फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Equipment used in agricultural crops should be cheap

कृषि फसलों में उपयोग वाले उपकरण सस्ते हो

Thu, 23 Jan 2020 12:18 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jan 2020 12:18 AM IST
विज्ञापन
Equipment used in agricultural crops should be cheap
शामली। केंद्र सरकार का आम बजट में किसानों ने कृषि का बजट अलग से दिए जाने, बजट में कृषि से संबधित खाद बीज, दवाई पर सब्सिडी बढ़ाए जाने, डीजल, ट्रैक्टर लोन और कृषि यंत्रों पर छूट बढ़ाई जाए। किसान सम्मान निधि में तेलंगाना और बिजली में दिल्ली का माडल देशभर में लागू किया जाए
विज्ञापन

केंद्र सरकार का आम बजट फरवरी के प्रथम सप्ताह में संसद में पेश किया जाएगा। इस साल के आम में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीता रमण से देशभर के किसानों को उम्मीद लगी है कि आम बजट में किसानों को फसल बीमा योजना में संशोधन करके योजना का लाभ दिलाया जाए। किसानों की फसलों को कृषि वैज्ञानिकों को शोध करके बजट तैयार हो। फसलों के बजट के लिए कृषि वैज्ञानिकों को अलग से बजट हो। किसानों की फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक बाजार मूल्य न रखा जाए।
विज्ञापन

कृषि बजट अलग से व्यवस्था करे
शामली। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का कहना है कि जिस प्रकार मनरेगा योजना का 40 हजार करोड़ बजट होता है, इसी प्रकार सब्सिडी समेत कृषि का शोध पूर्ण बजट अलग से सरकार व्यवस्था करें। कृषि बजट में कीटनाशक दवाई, खाद, समेत व्यवस्था करे। कृषि वैज्ञानिकों को फसलों के कृषि शोध के लिए बजट का प्राविधान किया जाए। आम बजट में किसानों को आलू, धान, गन्ना- गेहूं आदि फसलों का निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है। पूर्वांचल में किसानों को फसलों के निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य से कभी धान समेत अपनी फसलों को बेचना पड़ा है। किसानों को 50 रुपये प्रति क्विंटल गन्ने की छिलाई मजदूूरों को देनी पड़ रही है। ग्रामीण सड़कों के निर्माण के लिए एक ही विभाग हो। कृषि बजट के लिए सरकार विदेशी कंपनियों पर आधारित नहीं रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसान सम्मान निधि की धनराशि बढ़ाई जाए
शामली। लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर व भैसवाल गांव के प्रगति शील किसान डॉ. सुधीर पंवार का कहना है कि वर्ष 2019-20 का बजट चुनावी बजट था जिसमें 75000 करोड़ का प्रावधान 12.6 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के अंतर्गत 6000/वार्षिक देने के लिए किया गया था। बजट में किसानों की आर्थिक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। योजना का पहला वर्ष होने के कारण तथा पात्रता शर्तों के कारण बहुत से किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है। किसान को केंद्रीय बजट से बड़ी उम्मीदें है कि फसलों के लागत मूल्य तेजी से बढ़े हैं, जबकि विक्रय मूल्य या तो स्थिर रहे है या फिर कम हुए हैं, गन्ना किसानों के लिए तमाम पैकेजों के बाद भी सरकारी उपाय कोई असर नहीं दिखा पाए है। बजट से किसानों को बड़ी उम्मीद खेती में काम आने वाली वस्तुओं के मूल्यों में कमी होना है। जिसे कृषि यंत्रों, पेस्टीसाइड, यूरिया, डीएपी, कृषि ऋणों को सस्ता करके दी जा सकती है। छोटे किसानों की अपेक्षा है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि में वृद्धि कर 10000 रुपये किया जाए।
कोट...
- केंद्र सरकार ने छह हजार रुपये किसान सम्मान निधि देकर बिजली की दरें मंहगी कर दी। गन्ने का पिछले साल का बकाया भुगतान नहीं किया है। किसानों से फसल बीमा योजना की रेशों के अनुसार किश्त सरकार द्वारा काट ली जाती है। फसलों का क्लेम आज तक नहीं मिला है। तेलंगाना राज्य में किसान सम्मान निधि के रुप में किसानों आठ हजार दिए जाते हैं। दिल्ली में बिजली सस्ती है। आम बजट में स्वामी नाथन की रिपोर्ट लागू करने, बिजली में दिल्ली और किसान सम्मान निधि में तेलंगाना राज्य का माडल लागू किया जाए। - कपिल खाटियान, जिलाध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन
- आम बजट में कृषि कार्यों में उपयोग होने वाले खाद, दवाई, बीज, डीजल, ट्रैक्टर, थ्रेसिंग मशीन कृषि यंत्रों के दाम घटने से आम में राहत मिलेगी। - राजवीर सिंह मुंडेट, राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन।
- केंद्र सरकार ने किसानों की आय दुगनी करने की घोषणा की थी। किसानों ने गन्ने की फसल बुआई और उत्पादन दुगना कर दिया है। आय भी तक दुगनी नहीं हो पाई है। आम बजट में किसानों को ट्रैक्टर लोन की ब्याज की सीमा 12 प्रतिशत से घटाकर आठ प्रतिशत करने, डीजल में खरीद पर अलग से छूट दिए जाने, कीटनाशक दवाई, खाद, बीज कृषि यंत्रों पर सब्सिडी बढ़ाई जाए। - सतपाल पहलवान, रिटायर्ड जिला कृषि अधिकारी

- आम बजट में गन्ने की फसल से सीधे एथनोल बनाने की चीनी मिलो को अनुमति दी जाए। शीरे से एथनोल न बनाया जाए। किसानों को ज्यादा से ज्यादा कृषि यंत्रों पर अनुदान दिए जाने, कम कीमत पर उपकरण उपलब्ध कराए जाए। उनका कहना है कि गन्ने की पूरे साल की फसल है। कम ब्याज पर लंबे समय पर किसान क्रेडिट कार्ड पर ऋण उपलब्ध कराए जाए। - डॉक्टर विकास मलिक, कृषि वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र शामली।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed