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जल्द हो न्यायालय की स्थापना
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Thu, 08 Sep 2016 11:26 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। जिला बार एसोसिएशन ने विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) को ज्ञापन देकर शामली में जिला एवं सत्र न्यायालय की स्थापना कराने की मांग की है।
बृहस्पतिवार को ओएसडी राधेश्याम यादव कलक्ट्रेट परिसर स्थित जिला बार भवन में पहुंचे। वहां बार एसोसिएशन की ओर से उनका स्वागत किया गया। इसी दौरान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के नाम ज्ञापन ओएसडी को सौंपा गया। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रभान सिंह, महासचिव सतीश चौहान और कोषाध्यक्ष सतीश मिठालिया ने कहा कि शामली जनपद बने पांच साल बीत गए हैं।
2011 में शामली के साथ ही संभल और हापुड़ भी जिला बने थे। नए जनपदों में जिला एवं सत्र न्यायालय, सिविल जज (सीनियर डिवीजन), मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तथा सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के पदों का सृजन किया गया था। इसके बाद ही इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ओएसडी की नियुक्ति की।
अन्य नवसृजित जनपदों में जिला एवं सत्र न्यायालय की स्थापना की जा चुकी है, लेकिन शामली इसमें पिछड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जिला बार एसोसिएशन के पास जिला बार भवन, पुस्तकालय भवन और संगम बारातघर में वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में अस्थायी तौर पर जिला जज कोर्ट की स्थापना की जा सकती है। अधिवक्ताओं की मांग है कि शामली में सत्र डिवीजन घोषित करते हुए जिला एवं सत्र न्यायालय की स्थापना कराई जाए।
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बृहस्पतिवार को ओएसडी राधेश्याम यादव कलक्ट्रेट परिसर स्थित जिला बार भवन में पहुंचे। वहां बार एसोसिएशन की ओर से उनका स्वागत किया गया। इसी दौरान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के नाम ज्ञापन ओएसडी को सौंपा गया। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रभान सिंह, महासचिव सतीश चौहान और कोषाध्यक्ष सतीश मिठालिया ने कहा कि शामली जनपद बने पांच साल बीत गए हैं।
2011 में शामली के साथ ही संभल और हापुड़ भी जिला बने थे। नए जनपदों में जिला एवं सत्र न्यायालय, सिविल जज (सीनियर डिवीजन), मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तथा सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के पदों का सृजन किया गया था। इसके बाद ही इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ओएसडी की नियुक्ति की।
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अन्य नवसृजित जनपदों में जिला एवं सत्र न्यायालय की स्थापना की जा चुकी है, लेकिन शामली इसमें पिछड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जिला बार एसोसिएशन के पास जिला बार भवन, पुस्तकालय भवन और संगम बारातघर में वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में अस्थायी तौर पर जिला जज कोर्ट की स्थापना की जा सकती है। अधिवक्ताओं की मांग है कि शामली में सत्र डिवीजन घोषित करते हुए जिला एवं सत्र न्यायालय की स्थापना कराई जाए।
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