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दम तोड़ती जिंदगी और लापरवाह विभाग
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Tue, 11 Jul 2017 12:10 AM IST
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accident
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। मेरठ-करनाल हाईवे पर हादसों में जिंदगी दम तोड़ रही हैं। बीते एक माह के दौरान एक दर्जन से अधिक हादसों में लोगों की मौत हो चुकी हैं। हाईवे पर हो रहे हादसों का कारण जानने के लिए अमर उजाला टीम ने मेरठ - करनाल हाईवे पर झिंझाना क्षेत्र में बिड़ौली यमुना पुल से मेरठ रोड पर सीमा तक भ्रमण किया, तो हादसों के कारण सामने मिले। कहीं रजवाहे और नहर की पुलिया के कारण मार्ग संकरा हो जाता है, तो वहां किसी प्रकार का संकेतक बोर्ड तक नहीं लगा है।
शामली के बीच से मेरठ-करनाल हाईवे गुजरता है। बिड़ौली यमुना से लेकर मेरठ रोड पर लांक गांव तक शामली जनपद में करीब 42 किलोमीटर की दूरी के इस हाईवे पर कई एक्सीडेंट प्वाइंट हैं।
अक्सर इन प्वाइंटों पर हादसे होते रहते हैं। हाईवे होने के कारण वाहनों की स्पीड ज्यादा होती है। जगह जगह कट हैं, तो नाले, रजवाहे और नहर की पुलिया भी पड़ती हैं। कई जगह फोरलेन हाईवे सिंगल रोड में तब्दील हो जाता है। रात में वाहनों की तेज गति और हाईवे पर व्यवस्थाओं की कमी हादसों को बढ़ावा दे रही हैं।
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बिड़ौली से लेकर काबड़ौत पुल तक हाईवे पर कई खतरनाक मोड़ तथा कट आते हैं। जिन पर विभाग द्वारा कोई संकेतक नहीं लगाया गया है। यही नहीं स्पीड को कंट्रोल करने के लिए संकरे पुल से पहले कई भी स्पीड ब्रेकर तक नहीं हैं।
रात में मोड़ पर दिखाई देने वाले रिफ्लेक्टर भी कहीं-कहीं नजर आते हैं। इसके साथ बोर्ड पर संकेतक चिह्न लगाए जाते हैं, जो हाईवे से गायब है। डेलीनेटर भी कहीं दिखाई नहीं दिए।
जून और जुलाई में हुए हादसे
चार जून - टपराना गांव के पास आयुष अविश व अंकुश बाइक टकराने से घायल
11 जून- शाकिर मलिक व अकरम की कार काठा नदी के पास डिवाइडर से टकराकर पलटी, दोनों गंभीर घायल 21 जून- अहमदगढ़ के पास शामली निवासी अमित हादसे में घायल
27 जून को हादसा में एक किसान की मौत, केरटू के पास हुआ हादसा
28 जून- नीरज व जसबीर पटनी परतापुर के पास हादसे में घायल
28 जून को बिडौली यमुना पुल हादसे में अर्जुन व रिंकू की मौत हो गई।
पांच जुलाई- काठा नदी पुल के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से बरनावी निवासी बाइक सवार रिंकू घायल
नौ जुलाई- हाईवे पर कार में सवार चार की मौत, एक गंभीर।
छह माह पूर्व काबड़ौत पुल पर ट्रक कृष्णा नदी में गिरा, ड्राइवर की मौत हो गई थी।
मेरठ-करनाल हाईवे पर सात खतरनाक प्वाइंट
प्वाइंट एक - बिड़ौली यमुना पुल सिंगल रोड।
प्वाइंट दो - केरटू में खोखरी नदी का पुल।
प्वाइंट तीन - झिंझाना के पास काठा नदी पर पुराना पुल है, पुल संकरा है और वन-वे है, इस कारण यहां पर फोरलेन हाईवे टू लेन में बदल जाता है।
प्वाइंट चार - लक्ष्मणपुरा गांव के पास हाईवे निर्माण के दौरान साइड में एक मजार। जिसके चलते फॉर लेन हाईवे पर यहां भी कट है।
प्वाइंट पांच - शामली के पास पूर्वी यमुना नहर पुल, यहां पर फोरलेन हाइवे टू लेन में बदल जाता है। साथ ही नहर की पटरी की क्रासिंग है।
प्वाइंट छह - शामली में बुढ़ाना तिराहे से आगे सिंभालका के पास हाईवे वन-वे हो जाता है।
प्वाइंट सात - काबड़ौत में नदी का पुल संकरा है और यहां पर बड़ा घुमाव है।
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शामली के बीच से मेरठ-करनाल हाईवे गुजरता है। बिड़ौली यमुना से लेकर मेरठ रोड पर लांक गांव तक शामली जनपद में करीब 42 किलोमीटर की दूरी के इस हाईवे पर कई एक्सीडेंट प्वाइंट हैं।
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अक्सर इन प्वाइंटों पर हादसे होते रहते हैं। हाईवे होने के कारण वाहनों की स्पीड ज्यादा होती है। जगह जगह कट हैं, तो नाले, रजवाहे और नहर की पुलिया भी पड़ती हैं। कई जगह फोरलेन हाईवे सिंगल रोड में तब्दील हो जाता है। रात में वाहनों की तेज गति और हाईवे पर व्यवस्थाओं की कमी हादसों को बढ़ावा दे रही हैं।
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बिड़ौली से लेकर काबड़ौत पुल तक हाईवे पर कई खतरनाक मोड़ तथा कट आते हैं। जिन पर विभाग द्वारा कोई संकेतक नहीं लगाया गया है। यही नहीं स्पीड को कंट्रोल करने के लिए संकरे पुल से पहले कई भी स्पीड ब्रेकर तक नहीं हैं।
रात में मोड़ पर दिखाई देने वाले रिफ्लेक्टर भी कहीं-कहीं नजर आते हैं। इसके साथ बोर्ड पर संकेतक चिह्न लगाए जाते हैं, जो हाईवे से गायब है। डेलीनेटर भी कहीं दिखाई नहीं दिए।
जून और जुलाई में हुए हादसे
चार जून - टपराना गांव के पास आयुष अविश व अंकुश बाइक टकराने से घायल
11 जून- शाकिर मलिक व अकरम की कार काठा नदी के पास डिवाइडर से टकराकर पलटी, दोनों गंभीर घायल 21 जून- अहमदगढ़ के पास शामली निवासी अमित हादसे में घायल
27 जून को हादसा में एक किसान की मौत, केरटू के पास हुआ हादसा
28 जून- नीरज व जसबीर पटनी परतापुर के पास हादसे में घायल
28 जून को बिडौली यमुना पुल हादसे में अर्जुन व रिंकू की मौत हो गई।
पांच जुलाई- काठा नदी पुल के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से बरनावी निवासी बाइक सवार रिंकू घायल
नौ जुलाई- हाईवे पर कार में सवार चार की मौत, एक गंभीर।
छह माह पूर्व काबड़ौत पुल पर ट्रक कृष्णा नदी में गिरा, ड्राइवर की मौत हो गई थी।
मेरठ-करनाल हाईवे पर सात खतरनाक प्वाइंट
प्वाइंट एक - बिड़ौली यमुना पुल सिंगल रोड।
प्वाइंट दो - केरटू में खोखरी नदी का पुल।
प्वाइंट तीन - झिंझाना के पास काठा नदी पर पुराना पुल है, पुल संकरा है और वन-वे है, इस कारण यहां पर फोरलेन हाईवे टू लेन में बदल जाता है।
प्वाइंट चार - लक्ष्मणपुरा गांव के पास हाईवे निर्माण के दौरान साइड में एक मजार। जिसके चलते फॉर लेन हाईवे पर यहां भी कट है।
प्वाइंट पांच - शामली के पास पूर्वी यमुना नहर पुल, यहां पर फोरलेन हाइवे टू लेन में बदल जाता है। साथ ही नहर की पटरी की क्रासिंग है।
प्वाइंट छह - शामली में बुढ़ाना तिराहे से आगे सिंभालका के पास हाईवे वन-वे हो जाता है।
प्वाइंट सात - काबड़ौत में नदी का पुल संकरा है और यहां पर बड़ा घुमाव है।