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किसानों के यहां नहीं लगने देंगे विद्युत मीटर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 27 Feb 2017 12:17 AM IST
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शामली के सेंट आरसी स्कूल में भाकियू की पंचायत में मौजूद किसान।
- फोटो : अमर उजाला
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शामली। मुंडेट रोड स्थित सेंट आरसी स्कूल में रविवार को भाकियू की बैठक हुई। इसमें बिजली के मीटर लगाने, गन्ना भुगतान न करने सहित अन्य समस्याओं पर किसानों ने गुस्सा जाहिर किया। इन समस्याओं को लेकर आगे के आंदोलन की रणनीति भी तैयार की गई।
भाकियू के युवा जिलाध्यक्ष पप्पू मलिक के नेतृत्व में क्षेत्र के आसपास के गांवों कुरमाली, कुड़ाना, चूनसा, बहावड़ी आदि से पहुंचे किसानों की बैठक हुई। इसमें किसानों ने विद्युत निगम की ओर से जबरन लगाए जा रहे मीटर और गन्ना भुगतान न होने पर गहरा रोष जताया। इसके अलावा कानपुर में भाकियू जिलाध्यक्ष की गिरफ्तारी का विरोध जताया।
बैठक में ऋषिपाल ने कहा कि जब किसानों को समय पर गन्ना भुगतान और फसलों का सही दाम नहीं मिल रहा है तो किसान बिजली का बिल कहां से देंगे। उन्होंने कहा कि पांच हजार रुपये का बिल होते ही किसानों का उत्पीड़न शुरू कर दिया जाता है। ऐसे हालात में अब जबरन विद्युत मीटर लगाए जा रहे हैं। नरेश प्रधान और कालूराम प्रधान ने कहा कि गन्ना भुगतान समय पर न होने से किसान सबसे अधिक परेशान हैं। किसानों ने कहा कि जिनके पास खेती के अलावा आय का अन्य साधन नहीं है।
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बैठक में विद्युत निगम और गन्ना विभाग के विरोध में आंदोलन पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि जल्द ही मिल द्वारा गन्ना भुगतान न किया गया और विद्युत मीटर का फैसला वापस नहीं लिया गया तो कड़ा विरोध जताया जाएगा। एक मार्च को कानपुर में किसानों की पंचायत में शामिल होने की अपील भी की गई। अध्यक्षता गठवाला खाप के थांबेदार बाबा श्याम सिंह ने की। संचालन देवराज पहलवान ने किया। कालू प्रधान, नरेंद्र, महेंद्र, बबलू, बिटटू, सहदेव, राकेश, भूरा प्रधान, रगबीर फौजी, बिट्टू कुरमाली, देवेंद्र, बिजेंद्र, जयपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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भाकियू के युवा जिलाध्यक्ष पप्पू मलिक के नेतृत्व में क्षेत्र के आसपास के गांवों कुरमाली, कुड़ाना, चूनसा, बहावड़ी आदि से पहुंचे किसानों की बैठक हुई। इसमें किसानों ने विद्युत निगम की ओर से जबरन लगाए जा रहे मीटर और गन्ना भुगतान न होने पर गहरा रोष जताया। इसके अलावा कानपुर में भाकियू जिलाध्यक्ष की गिरफ्तारी का विरोध जताया।
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बैठक में ऋषिपाल ने कहा कि जब किसानों को समय पर गन्ना भुगतान और फसलों का सही दाम नहीं मिल रहा है तो किसान बिजली का बिल कहां से देंगे। उन्होंने कहा कि पांच हजार रुपये का बिल होते ही किसानों का उत्पीड़न शुरू कर दिया जाता है। ऐसे हालात में अब जबरन विद्युत मीटर लगाए जा रहे हैं। नरेश प्रधान और कालूराम प्रधान ने कहा कि गन्ना भुगतान समय पर न होने से किसान सबसे अधिक परेशान हैं। किसानों ने कहा कि जिनके पास खेती के अलावा आय का अन्य साधन नहीं है।
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बैठक में विद्युत निगम और गन्ना विभाग के विरोध में आंदोलन पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि जल्द ही मिल द्वारा गन्ना भुगतान न किया गया और विद्युत मीटर का फैसला वापस नहीं लिया गया तो कड़ा विरोध जताया जाएगा। एक मार्च को कानपुर में किसानों की पंचायत में शामिल होने की अपील भी की गई। अध्यक्षता गठवाला खाप के थांबेदार बाबा श्याम सिंह ने की। संचालन देवराज पहलवान ने किया। कालू प्रधान, नरेंद्र, महेंद्र, बबलू, बिटटू, सहदेव, राकेश, भूरा प्रधान, रगबीर फौजी, बिट्टू कुरमाली, देवेंद्र, बिजेंद्र, जयपाल सिंह आदि मौजूद रहे।