चुनाव पर चर्चा: अमर उजाला टीम ने कैराना में टटोली मतदाताओं की नब्ज; इकरा, जयंत और बसपा को लेकर ये बोले युवा
अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' लोकसभा चुनाव को लेकर मतदाताओं की नब्ज टटोल रहा है। अमर उजाला की टीम शामली के कैरान पहुंच गई है। यहा चाय पर चर्चा हुई।
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अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' लोकसभा चुनाव को लेकर मतदाताओं की नब्ज टटोल रहा है। अमर उजाला की टीम बुधवार को यूपी के शामली में कैराना पहुंची। यहां युवाओं के साथ चाय पर चर्चा हुई।
बुधवार सुबह कैराना में कलस्यान चैपाल के सामने चाय की दुकान पर अमर उजाला की सत्ता संग्राम टीम ने मतदाताओं से उनके मन की बात पूछी। इस दौरान मतदाताओं ने कहा कि भाजपा प्रत्याशी प्रदीप चैधरी चुनाव जीतने के बाद जनता के बीच बहुत कम आएं।
कैराना में चुनाव पर चर्चा के दौरान युवाओं ने सपा प्रत्याशी इकरा हसन और रालोद प्रमुख चौधरी जयंत सिंह व बसपा को लेकर भी अपनी-अपनी राय रखी। इस दौरान चाय की चर्चा में युवाओं ने कुछ दिलचस्प बातें भी कहीं। जहां एक जगह दो लोग आपस में योगी सरकार के काम पर बहस कर रहे हैं तो वहीं एक जगह एक युवक सपा की उम्मीदवार इकरा हसन को वोट देने की बात कहा रहा है। उसने यह तक कहा कि मैं तो इकरा हसन का फैन हूं
वहीं, चौधरी जयंत सिंह के चवन्नी वाले डायलॉग और बसपा की भूमिका पर भी युवा खुल कर बोले। वहीं, चाय की चर्चा में इकरा हसन का खूब जिक्र आया है। हालांकि, सांसद की गैर-मौजूदगी से नाराजगी भी दिखी।
'योगी सरकार के शासन में गुंडे जेल के अंदर'
वहीं, एक जगह युवाओं ने सपा प्रत्याशी इकरा हसन के बारे में कहा कि वो नया चेहरा हैं और शिक्षित हैं। कहा कि इकरा हसन का परिवार का सपोर्ट करता है। इसलिए उनका झुकाव इकरा हसन की और है। वहीं, मतदाताओं ने यह भी कहा कि मोदी और योगी सरकार के शासन में गुंडे जेल के अंदर चले गए। यहां कानून व्यवस्था की स्थिति अच्छी है। हालांकि चाय की चर्चा के दौरान एक शख्स ने यह भी कहा कि पांच साल से क्षेत्र में कोई विकास कार्य नहीं हुआ है।
बता दें कि चाय पर चर्चा के दौरान युवा मोहम्मद आरिस ने अपने शहर की समस्याएं जनता के सामने रखीं। उसने कहा कि जिले में युवाओं के लिए स्टेडियम नहीं है, पुलिस भर्ती रद्द हो गई, उसका पता नहीं वो कब होगी, होगी भी या नहीं। लड़कियों के लिए कॉलेज नहीं है। मेडिकल कॉलेज नहीं है। यहां एक प्रत्याशी ने लड़कियों के लिए कॉलेज खुलवाने का वादा किया है। एक बुजुर्ग ने कहा कि चुनाव के दौरान कोई झगड़ा ना हो। शांति पूर्व और ईमानदारी का चुनाव होना चाहिए।
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