये का हो चुका है। अगर समय पर निर्माण एजेंसी की ओर से फायर की अनुमति नहीं ली गई तो विकास भवन का एस्टीमेट बढ़ जाएगा।
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पूर्वी यमुना नहर के किनारे गोहरनी गांव के जंगल में विकास भवन निर्माण 2015 में स्वीकृत किया गया था। विकास भवन के निर्माण के लिए सबसे पहले 10 करोड़ 95 लाख रुपये की स्वीकृति मिली थी। राजकीय निर्माण निगम ने 2018 तक प्रथम तल का निर्माण पूरा किया था। बाद में विकास भवन का 20 करोड़ और 23 करोड से अधिक का री-एस्टीमेट शासन को भेजा गया। मगर शासन से धनराशि अवमुक्त नहीं हो पाई। आखिर में सीडीओ विनय कुमार तिवारी ने 23 करोड़ रुपये से अधिक का एस्टीमेट शासन को भेजा। शासन से री-एस्टीमेंट भेजते हुए तर्क दिया है कि विकास भवन निर्माण से पूर्व फायर की अनुमति नहीं ली गई है, जबकि नवीन विकास भवन का निर्माण 15.90 मीटर का निर्माण चुका है। विकास भवन की निर्माण एजेंसी राजकीय निर्माण निगम फायर की ॉऑनलाइन एनओसी लेने में लापरवाही बरत रहा है।
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सीडीओ विनय कुमार तिवारी ने बताया कि विकास भवन के निर्माण एजेंसी को आॅनलाइन फायर की अनुमति के लिए कह दिया गया है। फायर की अनुमति आने के बाद री-एस्टीमेट 23 करोड़ से अधिक रुपये का हो चुका है। अगर समय पर निर्माण एजेंसी की ओर से फायर की अनुमति नहीं ली गई तो विकास भवन का एस्टीमेट बढ़ जाएगा।
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